राजनीति

Arun Sao  सोशल मीडिया में टॉप पर ट्रेंड कर रहा  HBday Arun Sao: X पर छाया डिप्‍टी CM का जन्‍मदिन

Arun Sao  रायपुर। छत्‍तीसगढ़ उप मुख्‍यमंत्री अरुण साव का आज 25 नवंबर को जन्‍म दिन है। प्रदेश भाजपा के सबसे लोकप्रिय नेताओं में शामिल अरुण साव के जन्‍मदिन को लेकर न केवल उनके समर्थक और पार्टी कार्यकर्ताओं में उत्‍साह है बल्कि आम लोग भी अपने उप मुख्‍यमंत्री को बधाई दे रहे हैं। यही वजह है कि अरुण साव का जन्‍म दिन आज सोशल मीडिया में टॉप पर ट्रेंड कर रहा है।

बधाईयों का लगा तांता

डिप्‍टी CM अरुण साव के जन्‍मदिन के अवसर पर सोशल मीडिया में लोग जमकर बधाई दे रहे हैं। इसी वजह से अरुण साव का जन्‍मदिन अलग-अलग कीवर्ड के साथ ट्रेंड कर रहा है।

इन कीवर्ड के साथ हो रहा ट्रेंड

उप मुख्‍यमंत्री अरुण साव के जन्‍मदिन पर राष्‍ट्रीय स्‍तर पर जो तीन कीवर्ड ट्रेंड कर रहा है। इसमें सबसे ज्‍यादा  HDay Arun Sao ट्रेंड कर रहा है। HDB Arun sao के साथ ही श्री अरुण भी सोशल मीडिया में राष्‍ट्रीय स्‍तर पर ट्रेंड कर रहा है।

खास और आम सभी दे रहे बधाई

डिप्‍टी सीएम अरुण साव को खास और आम सभी जन्‍मदिन की बधाई दे रहे हैं। मुख्‍यमंत्री विष्‍णुदेव साय, विधानसभा अध्‍यक्ष डॉ. रमन सिंह, डिप्‍टी सीएम विजय शर्मा समेत राज्‍य के सभी मंत्री और विधायकों ने अरुण साव को जन्‍मदिन की बधाई दी है।

प्रदेश की सत्‍ता में पार्टी की वापसी करा बने सबसे लोकप्रिय

बता दें कि 2019 में बिलासपुर से सांसद चुने गए अरुण साव को राज्‍य में विधानसभा चुनाव से ठीक पहले अगस्‍त 2022 में प्रदेश भाजपा की कमान सौंपी गई। अरुण साव के प्रदेश अध्‍यक्ष बनते ही भाजपा पूरी तरह एक्टिव मोड में आ गई। 2023 का विधानसभा चुनाव भाजपा ने अरुण साव के नेतृत्‍व में ही लड़ा और सत्‍ता में वापसी की।

पार्टी के कर्मठ कार्यकर्ता

छत्‍तीसगढ़ के उप मुख्‍यमंत्री अरुण साव की छवि पार्टी में कर्मठ कार्यकर्ता के रुप में है। उन्‍होंने अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत एबीवीपी के जरिये छात्र राजनीति से की थी। वे एबीवीपी की मुंगेली इकाई के अध्‍यक्ष रह चुके हैं। 1996 में युवा मोर्चा में विभिन्‍न पदों पर काम किए।

नेतृत्‍व क्षमता के दम पर हासिल की लोकप्रियता

डिप्‍टी सीएम अरुण साव प्रदेश के सबसे लोकप्रिय और सक्रिय नेताओं में शामिल हैं। अरुण साव के नेतृत्‍व क्षमता का लोहा सभी मानते हैं। 2018 में प्रदेश की सत्‍ता से बाहर होने के बाद छत्‍तीसगढ़ में भाजपा की स्थिति अच्‍छी नहीं थी। पांच साल के भीतर दो प्रदेश अध्‍यक्ष बदले गए लेकिन इसका कोई खास असर नहीं दिखा। ऐसे में विधानसभा चुनाव से ठीक पहले पार्टी ने अरुण साव को प्रदेश अध्‍यक्ष की जिम्‍मेदारी सौंपी।

अरुण साव के अध्‍यक्ष बनते ही दौड़ने लगा करंट

अरुण साव के प्रदेश भाजपा अध्‍यक्ष बनते ही पार्टी और कार्यकर्ताओं में अचानक करंट दौड़ने लगा और तत्‍कालीन कांग्रेस सरकार के खिलाफ भाजपा ने एक साथ कई मोर्चों पर घेराबंदी शुरू कर दी। इसका असर 2023 के विधानसभा में दिखा, हालांकि मतदान के बाद आए ज्‍यादातर एक्जिट पोल कांग्रेस के पक्ष में थे, लेकिन परिणाम भाजपा के पक्ष में आया। पार्टी ने रिकार्ड जीत दर्ज की।

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