
जबलपुर। मध्य प्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड (MPPGCL) ने अपने हजारों कर्मचारियों के लिए एक महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। कंपनी ने ‘दोहरा कार्य भत्ता’ (Dual Duty Allowance) की दरों में संशोधन करने का फैसला लिया है। यह आदेश उन कर्मचारियों पर लागू होगा जो अपने मूल पद के साथ-साथ किसी उच्च पद का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे हैं।
यह कदम मध्य प्रदेश शासन के वित्त विभाग द्वारा सरकारी सेवकों के लिए किए गए संशोधन के बाद उठाया गया है। कंपनी ने अब इसे अपने कर्मियों के लिए भी लागू कर दिया है।
क्या है नया नियम?
कंपनी द्वारा जारी आदेश के अनुसार, अब ‘दोहरा कार्य भत्ता’ कर्मचारी की एक वेतन वृद्धि (One Increment) के बराबर होगा। इसकी गणना दो आधारों पर की जाएगी:
- जिस उच्च पद का अतिरिक्त कार्य किया जा रहा है, उसका प्रारंभिक मूल वेतन।
- कर्मचारी के मूल पद से आगामी पद के वेतनमान (मैट्रिक्स लेवल) में प्रारंभिक मूल वेतन। इन दोनों में से जो भी कम होगा, उसे भत्ते के आधार के रूप में निर्धारित किया जाएगा।
कब से लागू होगा आदेश?
MPPGCL के मानव संसाधन एवं प्रशासन विभाग द्वारा जारी आदेश के मुताबिक, संशोधित दरों का लाभ 01 अप्रैल 2025 से प्रभावी माना जाएगा। जिन मामलों में भर्ती नियमों के तहत अगले उच्च पद का स्पष्ट उल्लेख नहीं है, वहां ‘वेतन पुनरीक्षण नियम 2017’ के अगले उच्च क्रम के वेतनमान को आधार बनाया जाएगा।
इन शर्तों का पालन है जरूरी
भत्ते का लाभ लेने के लिए कुछ पुरानी शर्तें यथावत रहेंगी:
- न्यूनतम अवधि: यह भत्ता तभी देय होगा जब अतिरिक्त कार्य की अवधि कम से कम 15 दिन हो।
- अधिकतम समय सीमा: किसी भी स्थिति में यह भत्ता 1 वर्ष से अधिक की अवधि के लिए नहीं दिया जाएगा।
- लिखित आदेश: दोहरा कार्य भत्ता तभी मिलेगा जब सक्षम अधिकारी द्वारा लिखित में आदेश जारी किया गया हो।
- पात्रता: यदि उच्च पद एक साल से अधिक समय से रिक्त है, तो उस पर कार्य करने पर यह भत्ता नहीं मिलेगा।
किन पदों पर नहीं मिलेगा लाभ?
आदेश में स्पष्ट किया गया है कि पे-बैंड-4 (Pay Band-4) और उससे ऊंचे पदों पर कार्यरत अधिकारियों को इस दोहरे कार्य भत्ते का लाभ नहीं दिया जाएगा। कंपनी के इस फैसले से उन जूनियर और मिडिल लेवल के कर्मचारियों को आर्थिक मजबूती मिलेगी जो अतिरिक्त जिम्मेदारी निभा रहे हैं।








