
नवा रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य की वित्तीय कार्यप्रणाली को और अधिक पारदर्शी और सुव्यवस्थित बनाने के लिए नवा रायपुर अटल नगर में “केन्द्रीय कोषालय” (Central Treasury) की स्थापना को मंजूरी दे दी है । वित्त विभाग द्वारा जारी हालिया अधिसूचना के अनुसार, यह नया निकाय 1 अप्रैल 2026 से अस्तित्व में आ चुका है ।
यह कोषालय विशेष रूप से SNA-SPARSH प्रणाली से संबंधित कार्यों का प्रबंधन करेगा और इसका अधिकार क्षेत्र किसी एक जिले तक सीमित न होकर संपूर्ण छत्तीसगढ़ राज्य में होगा ।
क्या है केंद्रीय कोषालय और कैसे करेगा काम?
केंद्रीय कोषालय राज्य सरकार के खजाने, खातों और पेंशन से संबंधित वित्तीय लेन-देनों के प्रबंधन का एक केंद्रीय मास्टर डेटाबेस है। सरल शब्दों में कहें तो यह राज्य के सभी वित्तीय लेनदेन का अंतिम सत्यापन केंद्र (Validation Center) होगा।
इसके मुख्य कार्यों को निम्नलिखित बिंदुओं से समझा जा सकता है:
- रिकॉर्ड का एकीकरण: छत्तीसगढ़ के सभी जिला कोषालयों से प्राप्त होने वाले वाउचर, चालान और अन्य वित्तीय अभिलेख यहां संकलित किए जाएंगे।
- लेखांकन और शुद्धता की जांच: यहांं तैनात विशेषज्ञ लेखापाल प्राप्त सामग्रियों की बारीकी से जांच करेंगे। यदि किसी दस्तावेज में कमी पाई जाती है, तो उसे तुरंत दुरुस्त कराया जाएगा।
- महालेखाकार (AG) को रिपोर्टिंग: सभी जिलों से एकत्रित खातों को संकलित कर अंतिम रिपोर्ट महालेखाकार (Accountant General) को भेजी जाएगी।
- डिजिटल प्रबंधन (E-Kosh): यह केंद्र ‘ई-कोष’ प्रणाली के माध्यम से बजट, व्यय और पेंशनभोगियों की जानकारी को ऑनलाइन प्रबंधित करेगा, जिससे वित्तीय प्रक्रियाओं में तेजी आएगी।
प्रशासनिक आदेश जारी
राज्यपाल के नाम से जारी इस आदेश पर उप-सचिव राजशेखर शर्मा के हस्ताक्षर हैं । इस निर्णय से न केवल वित्तीय विसंगतियां दूर होंगी, बल्कि राज्य स्तर पर डेटा का मिलान और सत्यापन करना भी आसान हो जाएगा ।







