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Chitrakoot  ग्लोबल डेस्टिनेशन बनेगा चित्रकोट वाटरफॉल: मंत्री के साथ IAS डॉ. रोहित यादव ने उदयपुर दी प्रस्तुती

Chitrakoot  रायपुर। लेकसिटी उदयपुर में पिछले दिनों आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय पर्यटन सम्मेलन National Tourism Conference  में पर्यटन और संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने सम्मिलित होकर राज्य के पर्यटन संभावनाओं और योजनाओं पर केंद्र और अन्य राज्यों के मंत्रियों-अधिकारियों संग विचार-विमर्श किया।

अग्रवाल ने छत्तीसगढ़ के प्रमुख पर्यटन स्थलों को वन स्टेट वन डेस्टिनेशन One State One Destination में शामिल करने की आवश्यकता बताते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ के नियाग्रा Niagara कहे जाने वाले चित्रकोट वॉटरफाल waterfall को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने के लिए राज्य सरकार  प्रतिबद्ध है।

मंत्री ने प्रस्‍तुत किया प्रतिवेदन

इस संबंध में उन्होंने अपना प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। सम्मेलन में राज्य एवं केन्द्र शासित प्रदेशों के पर्यटन मंत्री विभागीय सचिवों सहित सम्मिलित हुए। इस वर्ष सम्मेलन की थीम ‘वन स्टेट-वन ग्लोबल टूरिज्म Global Tourism डेस्टिनेशन’ था, जिसके अंतर्गत प्रत्येक राज्य ने अपने प्रमुख पर्यटन स्थलों को वैश्विक global स्तर पर पहचान दिलाने के लिए प्रस्तुतिकरण दिया।

जीडीपी में पर्यटन की हिस्‍सेदारी 6 प्रतिशत

इस अवसर पर केन्द्रीय पर्यटन मंत्री गजेन्द्र शेखावत ने कहा कि पर्यटन क्षेत्र का योगदान अब भारत की जीडीपी GDP में लगभग 6 प्रतिशत तक पहुंच चुका है, जो अगले कुछ वर्षों में 10 प्रतिशत तक बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि भारत का लक्ष्य आने वाले वर्षों में विश्व के शीर्ष दस पर्यटन Tourism देशों में शामिल होना है।

Chitrakoot  वर्ल्‍ड ट्रैवल एंड टूरिज्म काउंसिल इंडेक्स

वर्ल्ड ट्रैवल एंड टूरिज्म काउंसिल इंडेक्स World Travel and Tourism Council Index में भारत की रैंकिग 2014 में जहां 60 के आसपास थी, वहीं अब यह 39वें स्थान पर पहुंच गई है। यदि केन्द्र और राज्य सरकारें मिलकर काम करें तो अगले पांच वर्षों में भारत इस रैंकिंग को 20वें स्थान तक ला सकता है, और 10 वर्षों में शीर्ष दस देशों में अपना स्थान बना सकता है।

50 ग्लोबल डेस्टिनेशन विकसित करने का लक्ष्य

इसके लिए केन्द्र सरकार ने 50 ग्लोबल डेस्टिनेशन Global Destination विकसित करने का लक्ष्य तय किया है। उन्होंने कहा कि दो दिन के सम्मेलन में बहुमूल्य सुझाव मिले हैं, जो पीएम नरेन्द्र मोदी के वन स्टेट, वन ग्लोबल डेस्टिनेशन One State One Destination के विजन को साकार करने में मील का पत्थर साबित होंगे।

छत्तीसगढ़ के नियाग्रा कहे जाने वाले चित्रकोट का प्रस्‍ताव

पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि वन स्टेट वन डेस्टिनेशन के लिए छत्तीसगढ़ के नियाग्रा कहे जाने वाले चित्रकोट वाटरफॉल Chitrakote Waterfall व ऐतिहासिक, पुरातात्विक, सांस्कृतिक और धार्मिक महत्व के सिरपुर Sirpur को भी वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने के लिए हमारी सरकार इस दिशा में कार्य कर रही है।

स्थानीय युवाओं को रोजगार

Chhattisgarh की प्राकृतिक सुंदरता, ऐतिहासिक धरोहरों और जनजातीय संस्कृति tribal culture की भव्यता को वैश्विक पहचान दिलाने की दिशा में हम कार्यरत हैं। पर्यटन के माध्यम से स्थानीय युवाओं को रोजगार प्राप्त होगा। इससे अर्थव्यवस्था economy को मजबूती मिलेगी वहीं पर्यटकों को स्थानीय सांस्कृतिक विरासत को जानने समझने का बेहतर माध्यम बनेगा।

Chitrakoot  प्रस्‍तुत की गई कार्ययोजना

सम्मेलन के दौरान चित्रकोट वाटरफॉल और इसके आसपास के प्रमुख स्थलों को भी विकसित करने के लिए कार्ययोजना action plan में जोडने की सहमति बनी। वर्ल्ड क्लास टूरिस्ट डेस्टिनेशन World class tourist destination के लिए जो पैरामीटर Parameters होनी चाहिए विकसित करने की दिशा में कार्य करने के निर्देश संबंधितों को दिए गए।         

आईएएस रोहित यादव ने साझा की बेहतरीन योजनाएं

छत्तीसगढ़ के पर्यटन विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव Dr. Rohit Yadav  ने पीएम नरेंद्र मोदी के वन स्टेट, वन ग्लोबल डेस्टिनेशन के विजन के तहत छत्तीसगढ़ के धार्मिक, सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और प्राकृतिक स्थलों के विकास के लिए अपनाई जा रही बेहतरीन योजनाएं साझा की। उन्होंने  राज्य की आदिवासी संस्कृति, जैव-विविधता, ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक स्थलों दंतेश्वरी मंदिर, बस्तर, रामगढ़ की गुफाएं Ramgarh Caves, बारनवापारा अभ्यारण्य, मधेश्वर पर्वत Madheshwar Mountain आदि को केंद्र में रखते हुए प्रस्तुतिकरण दिया। पर्यटक सर्किट, ग्रामीण पर्यटन एवं स्थानीय हस्तशिल्प की वैश्विक ब्रांडिंग पर जोर देते हुए अपनी योजनाएं साझा की। अन्य राज्यों से आए हुए प्रतिनिधि मंडलों से पर्यटन उन्नयन, होमस्टे Homestay योजना, इको-टूरिज्म Eco-tourism पर भी चर्चा हुई।

इन राज्‍यों के प्रतिनिधि हुए शामिल

सम्मेलन का उद्देश्य सतत, उत्तरदायी और नवाचार-प्रधान पर्यटन मॉडल को बढ़ावा देना, केंद्र व राज्यों के मध्य नीति निर्माण में समन्वय स्थापित करना, देश में 50 प्रमुख पर्यटन ग्लोबल डेस्टिनेशन्स का विकास व रोजगार सृजन, नए पर्यटन सर्किट New tourist circuits का निर्माण एवं ग्लोबल डेस्टिनेशन की ओर उन्मुखता है। छत्तीसगढ़ सहित राजस्थान, पंजाब, उत्तराखंड, तमिलनाडु, तेलंगाना, पूर्वी व दक्षिणी राज्यों ने अपनी क्षेत्रीय विशेषताओं, पर्यटन सर्किट एवं नवाचार योजनाओं का प्रस्तुतिकरण दिया। सम्मेलन में केंद्रीय पर्यटन मंत्री  गजेन्द्र सिंह शेखावत, पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया, राजस्थान की उपमुख्यमंत्री  दिया कुमारी, विभिन्न राज्यों के पर्यटन मंत्री और अधिकारी उपस्थित थे।

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