
Agriculture रायपुर। छत्तीसगढ़ के दौरे पर आए केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने छत्तीसगढ़ के लिए एक विशेष वैज्ञानिक टीम गठित करने का ऐलान किया है। यह टीम राज्य की एग्रो-क्लाइमेटिक कंडीशन Agro-climatic conditions के मुताबिक फसलों की बेहतर किस्म, कीट नियंत्रण, रिसर्च और इंटीग्रेटेड फार्मिंग मॉडल Integrated farming model पर काम करेगी। शनिवार को यहां आयोजित में प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने यह जानकारी दी।
इसी सप्ताह बन जाएगी टीम
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि भारत सरकार की यह टीम इसी हफ्ते गठित कर दी जाएगी, जिसमें वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक, कृषि विभाग के अधिकारी और टेक्निकल एक्सपर्ट Technical Expert शामिल होंगे। टीम राज्य सरकार के अधिकारियों के साथ मिलकर किसानों की समस्याओं का वैज्ञानिक Scientist समाधान तलाशेगी और यह तय करेगी कि छत्तीसगढ़ में कौन-सी फसल और कौन-सी वैरायटी Variety सबसे बेहतर उत्पादन दे सकती है।
खेतों में जाकर किसानों से की मुलाकात
चौहान ने कहा कि अपने प्रवास के दौरान उन्होंने Chhattisgarh के किसान भाईयों से मुलाकात की, खेती का काम देखा और किसान मेले के माध्यम से भी किसानों से सीधे संवाद किया। साथ ही कृषि और ग्रामीण विकास की योजनाओं की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने कहा कि मुझे गर्व और प्रसन्नता है कि Chief minister विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में कृषि और ग्रामीण विकास के क्षेत्र में अच्छा काम हो रहा है। ‘
प्रदेश अब फल-सब्जी में भी आगे
केंद्रीय मंत्री चौहान ने खपरी क्षेत्र के दौरे का जिक्र करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ सिर्फ धान का कटोरा Rice bowl नहीं रहा, बल्कि अब फल और सब्जियों के उत्पादन में भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि यहां नर्सरी में ग्राफ्टिंग Grafting के जरिए पौधे तैयार किए जा रहे हैं। भटा (बैंगन) पर टमाटर की खेती, तीखी मिर्च पर शिमला मिर्च, ड्रैगन फ्रूट, ब्लूबेरी और केले की खेती के प्रयोग देखने को मिले। किसानों ने बताया कि जहां परंपरागत फसलों से 35-40 हजार रुपये प्रति एकड़ की बचत होती है, वहीं फल-सब्जियों की खेती से एक लाख रुपए प्रति एकड़ तक की आमदनी संभव हो रही है।
हाईटेक मंडी, ड्राई पोर्ट और रिसर्च की मांग
किसानों ने हाईटेक मंडी और ड्राई पोर्ट की जरूरत भी सामने रखी, जिस पर सरकार ने विचार कर निर्णय लेने की बात कही। इसके साथ ही यह मुद्दा भी सामने आया कि कब और कितना पेस्टीसाइड डालना है, बीमारी का कारण क्या है और बीमारी आने से पहले ही उसे कैसे कंट्रोल किया जाए। शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि उनके साथ कृषि विभाग की पूरी टीम आई है, जिसमें अधिकारी और वैज्ञानिक शामिल हैं। सभी बिंदुओं पर चर्चा की गई और कृषि विभाग की समीक्षा में हर डिविजन में काम अच्छा पाया गया।
इंटीग्रेटेड फार्मिंग से बढ़ेगी किसानों की आय
छत्तीसगढ़ में इंटीग्रेटेड फार्मिंग मॉडल पर काम किए जाने की जानकारी देतें हुए शिवराज सिंह चौहान कहा कि इसके तहत कम जमीन में फसलों के साथ-साथ सब्जी उत्पादन, पशुपालन, मछली पालन और कृषि वानिकी को जोड़कर किसानों की आय बढ़ाने पर जोर रहेगा। उन्होंने कहा कि इस दिशा में बहुत अच्छी समीक्षा बैठक हुई है और आगे ठोस कदम उठाए जाएंगे।
प्रधानमंत्री आवास योजना पर बड़ा दावा
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पिछली कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि भूपेश बघेल सरकार के दौरान छत्तीसगढ़ को प्रधानमंत्री आवास योजना से वंचित किया गया। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रतिबद्धता के तहत पिछले डेढ़ साल में छत्तीसगढ़ को 18 लाख 12 हजार 742 प्रधानमंत्री आवास दिए गए हैं। इसमें 2011 की प्रतीक्षा सूची, 2018 की आवास प्लस सूची, 2016 से 2023 के शेष आवास और मुख्यमंत्री निवास योजना के नाम से दिए गए मकान भी शामिल हैं। इसके अलावा नक्सल पीड़ित इलाकों के लिए 15 हजार अतिरिक्त आवास स्वीकृत किए गए हैं।
नक्सल प्रभावित इलाकों में भी सर्वे
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि नक्सल प्रभावित इलाकों में जहां पहले सर्वे तक नहीं हो पाता था, वहां भी अब सर्वे किया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह का संकल्प है कि छत्तीसगढ़ को नक्सलवाद से पूरी तरह मुक्त किया जाएगा और इस दिशा में लगातार काम हो रहा है।




