Chhattisgarhकर्मचारी हलचल

रिटायरमेंट के बाद पेंशनर्स की गाढ़ी कमाई पर ‘संकट’! GPF में गड़बड़ी और रिकवरी पर भड़का पेंशनर्स महासंघ

रायपुर (Chaturpost News)। छत्तीसगढ़ के सेवानिवृत्त शासकीय कर्मचारियों के लिए उनके जीवन भर की संचित पूंजी, सामान्य भविष्य निधि (General Provident Fund), अब बुढ़ापे का सहारा बनने के बजाय मानसिक तनाव (Mental Stress) का कारण बन रही है। रिटायरमेंट के समय तकनीकी खामियों और प्रशासनिक लापरवाही के कारण पेंशनर्स को उनकी ही जमा राशि के लिए दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। इस गंभीर समस्या को लेकर प्रदेश के पेंशनर्स में अब व्यापक असंतोष (Widespread Dissatisfaction) देखा जा रहा है।

क्या है पूरा मामला? (Understanding the Dispute)

भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ छत्तीसगढ़ प्रदेश के प्रांताध्यक्ष वीरेन्द्र नामदेव ने इस विषय पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए एक बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में ऐसे अनेक प्रकरण (Case Studies) सामने आए हैं, जिनमें कर्मचारियों के वेतन से उनके पूरे सेवा-काल के दौरान नियमित रूप से GPF कटौती तो होती रही, लेकिन संबंधित विभागों द्वारा उसका सही लेखा-जोखा समय पर संधारित (Maintenance) या अग्रेषित नहीं किया गया।

इसका सीधा असर यह हुआ कि सेवानिवृत्ति के समय कर्मचारियों के खातों में वास्तविक राशि से बहुत कम राशि या फिर “ऋणात्मक शेष” (Negative Balance) दर्शाया जा रहा है। यह न केवल रिकॉर्ड की त्रुटि है, बल्कि एक रिटायर कर्मचारी के आर्थिक अधिकारों का हनन भी है।

अनावश्यक रिकवरी और ब्याज का बढ़ता दबाव (The Recovery Pressure)

नामदेव ने कहा कि कई मामलों में विभागों की अपनी गलती होने के बावजूद, सारा बोझ सेवानिवृत्त कर्मचारियों पर डाला जा रहा है। उन पर अनावश्यक वसूली (Recovery) का दबाव बनाया जा रहा है और यहाँ तक कि उस राशि पर दण्डात्मक ब्याज (Penal Interest) भी जोड़ा जा रहा है।

“यह पूरी तरह से प्रशासनिक लापरवाही (Administrative Negligence) का परिणाम है। बिना किसी कर्मचारी की त्रुटि के, केवल रिकॉर्ड में मिसमैच होने के आधार पर उन पर आर्थिक भार डालना न्याय और कानून की भावना के विरुद्ध है।” – वीरेन्द्र नामदेव, प्रांताध्यक्ष

महासंघ का स्पष्ट तर्क है कि GPF खाते का सही संधारण करना विभाग और लेखा कार्यालय की जिम्मेदारी है। जिन मामलों में किसी प्रकार का कपट या गलत आचरण (Misconduct) सिद्ध नहीं हुआ है, वहाँ वसूली और दण्डात्मक ब्याज का कोई औचित्य नहीं बनता।

महासंघ की राज्य सरकार से 4 बड़ी मांगें (Key Demands)

पेंशनर्स की इन समस्याओं के स्थाई समाधान के लिए महासंघ ने सरकार के सामने निम्नलिखित मांगें रखी हैं:

पेंशनर्स को महासंघ की सलाह (Expert Advice)

नामदेव ने सेवारत कर्मचारियों से भी अपील की है कि वे पूरी तरह सिस्टम के भरोसे न रहें। सेवा-काल के दौरान अपने GPF खातों का वार्षिक मिलान (Annual Reconciliation) अवश्य करें। यदि किसी भी प्रकार की त्रुटि (Error) नजर आती है, तो तत्काल लिखित आपत्ति दर्ज कर उसके प्रमाण सुरक्षित रखें। उन्होंने आगाह किया कि यदि सेवानिवृत्ति के बाद भी समस्या का समाधान नहीं होता है, तो विधिक उपाय (Legal Remedies) अपनाने की तैयारी रखनी चाहिए।

इन पदाधिकारियों ने एकजुट होकर उठाई आवाज

इस लड़ाई में भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ छत्तीसगढ़ प्रदेश के सभी प्रमुख नेता एक सुर में खड़े हैं। विरोध दर्ज कराने वालों में प्रमुख नाम शामिल हैं:

जे पी मिश्रा, लोचन पांडेय, अनिल गोल्हानी, प्रवीण कुमार त्रिवेदी, टी पी सिंह, पूरन सिंह पटेल, एम एन पाठक, बी एस दसमेर, एन आर साहू, सुरेश मिश्रा, आर के टंडन, नंद कुमार कन्नौजे, आर जी बोहरे, ओ डी शर्मा, उर्मिला शुक्ला, टी एल चंद्राकर, शरद चंद्र अग्रवाल, बी एल यादव, लता चावड़ा, जी आर बसोने, नरसिंग राम, कौशलेंद्र मिश्रा, मालिक राम वर्मा, एन के चौबे, चितरंजन साहा, एच एल नामदेव, क्रांतिकुमार सोनी, अनिल पाठक, आर के दीक्षित, सोमेश्वर प्रसाद तिवारी, उमाशंकर अग्रवाल और अनूप नाथ योगी।

निष्कर्ष: महासंघ के पदाधिकारियों ने कड़े लहजे में कहा है कि सेवानिवृत्त कर्मचारियों की जीवन भर की कमाई पर किसी भी प्रकार की लापरवाही या अन्याय स्वीकार्य नहीं है। भविष्य निधि पर आंच, उनकी गरिमा पर आंच के समान है, जिसे हर हाल में रोका जाना चाहिए।


संपादकीय नोट: यह खबर पेंशनर्स के वित्तीय हितों (Financial Interests) से जुड़ी है। अगर आप भी ऐसे किसी मामले से जूझ रहे हैं, तो अपने दस्तावेज संभाल कर रखें और संबंधित विभाग में लिखित शिकायत दर्ज करें।

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S. J. Kumar

पत्रकारिता के क्षेत्र में 22 वर्षों से अधिक का गहन अनुभव । सुदीर्घ करियर में राष्ट्रीय समाचार पत्रों में महत्वपूर्ण पदों पर सेवाएं दी हैं। जटिल मुद्दों के सरल विश्लेषण और खोजी रिपोर्टिंग के साथ राजनीति, प्रशासन और समसामयिक विषयों पर गहरी पकड़ है। पत्रकारिता में उत्कृष्ट योगदान के लिए राज्य स्तरीय पुरस्कारों से भी सम्मानित किया जा चुका है। वर्तमान में Chaturpost.com में सेवाएं दे रहे हैं।
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