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Adani Power अडानी पावर ने बनाई नई कंपनी: बिजली उत्‍पादन इस सेक्‍टर में कदम रखने की है तैयारी

Adani Power  न्‍यूज डेस्‍क। अडानी पावर ने न्यूक्लियर पावर उत्‍पादन, पारेषण और वितरण के लिए अडानी एटॉमिक एनर्जी लिमिटेड नाम की एक नई कंपनी बनाई है। यह कदम हाल ही में SHANTI बिल के पास होने के बाद उठाया गया है, जिससे भारत के न्यूक्लियर एनर्जी सेक्टर में प्राइवेट सेक्टर की भागीदारी को इजाज़त मिली है। कंपनी आने वाले सालों में अपनी पूरी थर्मल कैपेसिटी को न्यूक्लियर पावर से बदलने का प्लांट बना रही है।

नई कंपनी बनाई

अडानी पावर ने न्यूक्लियर या एटॉमिक एनर्जी से मिलने वाली बिजली उत्‍पादन, पारेषण और वितरण के लिए एक नई एटॉमिक एनर्जी यूनिट बनाने की घोषणा की।

संसद से पास हुआ बिल

यह कंपनी भारतीय संसद द्वारा The Sustainable Harnessing and Advancement of Nuclear Energy for Transforming India (SHANTI) Bill, 2025 पास करने के दो महीने बाद हुआ है, जिससे एक ऐसे सेक्टर में प्राइवेट हिस्सेदारी का रास्ता साफ़ हुआ है जिस पर अब तक सरकार का कड़ा कंट्रोल रहा है। इस कदम से भारत की न्यूक्लियर एनर्जी पॉलिसी में एक बड़ा बदलाव आया है।

SHANTI एक्‍ट के तहत खोला गया सेक्‍टर

SHANTI एक्ट के तहत, सरकार ने तर्क दिया कि इस सेक्टर को खोलने से भारत को अपने बड़े क्लीन एनर्जी लक्ष्यों को पूरा करने और आने वाले दशकों में एनर्जी सिक्योरिटी को मज़बूत करने में मदद मिलेगी।

प्राइवेट सेक्‍टर की बढ़ेगी हिस्‍सेदारी

SHANTI एक्ट ने भारत के मौजूदा न्यूक्लियर कानूनी फ्रेमवर्क, एटॉमिक एनर्जी एक्ट, 1962, और सिविल लायबिलिटी फॉर न्यूक्लियर डैमेज एक्ट, (CLNDA) 2010 को एक साथ किया और बदला, ताकि प्राइवेट सेक्टर या राज्य सरकारों को हिस्सा लेने की इजाज़त मिल सके, एक ऐसा कदम जिसकी इजाज़त पहले एटॉमिक एनर्जी एक्ट, 1962 के तहत नहीं थी। इसने CLNDA के तहत लायबिलिटी स्ट्रक्चर को भी ठीक किया, जिसमें एक ग्रेडेड लायबिलिटी फ्रेमवर्क बनाया गया, लेकिन पीड़ित को मिलने वाले मुआवज़े को कम नहीं किया गया।

2047 तक 100 गीगावाट का लक्ष्‍य

भारत का लक्ष्य 2047 तक 100 गीगावाट (GW) न्यूक्लियर पावर कैपेसिटी हासिल करना है, जिसकी अभी इंस्टॉल्ड कैपेसिटी 8.7 गीगावाट (GW) है। ताजा आर्थिक सर्वे में बताया गया है कि SHANTI एक्ट क्लीन पावर के एरिया में इंटरमिटेंसी और एनर्जी सिक्योरिटी की चिंताओं को दूर करने के लिए सरकार का उठाया गया एक बड़ा कदम है।

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