
नवा रायपुर। छत्तीसगढ़ में रहने वाले गरीब (बीपीएल) और आवासहीन परिवारों के लिए राज्य सरकार ने एक बेहद महत्वपूर्ण नीतिगत फैसला लिया है । राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग ने छत्तीसगढ़ राजपत्र में एक नई अधिसूचना जारी की है । इसके तहत शहरी क्षेत्रों में पट्टाधृति अधिकार प्राप्त करने के लिए पात्रता के कड़े और स्पष्ट नियम तय कर दिए गए हैं ।
इस नई अधिसूचना के बाद अब केवल वही परिवार शहर में जमीन का सरकारी पट्टा पाने के हकदार होंगे, जो सरकार की तरफ से निर्धारित वार्षिक आय सीमा के दायरे में आएंगे ।
अधिनियम 2023 के तहत लिया गया निर्णय (Government Notification)
राजस्व विभाग द्वारा जारी आधिकारिक राजपत्र (Gazette Notification) के अनुसार, यह कदम “छत्तीसगढ़ नगरीय क्षेत्रों के आवासहीन व्यक्ति को पट्टाधृति अधिकार अधिनियम, 2023” (क्रमांक 7 सन् 2023) के प्रावधानों के अंतर्गत उठाया गया है।
इस कानून की धारा 2 के खंड (घ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का उपयोग करते हुए राज्य सरकार ने पात्रता की शर्तों को अंतिम रूप दिया है । इसके परिणामस्वरूप (Consequently) अब पट्टा वितरण की प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी और वास्तविक जरूरतमंदों को ही इसका लाभ मिल सकेगा।
भ्रम दूर करना है जरूरी: केवल इनके लिए है पात्रता (Target Audience)
इस खबर को लेकर पाठकों में किसी प्रकार का असमंजस नहीं होना चाहिए। यह नियम ग्रामीण क्षेत्रों के लिए नहीं, बल्कि पूरी तरह से Urban Areas (नगरीय क्षेत्रों) के लिए ही प्रभावी है । यदि किसी परिवार की सामूहिक आय प्रतिवर्ष तीन लाख रुपये से ₹1 भी ऊपर पाई जाती है, तो वे इस अधिनियम के तहत पट्टा (Lease) प्राप्त करने के लिए अयोग्य घोषित कर दिए जाएंगे ।
सरकार का मुख्य उद्देश्य शहर की झुग्गी-झोपड़ियों और अवैध कब्जों में रह रहे बेहद गरीब तबके को मालिकाना हक देकर मुख्यधारा से जोड़ना है।
राज्यपाल के नाम से आदेश जारी (Official Authority)
यह महत्वपूर्ण शासकीय आदेश छत्तीसगढ़ के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार जारी किया गया है । राजपत्र में छपी इस अधिसूचना पर राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के उप-सचिव (Deputy Secretary) अरुण कुमार मरकाम के हस्ताक्षर हैं ।
राज्य शासन ने इस नियम का अंग्रेजी अनुवाद भी राज्यपाल के प्राधिकार से जारी किया है, ताकि विधिक रूप से इसकी व्याख्या स्पष्ट रहे ।
राजपत्र से जुड़ी महत्वपूर्ण तिथियां और तकनीकी विवरण (Quick Facts)
| शासकीय दस्तावेज विवरण | आधिकारिक जानकारी |
| संबंधित विभाग | राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग, छत्तीसगढ़ |
| अधिनियम का नाम | पट्टाधृति अधिकार अधिनियम, 2023 |
| अधिसूचना क्रमांक | GENS-2101/13/2025/सात 3 |
| मंत्रालय आदेश तिथि | 13 मई 2026 |
| राजपत्र प्रकाशन तिथि | 15 मई 2026 (शुक्रवार) |
| अधिकतम आय सीमा | ₹3,00,000/- वार्षिक |
कैसे करें पात्रता की जांच? (Next Steps for Beneficiaries)
शहरी क्षेत्रों के जो भी हितग्राही इस योजना के तहत पट्टा हासिल करना चाहते हैं, उन्हें अब अपने परिवार का प्राधिकृत अधिकारी द्वारा जारी Income Certificate (आय प्रमाण पत्र) तैयार रखना होगा। तीन लाख रुपये तक की आय सीमा वाले परिवारों का ही सर्वे सूची के आधार पर सत्यापन (Verification) किया जाएगा ।
चतुर विचार (Conclusion):
छत्तीसगढ़ सरकार का यह कदम शहरी गरीबों को स्थायित्व प्रदान करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। पट्टा मिलने से न सिर्फ उन्हें जमीन का हक मिलेगा, बल्कि वे भविष्य में सरकारी आवास योजनाओं का लाभ भी उठा सकेंगे।
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