
रायपुर Chaturpost.com| छत्तीसगढ़ सरकार के वित्त विभाग (Finance Department) ने राज्य की अधोसंरचना परियोजनाओं (Infrastructure Projects) को लेकर बेहद कड़ा रुख अख्तियार किया है । सचिव मुकेश कुमार बंसल की तरफ से जारी वित्त निर्देश 13/2026 के तहत अब बजट की चाबी एक नई डिजिटल प्रक्रिया से जोड़ दी गई है ।
नए आदेश के मुताबिक, अब किसी भी विभाग के प्रोजेक्ट को वित्तीय स्वीकृति (Financial Approval) या प्रशासकीय स्वीकृति (Administrative Approval) तब तक नहीं मिलेगी, जब तक उसे ‘CG Geo Portal’ पर अपडेट नहीं किया जाएगा ।
क्यों जरूरी हुआ यह सख्त कदम? (The Logic)
दरअसल, साय सरकार अब हर प्रोजेक्ट की सटीक लोकेशन और उसकी उपयोगिता को डिजिटल मैप पर देखना चाहती है। ‘CG Geo Portal’ में वर्तमान में विभागों की भू-स्थानिक (GIS) जानकारी, भूमि की उपलब्धता और कनेक्टिविटी का पूरा डेटा मौजूद है ।
इस सख्ती के पीछे 3 मुख्य कारण हैं:
- Duplicate Works रोकना: एक ही जगह पर दोबारा काम स्वीकृत न हो सके ।
- Gap Identification: कहां विकास की कमी है, इसकी पहचान करना ।
- Evidence-based Decisions: आंकड़ों और सबूतों के आधार पर बजट आवंटित करना ।
दिल्ली से सीधा कनेक्शन (Integration with Center)
राज्य सरकार का यह पोर्टल भारत सरकार के पीएम गतिशक्ति नेशनल पोर्टल (NMP) से सीधा जुड़ा है । विभागों द्वारा CG Geo Portal पर दी गई जानकारी केंद्र के पोर्टल पर स्वतः (Automatically) दिखने लगेगी । इससे राज्य के बड़े प्रोजेक्ट्स की निगरानी दिल्ली से भी आसान हो जाएगी।
CHiPS करेगा तकनीकी मदद (Technical Coordination)
सभी विभागों को अपने प्रोजेक्ट्स की मैपिंग करने में कोई समस्या न आए, इसके लिए सीईओ चिप्स (CHiPS) को तकनीकी समन्वय (Technical Coordination) की जिम्मेदारी सौंपी गई है । वित्त विभाग ने सभी अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव और सचिवों को इस व्यवस्था को तत्काल सुनिश्चित करने को कहा है ।
Chatur विचार: सरकार के इस कदम से भ्रष्टाचार और कागजी प्रोजेक्ट्स पर लगाम लगेगी। अब हर ईंट कहां लग रही है, इसकी जानकारी सैटेलाइट और जीआईएस (GIS) के जरिए सीधे मंत्रालय की स्क्रीन पर होगी।






