शासकीय आदेश व अधिसूचना

CG Higher Judicial Service: छत्तीसगढ़ में न्यायिक सेवा भर्ती नियमों में बड़ा बदलाव, अब अनुभव और उम्र की गिनती के लिए बदले नियम; राजपत्र में प्रकाशन

रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार में न्यायिक सेवा के भर्ती नियमों में बदलाव किया गया है। सरकार ने न्यायिक सेवाओं (Judicial Services) में करियर बनाने की इच्छा रखने वाले उम्मीदवारों के लिए एक महत्वपूर्ण अधिसूचना (Notification) जारी की है। विधि और विधायी कार्य विभाग ने छत्तीसगढ़ उच्चतर न्यायिक सेवा (भर्ती तथा सेवा शर्तें) नियम, 2006 में संशोधन (Amendment) किया है ।

यह बदलाव मुख्य रूप से पात्रता (Eligibility) की शर्तों और अनुभव की गणना की तिथियों से संबंधित है। इससे भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और स्पष्टता (Clarity) आने की उम्मीद है।

पात्रता की गणना की तिथि बदली (Change in Eligibility Date)

पुराने नियमों के अनुसार, नियुक्ति के लिए आयु और अनुभव की गणना उस वर्ष की 1 जनवरी से की जाती थी, जिस वर्ष आवेदन बुलाए जाते थे । अब नए संशोधन के बाद, पात्रता की गणना आवेदन प्राप्त करने के लिए नियत अंतिम तिथि (Last Date of Application) से की जाएगी ।

अनुभव की शर्तों में विस्तार (Expansion of Experience Criteria)

अधिवक्ताओं के लिए अनुभव की शर्तों को अब अधिक विस्तृत (Detailed) बनाया गया है। अब केवल निरंतर 7 वर्षों का वकालत अनुभव ही काफी नहीं होगा, बल्कि अन्य विकल्पों को भी शामिल किया गया है:

  • निरंतर अनुभव: आवेदन की अंतिम तिथि तक कम से कम 07 वर्षों से निरंतर अधिवक्ता होना अनिवार्य है ।
  • संयुक्त अनुभव: अब न्यायिक अधिकारी (Judicial Officer) और अधिवक्ता के रूप में संयुक्त रूप से 07 वर्ष या उससे अधिक का अनुभव भी मान्य होगा ।
  • पिछला अनुभव: निम्न न्यायिक सेवा में भर्ती होने से पहले का 07 वर्षों का निरंतर अधिवक्ता अनुभव भी पात्रता की श्रेणी में आएगा ।

राज्यपाल के आदेश से अधिसूचना जारी (Official Order)

छत्तीसगढ़ के राज्यपाल के नाम से और आदेशानुसार, प्रमुख सचिव सुषमा सावंत द्वारा यह अधिसूचना जारी की गई है । यह निर्णय छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय (High Court of Chhattisgarh) के परामर्श (Consultation) के बाद लिया गया है ।

नियमों में यह संशोधन विशेष रूप से उन लोगों के लिए मददगार साबित होगा जिनका अनुभव आवेदन वर्ष के मध्य में पूरा होता है। अब उन्हें 1 जनवरी के पुराने नियम के कारण एक साल का लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा।

E-E-A-T के लिए एडिटर नोट (Expertise & Trust):

यह खबर छत्तीसगढ़ शासन द्वारा प्रकाशित असाधारण राजपत्र (क्रमांक 222) पर आधारित है । भारत के संविधान के अनुच्छेद 233 और 309 के तहत प्रदत्त शक्तियों का उपयोग करते हुए यह संशोधन किया गया है ।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

Q1. छत्तीसगढ़ उच्चतर न्यायिक सेवा नियम 2006 में क्या बदलाव हुआ है?

Ans: मुख्य बदलाव पात्रता (Eligibility) की गणना की तारीख को लेकर हुआ है। अब उम्मीदवार की आयु और अनुभव की गणना 1 जनवरी के बजाय आवेदन की अंतिम तिथि (Last Date) से की जाएगी।

Q2. क्या अब वकील और न्यायिक अधिकारी दोनों का अनुभव एक साथ जोड़ा जा सकता है?

Ans: हाँ, नए संशोधन के अनुसार अब 07 वर्ष की पात्रता के लिए अधिवक्ता (Advocate) और न्यायिक अधिकारी (Judicial Officer) के रूप में संयुक्त निरंतर अनुभव (Combined Experience) को मान्य किया गया है।

Q3. उच्चतर न्यायिक सेवा के लिए न्यूनतम कितने वर्षों का अनुभव अनिवार्य है?

Ans: उच्चतर न्यायिक सेवा के लिए अभी भी कम से कम 07 वर्षों का निरंतर अनुभव अनिवार्य रखा गया है, लेकिन इसकी गणना की प्रक्रिया को अब अधिक लचीला और स्पष्ट बना दिया गया है।

Q4. यह नई अधिसूचना कब जारी की गई और यह कब से प्रभावी है?

Ans: यह अधिसूचना 4 मई 2026 को जारी की गई और 7 मई 2026 को छत्तीसगढ़ के राजपत्र (Gazette) में प्रकाशित हुई है। यह आगामी सभी भर्तियों पर प्रभावी होगी।

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S. J. Kumar

पत्रकारिता के क्षेत्र में 22 वर्षों से अधिक का गहन अनुभव । सुदीर्घ करियर में राष्ट्रीय समाचार पत्रों में महत्वपूर्ण पदों पर सेवाएं दी हैं। जटिल मुद्दों के सरल विश्लेषण और खोजी रिपोर्टिंग के साथ राजनीति, प्रशासन और समसामयिक विषयों पर गहरी पकड़ है। पत्रकारिता में उत्कृष्ट योगदान के लिए राज्य स्तरीय पुरस्कारों से भी सम्मानित किया जा चुका है। वर्तमान में Chaturpost.com में सेवाएं दे रहे हैं।
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