
रायपुर। छत्तीसगढ़ ने विकास, सुशासन और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। भारत सरकार के उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (DPIIT) द्वारा जारी बहुप्रतीक्षित ‘LEADS 2025’ (Logistics Ease Across Different States) रिपोर्ट में छत्तीसगढ़ को ‘हाई परफॉर्मर’ राज्य का गौरवपूर्ण दर्जा दिया गया है।
यह रैंकिंग दर्शाती है कि छत्तीसगढ़ ने सड़क नेटवर्क, परिवहन सेवाओं, व्यापारिक सुगमता और रसद (Logistics) व्यवस्था को मजबूत करने में देश के कई बड़े राज्यों को पीछे छोड़ दिया है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय: “लक्ष्य केवल उद्योग नहीं, आम जन का जीवन सुगम बनाना”
इस उपलब्धि पर हर्ष व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि यह रैंकिंग राज्य सरकार की नीतियों और सुशासन के प्रति हमारी प्रतिबद्धता का परिणाम है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार का विजन केवल उद्योगों की स्थापना तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका सीधा उद्देश्य किसानों, छोटे व्यापारियों और युवाओं के जीवन स्तर को ऊंचा उठाना है।
उन्होंने कहा, “बेहतर कनेक्टिविटी से आज गांव का किसान अपनी उपज सीधे और तेजी से बड़े बाजारों तक पहुंचा पा रहा है। सुशासन और पारदर्शिता के कारण निवेशकों का भरोसा छत्तीसगढ़ पर बढ़ा है, जिससे राज्य में रोजगार के नए द्वार खुल रहे हैं।”
लॉजिस्टिक्स नीति 2025: अर्थव्यवस्था का नया ‘पावर हाउस‘
छत्तीसगढ़ की इस सफलता के पीछे राज्य सरकार द्वारा लागू की गई ‘लॉजिस्टिक्स नीति 2025′ की अहम भूमिका है। इस नीति के तहत सरकार ने क्रांतिकारी कदम उठाते हुए लॉजिस्टिक्स और वेयरहाउसिंग (भंडारण) क्षेत्र को ‘उद्योग‘ का दर्जा दिया है।
नीति की मुख्य विशेषताएं:
- परिवहन लागत में कमी: आधुनिक इन्फ्रास्ट्रक्चर के जरिए माल ढुलाई के समय और खर्च को कम किया गया है।
- OneClick Single Window Portal: उद्योगों को मिलने वाली अनुमतियों को डिजिटल और त्वरित बनाया गया है, जिससे ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ में सुधार हुआ है।
- रायपुर सिटी लॉजिस्टिक्स प्लान: राजधानी रायपुर के लिए एक विशेष योजना तैयार की गई है, जिससे शहर के भीतर ट्रैफिक का दबाव कम होगा और व्यावसायिक परिवहन अधिक व्यवस्थित हो सकेगा।
उद्योग मंत्री और अधिकारियों ने बताया भविष्य का रोडमैप
प्रदेश के उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन ने बताया कि राज्य में परिवहन व्यवस्था को आधुनिक बनाने के लिए तकनीक का सहारा लिया जा रहा है। इसका लाभ स्थानीय उद्यमियों और छोटे व्यापारियों को मिल रहा है। वहीं, वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के सचिव रजत कुमार ने कहा कि छत्तीसगढ़ अब तकनीक-सक्षम लॉजिस्टिक्स इकोसिस्टम विकसित करने की दिशा में तेजी से बढ़ रहा है।
किसानों और युवाओं के लिए क्या है इसके मायने?
- किसानों के लिए: वेयरहाउसिंग सुविधाओं के बढ़ने से फसल खराब होने का डर कम होगा और परिवहन सुलभ होने से उन्हें अपनी मेहनत का सही दाम मिलेगा।
- युवाओं के लिए: लॉजिस्टिक्स सेक्टर को उद्योग का दर्जा मिलने से सप्लाई चेन मैनेजमेंट, डेटा एंट्री, वेयरहाउस ऑपरेशंस और ट्रांसपोर्टेशन सेक्टर में हजारों नई नौकरियों की संभावनाएं पैदा हुई हैं।
- व्यापारियों के लिए: सिंगल विंडो सिस्टम के कारण अब सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने के बजाय सीधे ऑनलाइन माध्यम से तेजी से काम हो रहे हैं।
चतुर विचार: एक नई पहचान की ओर अग्रसर छत्तीसगढ़
LEADS 2025 की यह रिपोर्ट प्रमाणित करती है कि छत्तीसगढ़ अब केवल एक ‘खनिज प्रधान’ राज्य नहीं रहा, बल्कि अपनी मजबूत अधोसंरचना और जनहितकारी विकास मॉडल के कारण देश के उभरते हुए ‘इकोनॉमिक हब‘ के रूप में पहचान बना रहा है। सुशासन और विकास के इस संगम ने छत्तीसगढ़ को निवेश के लिए भारत के सबसे पसंदीदा राज्यों की श्रेणी में खड़ा कर दिया है।
LEADS 2024/25 रिपोर्ट की मुख्य विशेषताएं
इस बार की रिपोर्ट में कुछ नए बदलाव किए गए हैं ताकि मूल्यांकन अधिक सटीक और डेटा-आधारित हो सके:
- चार मुख्य स्तंभ (Pillars): रसद बुनियादी ढांचा (Infrastructure), रसद सेवाएं (Services), परिचालन और नियामक वातावरण (Operating Environment), और इस साल जोड़ा गया नया स्तंभ ‘सतत रसद’ (Sustainable Logistics)।
- डेटा का महत्व: इस रिपोर्ट में ऑब्जेक्टिव डेटा (Objective Data) का वेटेज 23% से बढ़ाकर 32.5% कर दिया गया है।
- पीएम गतिशक्ति का एकीकरण: राज्यों द्वारा बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की योजना बनाने में ‘पीएम गतिशक्ति नेशनल मास्टर प्लान’ के उपयोग को भी एक पैरामीटर माना गया है।
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राज्यों का वर्गीकरण (Performance Categories)
राज्यों को उनकी भौगोलिक स्थिति के आधार पर चार समूहों में बांटा गया है और प्रदर्शन के आधार पर तीन श्रेणियों (Achievers, Fast Movers, Aspirers) में रखा गया है:
| समूह (Group) | अचीवर्स (Achievers) | फास्ट मूवर्स (Fast Movers) | एस्पायरर्स (Aspirers) |
| तटीय राज्य (Coastal) | गुजरात, कर्नाटक, महाराष्ट्र, ओडिशा, तमिलनाडु | आंध्र प्रदेश, गोवा | केरल, पश्चिम बंगाल |
| लैंडलॉक्ड (Landlocked) | हरियाणा, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड | बिहार, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, पंजाब, राजस्थान | छत्तीसगढ़, झारखंड |
| उत्तर-पूर्वी राज्य | असम, अरुणाचल प्रदेश | मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, सिक्किम, त्रिपुरा | मणिपुर |
| केंद्र शासित प्रदेश | चंडीगढ़, दिल्ली | जम्मू-कश्मीर, पुडुचेरी, लद्दाख, लक्षद्वीप | अंडमान और निकोबार |
चतुरपोस्ट विश्लेषण: छत्तीसगढ़ का ‘एस्पायरर‘ से ‘हाई परफॉर्मर‘ श्रेणी में पहुंचना राज्य की प्रशासनिक सक्रियता को दर्शाता है। यदि यही गति बरकरार रही, तो आने वाले वर्षों में छत्तीसगढ़ रसद व्यवस्था में देश का शीर्ष राज्य बन सकता है।







