
नवा रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रशासनिक गलियारे में एक ऐसी हलचल पैदा कर दी है जिसका इंतज़ार राज्य के अधिकारी लंबे समय से कर रहे थे। क्या आप जानते हैं कि अब बिना किसी खाली पद (Availability of Post) की चिंता किए भी अधिकारियों की सैलरी में बड़ा उछाल आने वाला है? राज्यपाल के आदेश के बाद सामान्य प्रशासन विभाग ने इसके लिए राजपत्र (Gazette) में अधिसूचना जारी कर दी है।
क्या है नया नियम? (The New Amendment)
छत्तीसगढ़ सरकार ने ‘छत्तीसगढ़ राज्य प्रशासनिक सेवा (वर्गीकरण, भर्ती तथा सेवा की शर्तें) नियम, 2023’ में एक महत्वपूर्ण संशोधन (Amendment) किया है। नए जोड़े गए नियम 24-अ के अनुसार, अब राज्य प्रशासनिक सेवा (State Administrative Service) के अधिकारियों को उनकी निर्धारित अर्हताकारी सेवा (Qualifying Service) पूरी होते ही उच्चतर वेतनमान प्रदान किया जाएगा।
प्रमुख बदलाव के मुख्य बिंदु (Main Pillars of Change)
- पदों की उपलब्धता की अनिवार्यता खत्म: पहले पद खाली होने पर ही पदोन्नति या उच्च वेतनमान का लाभ मिलता था, लेकिन अब पद की उपलब्धता की अनिवार्यता (Necessity of post availability) के बिना ही उच्चतर वेतनमान दिया जाएगा।
- समिति की अनुशंसा: यह लाभ अनुसूची-चार में विनिर्दिष्ट समिति की सिफारिश (Recommendation of the Committee) के आधार पर प्रत्येक स्तर पर दिया जाएगा।
- पदों का आवंटन: उच्चतर वेतनमान प्राप्त करने वाले अधिकारियों को भविष्य में पद उपलब्ध होने पर विभागीय आदेश (Departmental Order) के माध्यम से उचित पद समनुदेशित (Assigned) किया जाएगा। इसके लिए दोबारा समिति की अनुमति की आवश्यकता नहीं होगी।
सरकारी आदेश की आधिकारिक पुष्टि (Official Confirmation)
सामान्य प्रशासन विभाग (General Administration Department) द्वारा जारी इस अधिसूचना पर राज्यपाल के नाम से सचिव अविनाश चम्पावत के हस्ताक्षर हैं। यह आदेश 27 अप्रैल 2026 को नवा रायपुर अटल नगर से जारी किया गया है।
आगे की राह (The Way Forward)
इस फैसले से राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों के बीच उत्साह का माहौल है। इससे न केवल उनकी वित्तीय स्थिति मजबूत होगी, बल्कि प्रशासनिक कार्यों में उनकी दक्षता (Efficiency) और मनोबल (Morale) भी बढ़ेगा। सरकार के इस ‘समय-बद्ध लाभ’ (Time-bound benefits) वाले मॉडल से भविष्य में पदोन्नति की जटिलताएं कम होने की संभावना है।








