कर्मचारी हलचल

बड़ी खबर: Dantewada में महिला कर्मचारियों से जुड़ा विवाद, High Court के आदेश के बाद DPO Varun Nagesh का निलंबन निरस्त

नवा रायपुर / दंतेवाड़ा। छत्तीसगढ़ सरकार के महिला एवं बाल विकास विभाग (WCD Department) ने दंतेवाड़ा के तत्कालीन जिला कार्यक्रम अधिकारी (District Program Officer) वरुण नागेश के निलंबन आदेश को तत्काल प्रभाव से निरस्त (Suspension Canceled) कर दिया है।

यह प्रशासनिक कार्रवाई छत्तीसगढ़ शासन (Chhattisgarh Government) द्वारा माननीय उच्च न्यायालय बिलासपुर (Bilaspur High Court) से मिले स्थगन आदेश (Stay Order) के अनुपालन में की गई है। मंत्रालय (Mahanadi Bhawan) से इस संबंध में आधिकारिक आदेश भी जारी कर दिया गया है, जिसने राज्य के प्रशासनिक महकमे में हलचल तेज कर दी है।

जानिए क्या है पूरा मामला (Case Background)

दरअसल, यह पूरा विवाद महिला कर्मचारियों द्वारा की गई एक गंभीर शिकायत से जुड़ा हुआ है। विभागीय सूत्रों के मुताबिक, जिला कार्यक्रम अधिकारी Varun Nagesh के विरुद्ध महिला कर्मचारियों ने लैंगिक अनुकूलता की मांग संबंधी गंभीर शिकायत दर्ज कराई थी।

इस शिकायत के बाद, कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न (निवारण, प्रतिषेध, प्रतितोष) अधिनियम 2013 के प्रावधानों के तहत कलेक्टर दंतेवाड़ा (Collector Dantewada) ने एक आंतरिक जांच समिति (Internal Complaint Committee) का गठन किया था। इस समिति ने मामले की बारीकी से जांच कर 15 अप्रैल 2026 को अपनी रिपोर्ट सौंपी थी।

निलंबन और हाई कोर्ट का दखल (Suspension and High Court Appeal)

जांच समिति के प्रतिवेदन (Investigation Report) को आधार बनाते हुए राज्य सरकार ने कड़ा रुख अपनाया था। सरकार ने छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम, 1966 के तहत वरुण नागेश को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया था। इसके परिणामस्वरूप (Consequently), विभाग ने 29 अप्रैल 2026 को निलंबन का आदेश जारी किया था।

हालांकि (However), अपचारी अधिकारी वरुण नागेश ने इस निलंबन आदेश के खिलाफ हार नहीं मानी और उन्होंने माननीय उच्च न्यायालय बिलासपुर में एक रिट पिटीशन [WPC No. 2026/2026] दायर कर दी। इस याचिका पर सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट ने जांच समिति के प्रतिवेदन के क्रियान्वयन पर स्थगन (Stay) प्रदान कर दिया।

प्रशासनिक व्यवस्था पर असर (Administrative Impact)

इसके अतिरिक्त (In addition), माननीय उच्च न्यायालय द्वारा पारित आदेश के विधिक अनुपालन (Legal Compliance) को सुनिश्चित करने के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग के अवर सचिव सुभाष चंद्र कुजूर के हस्ताक्षर से नया आदेश जारी किया गया है। इस आदेश के तहत वरुण नागेश के निलंबन आदेश दिनांक 29.04.2026 को तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया गया है।

निश्चित रूप से (Certainly), इस फैसले के बाद दंतेवाड़ा जिले के महिला एवं बाल विकास विभाग के प्रशासनिक समीकरणों में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। अब देखना यह है कि बहाली के बाद विभाग में आगे की कानूनी और विभागीय प्रक्रिया (Departmental Inquiry) क्या मोड़ लेती है।

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Varun Nagesh

S. J. Kumar

पत्रकारिता के क्षेत्र में 22 वर्षों से अधिक का गहन अनुभव । सुदीर्घ करियर में राष्ट्रीय समाचार पत्रों में महत्वपूर्ण पदों पर सेवाएं दी हैं। जटिल मुद्दों के सरल विश्लेषण और खोजी रिपोर्टिंग के साथ राजनीति, प्रशासन और समसामयिक विषयों पर गहरी पकड़ है। पत्रकारिता में उत्कृष्ट योगदान के लिए राज्य स्तरीय पुरस्कारों से भी सम्मानित किया जा चुका है। वर्तमान में Chaturpost.com में सेवाएं दे रहे हैं।
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