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Raipur Airport पर बड़ा हादसा: फॉल्स सीलिंग से नीचे गिरा संविदा कर्मी, अत्यधिक गर्मी के चलते आया था चक्कर; इलाज के दौरान मौत

रायपुर (chaturpost.com): छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से एक बेहद ही हृदयविदारक और हैरान कर देने वाली खबर सामने आ रही है। रायपुर के माना स्थित स्वामी विवेकानंद हवाई अड्डे (Swami Vivekananda Airport, Raipur) पर आज एक बड़ा हादसा हो गया है। इस भीषण हादसे (tragic incident) में एक विद्युत संविदा कर्मी (electrical contract worker) की ऊंचाई से गिरने की वजह से दर्दनाक मौत हो गई।

यह पूरी घटना एयरपोर्ट के सबसे सुरक्षित माने जाने वाले सिक्योरिटी होल्ड एरिया (Security Hold Area – SHA) में घटित हुई। इस हादसे के बाद से पूरे एयरपोर्ट परिसर में हड़कंप मच गया है और सुरक्षा व्यवस्था व प्रबंधन पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। आइए जानते हैं कि आखिर यह पूरा घटनाक्रम (sequence of events) कैसे और क्यों हुआ।

भीषण गर्मी बनी काल: काम के दौरान अचानक आया चक्कर

यह दुःखद घटना आज यानी 21 मई 2026 की है। रायपुर में इन दिनों भीषण गर्मी और लू (heatwave condition) का प्रकोप चल रहा है। मिली जानकारी के मुताबिक, एयरपोर्ट के सिक्योरिटी होल्ड एरिया (SHA) के प्रथम तल (first floor) पर मेंटेनेंस और सुधार कार्य (repair work) चल रहा था।

इस सुधार कार्य की जिम्मेदारी विद्युत संविदा कर्मी कुबेर चंद्र साहू संभाल रहे थे। वे फॉल्स सीलिंग (false ceiling) के ऊपर चढ़कर बिजली से जुड़ा कुछ काम कर रहे थे। इसी दौरान, अत्यधिक गर्मी और उमस (extreme heat and humidity) के कारण उन्हें अचानक तेज चक्कर आया और वे बेहोश (unconscious) हो गए।

फॉल्स सीलिंग टूटी और सीधे फर्श पर आ गिरे कुबेर

जैसे ही कुबेर चंद्र साहू को चक्कर आया, वे अपना संतुलन (balance) खो बैठे। चूंकि वे फॉल्स सीलिंग के सहारे काम कर रहे थे, इसलिए सीलिंग उनका वजन बर्दाश्त नहीं कर सकी।

बड़ी लापरवाही या महज हादसा?

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, चक्कर आने के तुरंत बाद कुबेर चंद्र साहू फॉल्स सीलिंग की भारी ऊंचाई से सीधे नीचे फर्श पर आ गिरे। नीचे गिरते ही वे लहूलुहान हो गए और उनके सिर व शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें (severe injuries) आईं।

एयरपोर्ट पर तत्काल राहत एवं बचाव कार्य (Rescue Operation)

घटना की जानकारी मिलते ही एयरपोर्ट अथॉरिटी (Airport Authority) और वहां तैनात सुरक्षा बल के जवानों में अफरा-तफरी मच गई। संबंधित अधिकारियों और एयरपोर्ट प्रबंधन (airport management) द्वारा बिना एक पल गंवाए तत्काल राहत एवं बचाव कार्य (rescue operation) प्रारंभ किया गया।

घायल कर्मचारी कुबेर चंद्र साहू को तुरंत एयरपोर्ट के मेडिकल रूम में प्राथमिक उपचार (first aid treatment) उपलब्ध कराया गया। इसके बाद, उनकी नाजुक स्थिति को देखते हुए एयरपोर्ट प्रबंधन द्वारा तुरंत एम्बुलेंस के जरिए उन्हें निकटतम अस्पताल (nearest hospital) भेजा गया।

अस्पताल में डॉक्टरों ने किया मृत घोषित, परिजनों में मचा कोहराम

अस्पताल पहुंचने के बाद डॉक्टरों की एक विशेष टीम ने तुरंत कुबेर चंद्र साहू का परीक्षण (medical examination) और उपचार शुरू किया। लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। अत्यधिक ऊंचाई से गिरने और अंदरूनी चोटों के कारण उनकी स्थिति बेहद गंभीर हो चुकी थी।

उपचार के दौरान ही डॉक्टरों ने श्री कुबेर चंद्र साहू को मृत घोषित (declared dead) कर दिया। जैसे ही यह खबर मृतक के परिजनों तक पहुंची, उनके घर में दुखों का पहाड़ टूट पड़ा और कोहराम मच गया।

पुलिस प्रशासन अलर्ट, जांच में जुटे सक्षम प्राधिकारी

इस पूरे मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए एयरपोर्ट प्रबंधन द्वारा घटना की लिखित सूचना तुरंत संबंधित पुलिस प्रशासन (local police administration) और अन्य सक्षम प्राधिकारियों (competent authorities) को दे दी गई है।

रायपुर की स्थानीय पुलिस ने अस्पताल पहुंचकर शव को अपने कब्जे में ले लिया है और पंचनामा की कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि नियमानुसार आवश्यक कानूनी कार्यवाही (legal action) की जा रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के सटीक कारणों का खुलासा हो सकेगा।

हादसे से जुड़े मुख्य बिंदु और एयरपोर्ट प्रबंधन का पक्ष

इस संवेदनशील मामले (sensitive matter) पर अपनी जवाबदेही तय करते हुए स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट प्रबंधन ने कुछ मुख्य कदम उठाए हैं और आधिकारिक बयान जारी किया है:

  • दुर्घटना के कारणों की जांच (Root Cause Analysis): एयरपोर्ट प्रबंधन द्वारा इस बात की गहनता से जांच की जा रही है कि कार्यस्थल पर सुरक्षा मानकों (safety protocols) का पालन किया गया था या नहीं।
  • ठेका एजेंसी के साथ समन्वय (Coordination with Contractor Agency): एयरपोर्ट अथॉरिटी ने संबंधित ठेका एजेंसी (contract agency) को तलब किया है, जिसके अंतर्गत मृतक कुबेर चंद्र साहू काम कर रहे थे।
  • परिजनों को हर संभव सहायता (Financial Assistance & Support): प्रबंधन ने आश्वासन दिया है कि पीड़ित परिवार को इस कठिन समय में अकेला नहीं छोड़ा जाएगा। ठेका एजेंसी के साथ मिलकर मृतक के परिजनों को हर संभव आर्थिक सहायता और सहयोग प्रदान किया जा रहा है।
  • काम के घंटों की समीक्षा (Review of Working Hours): अत्यधिक गर्मी को देखते हुए क्या दोपहर के वक्त ऐसे भारी काम करवाए जाने चाहिए? प्रबंधन अब इस विषय पर भी अपनी गाइडलाइंस की समीक्षा कर रहा है।

सुरक्षा पर उठते बड़े सवाल (Editorial Analysis)

एक जिम्मेदार न्‍यूज वेबसाइट chaturpost.com के नाते, हमारा यह फर्ज है कि हम इस घटना के हर पहलू को आपके सामने रखें। एयरपोर्ट जैसे अति-सुरक्षित और आधुनिक क्षेत्र में ऐसी घटना होना कई गंभीर सवालों को जन्म देती है:

  1. क्या कर्मचारी के पास सेफ्टी बेल्ट (Safety Belt/Harness) थी? यदि कुबेर ऊंचाई पर काम कर रहे थे, तो क्या उन्हें लाइफलाइन या सेफ्टी गियर दिया गया था?
  2. गर्मी को लेकर क्या थे इंतजाम? जब छत्तीसगढ़ में पारा 45 डिग्री के पार जा रहा है, तो वेंटिलेशन और हाइड्रेशन (पानी/ओआरएस) की क्या व्यवस्था थी?

उम्मीद है कि पुलिस प्रशासन और एयरपोर्ट अथॉरिटी की संयुक्त जांच (joint investigation) में इन सभी सवालों के जवाब निष्पक्षता से सामने आएंगे, ताकि भविष्य में किसी और मासूम श्रमिक को अपनी जान न गंवानी पड़े।

S. J. Kumar

पत्रकारिता के क्षेत्र में 22 वर्षों से अधिक का गहन अनुभव । सुदीर्घ करियर में राष्ट्रीय समाचार पत्रों में महत्वपूर्ण पदों पर सेवाएं दी हैं। जटिल मुद्दों के सरल विश्लेषण और खोजी रिपोर्टिंग के साथ राजनीति, प्रशासन और समसामयिक विषयों पर गहरी पकड़ है। पत्रकारिता में उत्कृष्ट योगदान के लिए राज्य स्तरीय पुरस्कारों से भी सम्मानित किया जा चुका है। वर्तमान में Chaturpost.com में सेवाएं दे रहे हैं।
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