
रायपुर में पावर कंपनी के स्क्रैप घोटाले का भंडाफोड़
रायपुर (chaturpost.com News Desk): छत्तीसगढ़ राज्य पावर कंपनी (Chhattisgarh State Power Company) के माना स्थित क्षेत्रीय भंडार से हजारों किलोग्राम एल्युमिनियम तार व एसीएसआर कंडक्टर स्क्रैप (ACSR Conductor Scrap) की अफरातफरी का एक बड़ा मामला सामने आया है।
माना स्टोर से महासमुंद परियोजना संभाग के लिए निकला कीमती कबाड़ तय ठिकाने पर पहुँचने के बजाय सीधे कोलकाता ब्लैक मार्केट (Black Market) में खपाने की तैयारी थी। However (हालांकि), खमतराई पुलिस की तत्परता से इस बड़ी साजिश का समय रहते पर्दाफाश हो गया है।
माना से महासमुंद के लिए निकले थे दो ट्रक, गोंदवारा में मिला सुराग
दर्ज रिपोर्ट के अनुसार, 16 जुलाई को पावर कंपनी के माना स्थित क्षेत्रीय भंडार से दो वाहनों (CG 04 MN 5761 एवं CG 04 NH 8725) में क्रमशः 10,380 किलोग्राम और 9,670 किलोग्राम एसीएसआर कंडक्टर स्क्रैप भरकर रवाना किया गया था। दोनों गाड़ियों का बकायदा गेट पास और कांटा पर्ची (Weight Slip) तैयार कर उन्हें महासमुंद भेजा गया था।
In Addition (इसके अतिरिक्त), जब 17 जुलाई तक दोनों वाहन महासमुंद नहीं पहुँचे, तो तलाश शुरू हुई। खमतराई पुलिस को सूचना मिली कि प्रीति ट्रांसपोर्ट गोंदवारा के गोदाम में कबाड़ की अफरातफरी की जा रही है। मौके पर दबिश देने पर पता चला कि एक वाहन सामान खाली करके जा चुका था, जबकि दूसरे वाहन से कबाड़ को तीसरे वाहन में पलटी किया जा रहा था।
रायगढ़ स्टोर में भी सामने आई थी ऐसी ही गड़बड़ी
यह पहला मामला नहीं है जब बिजली कंपनी के स्टोर से कबाड़ गायब करने का प्रयास किया गया हो। Recently (हाल ही में), रायगढ़ बिजली कंपनी के स्टोर में भी स्क्रैप बिक्री और तौल में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की बात सामने आई थी।
रायगढ़ मामले में पुलिस और विभागीय जाँच के बाद तौल में गड़बड़ी पाए जाने पर स्टोर के एक कर्मचारी को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया था, जबकि जिम्मेदार अभियंता के खिलाफ विभागीय जाँच के कड़े निर्देश जारी किए गए थे। रायपुर के इस ताज़ा मामले के बाद पावर कंपनी के सुरक्षा और इन्वेंट्री ट्रैकिंग सिस्टम पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।







