
KCC रायपुर। छत्तीसगढ़ में किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) में बड़े फर्जीवाड़ा का खुलासा हुआ है। आरोप है कि राज्य में केसीसी में 646 करोड़ रुपए की गड़बड़ी सामने आई है। इसमें अंबिकापुर में 43 करोड़ और बरमकेला में नौ करोड़ के घोटाला की पुष्टि हो चुकी है। भ्रष्टाचार के इस बड़े मामले की जांच राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (ईओडब्ल्यू) करेगी।
अपेक्स बैंक अध्यक्ष ने दी जानकारी
राजधानी स्थित सहकारी (अपेक्स) बैंक मुख्यालय में मंगलवार को आयोजित प्रेसवार्ता में बैंक के अध्यक्ष केदारनाथ गुप्ता ने कहा कि भ्रष्टाचार करने वाला कोई भी बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि बैंक में हुई सभी गड़बड़ियों की जांच ईओडब्ल्यू से कराई जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच का यह फैसला केवल दोषियों को सजा दिलाने के लिए नहीं किया गया है बल्कि राज्य के लाखों किसानों के भरोसे को बहाल करने के लिए लिया गया है।
फर्जीवाड़ा रोकने बैंक में आधुनिक तकनीकों का प्रयोग
अपेक्स बैंक अध्यक्ष गुप्ता ने बताया कि ई-केसीसी और बैंकिंग सेवाओं के ऑनलाइन होने से फर्जी ऋण बांटने की गुंजाइश लगभग खत्म हो गई है। अब बैंकिंग की पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता लाई गई है। इसके अलावा, किसानों की सहूलियत के लिए ‘रुपे एटीएम कार्ड की सुविधा भी शुरू की गई है, जिससे वे अपनी जरूरत के हिसाब से आसानी से 40 हजार रुपए तक निकाल सकते हैं।
किसानों को अब होम लोन भी
सहकारी बैंक अब केवल खेती-किसानी तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि किसानों के जीवन स्तर को सुधारने के लिए उनके घर के सपनों को भी पूरा करेगा. बैंक अब कृषि ऋण के साथ-साथ किसानों को आवास ऋण की सुविधा भी प्रदान कर रहा है। अध्यक्ष गुप्ता ने बताया कि बैंक से जुड़ने वाले किसानों की संख्या अब बढ़कर 15 लाख 56 हजार तक पहुंच गई है।
ऐसे पकड़ में आया मामला
वर्ष 2024 25 के अपेक्स बैंक ने 15 लाख 22 हजार किसानों को 7908 करोड़ केसीसी लोन दिया था। 2025-26 में अपेक्स बैंक ने 7262 करोड़ को 15 लाख 56 किसानों को दिया गया था। यानी कि 34 लाख किसानों की संख्या बढ़ी जबकि 646 करोड़ कम लोन किसानों ने लिया और यही से गड़बड़ी की जानकारियां आना शुरू हो गई। इस दौरान किसानों की तरफ से लगातार किसान भी शिकायत कर रहे थे।




