
नवा रायपुर | छत्तीसगढ़ के घर खरीदारों के लिए बड़ी खुशखबरी (Breaking News) निकलकर सामने आई है। राज्य सरकार ने संपत्ति की रजिस्ट्री और स्टाम्प शुल्क (Stamp Duty) की दरों में ऐतिहासिक कटौती करते हुए आम जनता को बड़ी राहत (Big Relief) दी है। 15 अप्रैल 2026 को मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय को अब विभाग ने आधिकारिक रूप से लागू (Implement) कर दिया है।
वाणिज्यिक कर (पंजीयन) विभाग के सचिव अंकित आनंद द्वारा 6 मई 2026 को दो अलग-अलग अधिसूचनाएं (Notifications) जारी की गई हैं, जिससे अब पूरे प्रदेश में महिलाओं और सैनिकों के लिए संपत्ति खरीदना काफी सस्ता हो जाएगा।
महिलाओं के नाम रजिस्ट्री पर 50% की सीधी बचत
महिला सशक्तिकरण (Women Empowerment) को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सरकार ने पंजीयन शुल्क में भारी छूट दी है।
- आधी फीस: अब यदि कोई अचल संपत्ति केवल महिलाओं के नाम पर खरीदी और रजिस्टर की जाती है, तो लगने वाले पंजीयन शुल्क (Registration Fee) में 50% की कमी कर दी गई है।
- कब से लागू: यह नियम अधिसूचना के राजपत्र (Gazette) में प्रकाशित होते ही यानी 6 मई से तत्काल प्रभाव (Instant Effect) से लागू हो गया है।
- अनन्य अधिकार: ध्यान रहे कि यह लाभ तभी मिलेगा जब दस्तावेज विशेष रूप से (Exclusively) महिला के पक्ष में तैयार किए गए हों।
सैनिकों और वीर नारियों को स्टाम्प ड्यूटी में 25% रियायत
देश की सुरक्षा में तैनात जवानों और उनके परिवारों के प्रति सम्मान प्रकट करते हुए कैबिनेट ने स्टाम्प शुल्क (Stamp Duty) में भी बड़ी रियायत दी है।
- 25 लाख तक की सीमा: छत्तीसगढ़ के सेवारत सैनिकों, भूतपूर्व सैनिकों या उनकी विधवाओं को ₹ 25 लाख तक की संपत्ति क्रय करने पर स्टाम्प शुल्क में 25% की छूट मिलेगी।
- एक बार का मौका: इस सरकारी योजना (Scheme) का लाभ कोई भी पात्र व्यक्ति अपने जीवनकाल में केवल एक बार ही उठा सकेगा।
- अतिरिक्त राशि पर सामान्य शुल्क: यदि खरीदी गई संपत्ति का मूल्य ₹ 25 लाख से अधिक है, तो ऊपर की राशि पर नियमानुसार सामान्य स्टाम्प शुल्क देय होगा।
चतुर विचार (Editor’s Insight): 15 अप्रैल की कैबिनेट बैठक के बाद से ही रियल एस्टेट मार्केट (Real Estate Market) में इस अधिसूचना का बेसब्री से इंतजार किया जा रहा था। इस फैसले से न केवल प्रॉपर्टी ट्रांजेक्शन (Property Transactions) में तेजी आएगी, बल्कि परिवारों में महिलाओं के नाम पर संपत्ति रखने का रुझान भी बढ़ेगा, जो उनके आर्थिक भविष्य को सुरक्षित करेगा।
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