
रायपुर । छत्तीसगढ़ के पावर सेक्टर (Power Sector) से आम उपभोक्ताओं, उद्योगपतियों और व्यापारियों के लिए एक बेहद राहत भरी खबर सामने आ रही है। राजधानी रायपुर (Raipur) और स्टील सिटी भिलाई-दुर्ग (Bhilai-Durg) सहित आसपास के कई जिलों में अब अघोषित बिजली कटौती, लो-वोल्टेज (Low Voltage) और ट्रिपिंग की समस्या बीते दिनों की बात होने वाली है। छत्तीसगढ़ स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड (CSPTCL) ने इस पूरे इलाके की बिजली सप्लाई को हाई-टेक और सुपरफास्ट बनाने के लिए एक बहुत बड़ी कामयाबी हासिल की है।
लंबे समय से चल रही तकनीकी तैयारियों के बाद भिलाई स्थित मुख्य सब-स्टेशन में एक बेहद शक्तिशाली और आधुनिक पावर ट्रांसफार्मर (Power Transformer) को सफलतापूर्वक चालू कर दिया गया है। ट्रांसमिशन कंपनी के इस बड़े कदम से आने वाले भीषण गर्मी के दिनों में भी ओवरलोडिंग (Overloading) की समस्या से पूरी तरह मुक्ति मिल जाएगी।
प्रबंध निदेशक ने बटन दबाकर किया ‘ऊर्जीकृत‘, विभाग में जश्न का माहौल
भिलाई के 220/132 केवी मुख्य उपकेंद्र (Sub-station) में स्थापित किए गए इस विशालकाय 160 MVA क्षमता के पावर ट्रांसफार्मर का विधिवत उद्घाटन किया गया। छत्तीसगढ़ स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी के प्रबंध निदेशक (Managing Director) राजेश कुमार शुक्ला ने खुद मुख्य कंट्रोल रूम में बटन दबाकर इस प्रोजेक्ट को लाइव यानी ऊर्जीकृत (Energized) किया।
इस ऐतिहासिक तकनीकी सफलता के मौके पर विभाग के तमाम आला अधिकारी मौजूद रहे। प्रोजेक्ट के सफल होने पर एमडी श्री शुक्ला ने मैदानी स्तर पर काम करने वाले सभी इंजीनियरों और तकनीकी कर्मचारियों की पीठ थपथपाई।

क्यों खास है यह प्रोजेक्ट? पुराने ट्रांसफार्मर से कैसे था अलग, समझिए पूरा गणित
पावर कंपनी के अधिकारियों से मिली तकनीकी जानकारी के अनुसार, यह पूरा प्रोजेक्ट ग्रिड स्टेबिलिटी (Grid Stability) और बिजली की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए डिजाइन किया गया है:
- क्षमता में भारी बढ़ोतरी: भिलाई सब-स्टेशन में पहले केवल 125 एमवीए (MVA) क्षमता का ट्रांसफार्मर काम कर रहा था। अब इसकी जगह 160 एमवीए क्षमता का नया और अपग्रेडेड ट्रांसफार्मर लगाया गया है।
- भविष्य की जरूरतें: इस क्षमता वृद्धि (Capacity Enhancement) से अगले 10 से 15 सालों तक भिलाई, दुर्ग और रायपुर के शहरी और औद्योगिक इलाकों में बिजली की कोई कमी नहीं होगी।
- निर्बाध विद्युत आपूर्ति: नए सिस्टम के चालू होने से ट्रांसमिशन इंफ्रास्ट्रक्चर (Transmission Infrastructure) मजबूत हुआ है, जिससे तकनीकी खराबी की आशंका 90% तक कम हो गई है।
इन शहरों और जिलों को मिलेगा सीधा फायदा, सुधरेगा वोल्टेज प्रोफाइल
इस मेगा इंफ्रास्ट्रक्चर अपग्रेड (Infrastructure Upgrade) का सीधा फायदा छत्तीसगढ़ की एक बड़ी आबादी को मिलने जा रहा है। ट्रांसमिशन कंपनी के मुताबिक, इस नए सिस्टम से निम्नलिखित क्षेत्रों को चौबीसों घंटे गुणवत्तापूर्ण बिजली मिलेगी:
- राजधानी रायपुर (Raipur): रायपुर के बाहरी और औद्योगिक इलाकों में होने वाली अघोषित कटौती पर लगाम लगेगी।
- दुर्ग और भिलाई (Bhilai & Durg): भिलाई स्टील प्लांट के आसपास के कमर्शियल हब और रिहायशी कॉलोनियों को अब बिना ट्रिपिंग के फुल वोल्टेज बिजली मिलेगी।
- बालोद और गुरूर (Balod & Gurur): ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों में कृषि और घरेलू उपभोक्ताओं को मिलने वाली बिजली का वोल्टेज प्रोफाइल (Voltage Profile) काफी मजबूत हो जाएगा।
औद्योगिक और शहरी विकास को मिलेगी नई रफ्तार
पावर सेक्टर के एक्सपर्ट्स और कंपनी के मुख्य अभियंता (सब-स्टेशन) अब्राहम वर्गीज व मुख्य अभियंता (सिविल) संजय तिवारी के अनुसार, छत्तीसगढ़ में तेजी से बढ़ रहे शहरीकरण और उद्योगों के कारण बिजली की मांग हर साल 8 से 10 फीसदी की रफ्तार से बढ़ रही है। ऐसे समय में जब बिजली की डिमांड अपने पीक (Peak Demand) पर होती है, तब सब-स्टेशनों का ओवरलोड होना आम बात है।
अतिरिक्त मुख्य अभियंता आर. के. तिवारी की देखरेख में पूरी हुई इस नई व्यवस्था से भविष्य के उद्योगों के लिए पर्याप्त बिजली अधोसंरचना तैयार हो गई है। अब नए उद्योगों को कनेक्शन देने में देरी नहीं होगी और छत्तीसगढ़ का बिजनेस मॉडल और मजबूत होगा।







