
EV Charging Station Rules Chhattisgarh रायपुर। छत्तीसगढ़ में इलेक्ट्रिक वाहनों (Electric Vehicles) का भविष्य अब और भी चमकदार होने वाला है। राज्य शासन के आवास एवं पर्यावरण विभाग (Housing and Environment Department) ने एक महत्वपूर्ण अधिसूचना जारी करते हुए ‘छत्तीसगढ़ भूमि विकास नियम, 1984’ में संशोधन कर दिया है। इस नए बदलाव (Amendment) के बाद अब प्रदेश के शहरों, नेशनल हाईवे और स्टेट हाईवे पर इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) चार्जिंग एवं सर्विस सेंटर खोलना काफी आसान हो जाएगा।
राज्यपाल के आदेशानुसार विशेष सचिव देवेन्द्र सिंह भारद्वाज द्वारा जारी इस अधिसूचना के तहत, अब भूमि विकास के लिए नए मानदंड (Development Norms) तय किए गए हैं।
किन जगहों पर खुल सकेंगे EV चार्जिंग स्टेशन? (Acceptable Zones)
सरकार ने EV स्टेशनों के लिए स्वीकार्य परिक्षेत्र (Acceptable Zones) का दायरा काफी बढ़ा दिया है। अब ये सुविधाएं निम्नलिखित स्थानों पर उपलब्ध हो सकेंगी:
- शहरों के मध्य क्षेत्र (Central Area) और उप-मध्य क्षेत्र।
- जिला केंद्र और सामुदायिक केंद्र।
- नगरीय क्षेत्रों में आवासीय (Residential) और औद्योगिक (Industrial) क्षेत्र।
- नेशनल हाईवे (NH) और स्टेट हाईवे (SH) के किनारे।
- माल परिवहन कॉम्प्लेक्स और नियोजित मुख्य सड़कें।
जमीन की कितनी होगी जरूरत? (Land Requirements)
नए नियमों में भूमि के क्षेत्रफल (Area) को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए गए हैं ताकि निवेशकों को कोई परेशानी न हो:
हाईवे पर हर 25 किलोमीटर पर सुविधा
सरकार ने लंबी दूरी तय करने वाले EV चालकों की चिंता दूर कर दी है। अधिसूचना के अनुसार:
- प्रत्येक 25 किलोमीटर पर राजमार्गों के दोनों ओर सार्वजनिक चार्जिंग केंद्र (PCS) स्थापित किए जाएंगे।
- प्रत्येक 100 किलोमीटर पर भारी इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए ‘फास्ट चार्जिंग’ (Fast Charging) या FCBCS की सुविधा दी जाएगी।
बिल्डिंग्स में ‘इन-बिल्डिंग सॉल्यूशन’ (Digital Infrastructure)
सिर्फ चार्जिंग ही नहीं, बल्कि संचार के क्षेत्र में भी बड़ा कदम उठाया गया है। नियम 89-ख के तहत अब भवनों में डिजीटल संचार अधोसंरचना (Digital Communication Infrastructure) के लिए ‘इन-बिल्डिंग सॉल्यूशन’ का प्रावधान लागू किया गया है। यह मॉडल बिल्डिंग बाय-लॉज 2016 के अनुरूप होगा।
जरूरी शर्तें और सुरक्षा मानक (Safety Norms)
EV चार्जिंग स्टेशन खोलते समय कुछ अनिवार्य शर्तों (Terms & Conditions) का पालन करना होगा:
- सड़क की चौड़ाई: स्टेशन ऐसी सड़क पर नहीं होगा जिसकी चौड़ाई (Right of Way) 30 मीटर से कम हो।
- मंजूरी (Approvals): विस्फोटक विभाग और अग्निशमन विभाग (Fire Department) से एनओसी लेना अनिवार्य होगा।
- सुविधाएं: फास्ट चार्जिंग के साथ लिक्विड कूल्ड केबल्स (LCC) और क्लाइमेट कंट्रोल इक्विपमेंट (CCE) का होना जरूरी है।
- उपलब्धता: सेवा प्रदाताओं (Service Providers) को यह सुनिश्चित करना होगा कि चार्जिंग सुविधा 24×7 उपलब्ध रहे।
चतुर विचार: रियल एस्टेट और ऑटो सेक्टर को मिलेगा बूस्ट
छत्तीसगढ़ सरकार का यह कदम राज्य में प्रदूषण कम करने और ग्रीन एनर्जी (Green Energy) को बढ़ावा देने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। इससे न केवल रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे, बल्कि रियल एस्टेट डेवलपर्स को भी अपने प्रोजेक्ट्स में नई सुविधाएं जोड़ने का कानूनी आधार मिल गया है।
E-E-A-T Note: यह खबर छत्तीसगढ़ राजपत्र (Chhattisgarh Gazette) दिनांक 13 मई 2026 में प्रकाशित आधिकारिक अधिसूचना संख्या RULE/170/2025-HOUSING पर आधारित है। chaturpost.com हमेशा आधिकारिक सरकारी दस्तावेजों के आधार पर सटीक जानकारी प्रदान करता है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs) – छत्तीसगढ़ EV चार्जिंग नियम
हाँ, राज्य सरकार की नई अधिसूचना के अनुसार नगरीय क्षेत्रों के आवासीय (Residential) और औद्योगिक उपयोग क्षेत्रों में भी इलेक्ट्रिक व्हीकल चार्जिंग एवं सर्विस सेंटर खोलने की अनुमति दी गई है।
राजमार्गों (Highways) और प्रमुख सड़कों के किनारे दोनों ओर प्रत्येक 25 किलोमीटर पर सार्वजनिक चार्जिंग केंद्र (PCS) स्थापित किए जाएंगे। इसके अलावा, लंबी दूरी और भारी इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए हर 100 किलोमीटर पर फास्ट चार्जिंग (Fast Charging) की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
एक स्टैंडअलोन सार्वजनिक चार्जिंग केंद्र के लिए न्यूनतम 13.5 मीटर x 5.5 मीटर क्षेत्रफल वाली भूमि की आवश्यकता होगी।
हाँ, सुरक्षा और सुगम यातायात के लिए यह अनिवार्य है कि चार्जिंग स्टेशन ऐसी सड़क पर स्थापित न किया जाए जिसका मार्ग अधिकार (Right of Way) 30 मीटर से कम हो।
हाँ, नियमों में बैटरी स्वैपिंग स्टेशन (BSS) का भी प्रावधान है। इसे स्टैंडअलोन फास्ट चार्जिंग स्टेशनों के साथ जोड़ा जा सकता है, जिसके लिए न्यूनतम 5.5 मीटर x 2.75 मीटर अतिरिक्त जगह की आवश्यकता होगी।
नियमों के अनुसार, चार्जिंग स्टेशनों पर कनेक्शन और मीटरिंग की सुविधा सेवा प्रदाताओं द्वारा सुनिश्चित की जाएगी और यह सभी उपयोगकर्ताओं के लिए 24×7 (चौबीसों घंटे) उपलब्ध रहेगी।
फास्ट चार्जिंग केंद्रों पर कम से कम दो चार्जर होने चाहिए: एक CCS प्रकार का और दूसरा CHAdeMo प्रकार का, जो प्रत्येक न्यूनतम 100 किलोवाट (kW) क्षमता के हों। साथ ही, इन्हें लिक्विड कूल्ड केबल्स (LCC) से सुसज्जित होना अनिवार्य है।







