
रायपुर (Chaturpost News): छत्तीसगढ़ पावर ट्रांसमिशन कंपनी (CSPTCL) ने रिटायर्ड अधिकारियों और कर्मचारियों के पेपर प्रमोशन (Paper Promotion) को लेकर मचे घमासान पर विराम लगा दिया है। विभाग ने इस संबंध में विस्तृत स्पष्टीकरण (Clarification) जारी कर दिया है, जिससे अब पेंशन पुनरीक्षण और वेतन भत्ते का रास्ता साफ हो गया है।
क्यों अटका था मामला? (Conflict Details)
पेंशनर एसोसिएशन के महासचिव सुधीर नायक ने बताया कि कई पेंशनर्स ऐसे थे जिन्हें पदोन्नति तो मिली थी, लेकिन उन्होंने उस पद का उच्च वेतनमान (Higher Pay Scale) प्राप्त नहीं किया था। ऐसी स्थिति में वे उस पद के वास्तविक वेतन के हकदार थे। फाइलों के पेंडिंग होने के कारण असमंजस (Confusion) की स्थिति बनी हुई थी और लोग कोर्ट जाने की तैयारी में थे।

प्रबंधन का बड़ा फैसला (Management Decision)
एसोसिएशन द्वारा पावर कंपनी के अध्यक्ष और एमडी को भेजे गए संदेश और निरंतर दबाव (Pressure) के बाद प्रबंधन ने पेंशनरों की मांगें मान ली हैं। अब प्रमोशन फिक्सेशन के साथ-साथ पेंशन रिवीजन के आदेश यथाशीघ्र जारी किए जा सकेंगे।
पेंशनर एसोसिएशन ने जताया आभार (Gratitude)
प्रबंधन के इस सकारात्मक रुख (Positive Approach) पर छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत मंडल पेंशनर एसोसिएशन ने खुशी जाहिर की है। महासचिव सुधीर नायक ने कहा कि पेंशनभोगियों के बीच लंबे समय से चल रहा तनाव (Stress) अब खत्म होगा। उन्होंने त्वरित निर्णय लेने के लिए प्रबंधन को कोटि-कोटि धन्यवाद (Deep Gratitude) दिया है।
(Editor’s Take)
यह आदेश उन हजारों बुजुर्ग पेंशनरों के लिए बड़ी राहत है जो अपने जायज हक के लिए कार्यालयों के चक्कर काट रहे थे। विभाग द्वारा यथाशीघ्र (As soon as possible) आदेश जारी करने के भरोसे ने पेंशनरों में नया विश्वास जगाया है।






