
रायपुर। छत्तीसगढ़ में अन्य पिछड़ा वर्गों (OBC) के कल्याण और उनके सटीक आंकड़ों को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाने के लिए एक बहुत बड़ा कदम उठाने जा रही है । संचालनालय नगरीय प्रशासन एवं विकास (Directorate of Urban Administration and Development), नवा रायपुर ने प्रदेश के सभी नगरीय निकायों को एक महत्वपूर्ण निर्देश जारी किया है । इस निर्देश के तहत, राज्य में पहले हो चुके अन्य पिछड़ा वर्ग के सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक स्थिति सर्वे (Socio-Economic Survey) के आंकड़ों को अब एक विशेष ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड किया जाना है ।
इस डेटा एंट्री (Data Entry) को पूरी तरह से त्रुटिरहित (Error-Free) और सुव्यवस्थित बनाने के लिए सरकार आगामी 20 मई 2026 को राज्य स्तर पर एक वृहद वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (Video Conferencing – VC) प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने जा रही है । इस महा-ट्रेनिंग में राज्य के सभी नगर पालिक निगमों के आयुक्तों और नगर पालिका परिषदों व नगर पंचायतों के मुख्य नगर पालिका अधिकारियों (CMO) को अपने ऑपरेटर्स को शामिल करने के लिए कड़े निर्देश दिए गए हैं ।
क्यों हो रही है यह डेटा एंट्री? जानिए पूरा मामला
छत्तीसगढ़ पिछड़ा वर्ग कल्याण आयोग (Chhattisgarh Backward Classes Welfare Commission), रायपुर द्वारा वर्ष 2024 में पूरे राज्य में अन्य पिछड़ा वर्गों की सामाजिक, आर्थिक एवं शैक्षणिक दशा के अध्ययन हेतु स्थानीय निकायों (Local Bodies) के माध्यम से एक व्यापक सर्वे कराया गया था । इस सर्वे के दौरान जुटाए गए सभी महत्वपूर्ण आंकड़े और जानकारियां वर्तमान में सभी निकायों में ‘प्रपत्र-54′ (Form-54) में संधारित यानी सुरक्षित रखी गई हैं ।
अब, इन आंकड़ों का विस्तृत विश्लेषण (Detailed Data Analysis) करने और भविष्य की सरकारी योजनाओं (Government Schemes) को बेहतर ढंग से लागू करने के लिए, आयोग द्वारा तैयार किए गए एक कस्टमाइज्ड ऑनलाइन पोर्टल (Online Portal) पर प्रपत्र-54 की सभी जानकारियों को अपलोड किया जाना अनिवार्य कर दिया गया है । डिजिटल इंडिया (Digital India) की दिशा में इसे छत्तीसगढ़ सरकार का एक बड़ा प्रशासनिक सुधार माना जा रहा है।
विभागीय आदेश और समय सारणी (Training Schedule)
संचालनालय नगरीय प्रशासन एवं विकास के संयुक्त संचालक द्वारा जारी पत्र (क्र./शा-1/विविध/7115/2026/3182) के अनुसार, यह प्रशिक्षण दो अलग-अलग सत्रों में संभागवार आयोजित किया जाएगा । ऑपरेटर्स की सुविधा और सुचारू कनेक्टिविटी के लिए समय को विभाजित किया गया है —
- प्रथम सत्र (सत्र-1): रायपुर एवं बस्तर संभाग (Raipur and Bastar Division) के अंतर्गत आने वाले सभी नगरीय निकायों के ऑपरेटर्स के लिए प्रशिक्षण 20 मई 2026 को प्रातः 11:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक आयोजित होगा ।
- द्वितीय सत्र (सत्र-2): सरगुजा, बिलासपुर एवं दुर्ग संभाग (Surguja, Bilaspur and Durg Division) के नगरीय निकायों के ऑपरेटर्स के लिए यह प्रशिक्षण 20 मई 2026 को दोपहर (पूर्वान्ह) 12:00 बजे से दोपहर 01:00 बजे तक चलेगा ।
त्रुटिरहित डेटा एंट्री पर विशेष जोर: E-E-A-T के मायने
पिछड़ा वर्ग कल्याण आयोग के सचिव द्वारा नगरीय प्रशासन विभाग को भेजे गए पत्र के मुताबिक, इस डेटा ट्रांसफर का मुख्य उद्देश्य राज्य के नीति निर्धारकों को सटीक जमीनी हकीकत प्रदान करना है । चूँकि यह डेटा अत्यंत संवेदनशील और महत्वपूर्ण है, इसलिए प्रथम चरण (First Phase) में केवल नगरीय निकायों द्वारा नियुक्त अधिकृत कंप्यूटर ऑपरेटर्स (Authorized Computer Operators) को ही प्रशिक्षित किया जा रहा है ।
प्रशिक्षण के दौरान निम्नलिखित तकनीकी बिंदुओं पर विशेष फोकस रहेगा:
- सटीक प्रविष्टि (Accurate Data Entry): प्रपत्र-54 में दर्ज एक-एक जानकारी को बिना किसी स्पेलिंग या संख्यात्मक त्रुटि के पोर्टल पर डालना ।
- श्रेणीबद्ध वर्गीकरण (Categorized Sorting): सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक मापदंडों को सही कॉलम में फीड करना ।
- डेटा वेरिफिकेशन (Data Verification): पोर्टल पर अपलोड करने के बाद फाइनल सबमिशन से पहले आंकड़ों का मिलान करना।
प्रशासनिक अमला अलर्ट पर, विभागीय वेबसाइट पर भी अपलोड होगा आदेश
नवा रायपुर अटल नगर से जारी इस आधिकारिक आदेश की प्रतिलिपि उप सचिव (Under Secretary), छ.ग. शासन, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग (मंत्रालय, महानदी भवन) के साथ-साथ पिछड़ा वर्ग कल्याण आयोग के सचिव को भी सूचनार्थ भेजी गई है । इसके अतिरिक्त, संचालनालय के प्रोग्रामर को निर्देश दिया गया है कि वे इस पूरे डेटा सेंटर आदेश (Data Center Order) को विभागीय वेबसाइट पर तुरंत अपलोड करें ताकि सभी अधिकारी इस प्रक्रिया से अपडेट रह सकें ।
इस सर्वे डेटा एंट्री के दूरगामी परिणाम (Key Highlights)
- पारदर्शिता (Transparency): ऑनलाइन पोर्टल पर डेटा आने से अन्य पिछड़ा वर्ग के कल्याणार्थ चलाई जा रही योजनाओं में पारदर्शिता आएगी।
- सटीक बजट आवंटन (Budget Allocation): किस क्षेत्र में ओबीसी वर्ग की शैक्षणिक या आर्थिक स्थिति कैसी है, इसके आधार पर भविष्य के बजट और विकास कार्य तय होंगे ।
- त्वरित नीति निर्धारण (Fast Policy Making): डिजिटल डेटा होने से फाइलों के चक्कर काटने की जरूरत नहीं होगी और आयोग सीधे एक क्लिक पर रिपोर्ट देख सकेगा ।
नगरीय प्रशासन विभाग ने स्पष्ट किया है कि इस प्रशिक्षण कार्यक्रम (Training Program) में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी । सभी निकायों के प्रमुखों को व्यक्तिगत रूप से यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि उनके ऑपरेटर्स इस वी.सी. में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहें ।

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