
IPS रायपुर: छत्तीसगढ़ की विष्णुदेव साय सरकार ने पिछली भूपेश बघेल सरकार के एक और बड़े फैसले को पलट दिया है। आज मुख्यमंत्री निवास में हुई कैबिनेट की अहम बैठक में वर्ष 1988 बैच के तीन वरिष्ठ भारतीय पुलिस सेवा (IPS) अधिकारियों को बड़ी राहत दी गई है।
साय कैबिनेट ने आईपीएस संजय पिल्ले, आर.के. विज और मुकेश गुप्ता के खिलाफ पिछली सरकार द्वारा जारी पदावनति (Demotion) आदेश को तत्काल प्रभाव से निरस्त करने का निर्णय लिया है।
क्या था पूरा मामला?
बता दें कि 25 सितंबर 2019 को तत्कालीन भूपेश बघेल सरकार ने एक बड़ा कदम उठाते हुए इन तीनों वरिष्ठ अधिकारियों को डिमोट कर दिया था। उस समय सरकार का तर्क था कि इन अधिकारियों को पिछली (रमन सिंह) सरकार के दौरान नियमों के विरुद्ध एडीजी (ADG) से डीजी (DG) पद पर प्रमोट किया गया था। कैबिनेट ने भारत सरकार के गृह विभाग की सहमति न होने का हवाला देते हुए इनकी पदोन्नति रद्द कर दी थी। राज्य के इतिहास में यह पहला मौका था जब इतने सीनियर आईपीएस अफसरों को डिमोट किया गया हो।विष्णु कैबिनेट का ताजा फैसला: मौजूदा विष्णुदेव साय सरकार ने प्रशासनिक तथ्यों और परिस्थितियों का समग्र परीक्षण करने के बाद पाया कि 2019 का वह फैसला पुनर्विलोकन के योग्य है। मंत्रिपरिषद ने 24 सितंबर 2019 को लिए गए निर्णय को ‘अपास्त’ (Set aside) कर दिया है।
इस फैसले के साथ ही 26 सितंबर 2019 से पहले की स्थिति को ‘पुनर्जीवित’ (Restore) मान लिया गया है। इसका अर्थ यह है कि इन अधिकारियों की वरिष्ठता और पद अब बैठक से पूर्व की स्थिति में बहाल माने जाएंगे।
प्रशासनिक गलियारों में चर्चा: विष्णु कैबिनेट के इस फैसले को प्रशासनिक न्याय की बहाली के तौर पर देखा जा रहा है। सरकार का मानना है कि यह निर्णय पूर्णतः तथ्यों पर आधारित है। इस फैसले से पुलिस महकमे के भीतर भी एक बड़ा संदेश गया है कि पिछली सरकार के विवादास्पद फैसलों की समीक्षा कर सुधार किया जा रहा है।







