
रायपुर। केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्रालय (Ministry of Labour and Employment) ने देश के करोड़ों कामगारों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए एक ऐतिहासिक कदम उठाया है । केंद्र सरकार ने ‘उपजीविकाजन्य सुरक्षा, स्वास्थ्य और कार्यदशाएं संहिता, 2020’ (Occupational Safety, Health and Working Conditions Code, 2020) के तहत नए नियमों का ऐलान कर दिया है, जिन्हें “उपजीविकाजन्य सुरक्षा, स्वास्थ्य और कार्यदशाएं (केन्द्रीय) नियम, 2026” (Occupational Safety, Health and Working Conditions (Central) Rules, 2026) कहा जाएगा ।
यह नए नियम (New Rules) न केवल निजी कंपनियों (Private Sectors) बल्कि खानों (Mines), डॉक वर्कर्स (Dock Workers) और निर्माण कार्यों (Construction Works) में लगे मजदूरों के लिए सुरक्षा का नया कवच लेकर आए हैं ।
8 मई 2026 से लागू हुए नए प्रावधान (Effective Date)
राजपत्र (The Gazette of India) में प्रकाशित अधिसूचना के अनुसार, ये नियम प्रकाशन की तारीख यानी 8 मई 2026 से ही पूरे भारत में प्रभावी (Effective across India) हो गए हैं । सरकार ने पुराने कई नियमों को हटाकर अब एक एकीकृत व्यवस्था (Integrated System) लागू की है ।
नियुक्ति पत्र (Appointment Letter) अब अनिवार्य: बिना इसके नहीं मिलेगा काम
नए नियमों के तहत अब किसी भी संस्थान (Establishment) में किसी भी कर्मचारी को तब तक काम पर नहीं रखा जा सकता, जब तक उसे औपचारिक नियुक्ति पत्र (Appointment Letter) जारी न किया जाए । यह पारदर्शिता (Transparency) सुनिश्चित करने के लिए एक क्रांतिकारी कदम है।
40 साल की उम्र पार की? तो मिलेगा मुफ्त हेल्थ चेकअप (Free Annual Health Check-up)
सरकार ने कर्मचारियों के स्वास्थ्य (Employee Health) को प्राथमिकता दी है। नियम 5 के अनुसार, यदि कोई कर्मचारी डॉक कार्य, खान या निर्माण कार्य में लगा है और उसने 40 वर्ष की आयु पूरी कर ली है, तो नियोक्ता (Employer) को हर साल उसकी मुफ्त चिकित्सा जांच (Free Medical Examination) करानी होगी 。
नियोक्ता यह सुविधा कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ESIC) के माध्यम से भी प्रदान कर सकता है । जांच के बाद एक योग्य डॉक्टर द्वारा प्रमाण पत्र (Certificate) भी दिया जाएगा ।
हादसों की सूचना देना अब “डिजिटल” और अनिवार्य (Accident Reporting)
यदि किसी कार्यस्थल पर कोई दुर्घटना (Accident) होती है जिससे किसी कर्मचारी की मृत्यु हो जाती है या वह 48 घंटे से अधिक समय तक काम करने में असमर्थ रहता है, तो नियोक्ता को इसकी सूचना तुरंत इलेक्ट्रॉनिक रूप (Electronic Format) में देनी होगी ।
- मृत्यु के मामले में: पुलिस स्टेशन और परिवार को तत्काल सूचना ।
- खतरनाक घटना (Dangerous Occurrence): विस्फोट, आग या जहरीली गैस के रिसाव जैसी घटनाओं की रिपोर्ट 12 घंटे के भीतर निरीक्षक (Inspector-cum-Facilitator) को देनी होगी ।
ऑनलाइन पंजीकरण और श्रम सुविधा पोर्टल (Registration Process)
अब किसी भी नए संस्थान को अपना पंजीकरण (Registration) कराने के लिए दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने होंगे। सारा काम श्रम सुविधा पोर्टल (Shram Suvidha Portal) पर इलेक्ट्रॉनिक तरीके से होगा ।
कर्मचारियों को मिले विशेष अधिकार (Rights and Obligations)
नियमों में केवल नियोक्ताओं पर ही लगाम नहीं लगाई गई है, बल्कि कर्मचारियों (Employees) को भी सशक्त बनाया गया है:
- खतरे की सूचना (Report Hazards): यदि किसी कर्मचारी को कार्यस्थल पर किसी असुरक्षित स्थिति (Unsafe Condition) का पता चलता है, तो उसे तुरंत अपने मैनेजर या सुरक्षा अधिकारी को बताना चाहिए ।
- काम रोकने का अधिकार: खतरे की सूचना मिलने पर नियोक्ता को तुरंत उपचारात्मक कार्रवाई (Remedial Action) करनी होगी ।
सुरक्षा समिति (Safety Committee) का गठन
जिन संस्थानों में 500 या उससे अधिक कर्मचारी काम करते हैं, वहां एक ‘सुरक्षा समिति’ का गठन अनिवार्य है । इस समिति में नियोक्ता और कामगारों के बराबर प्रतिनिधि (Equal Representation) होंगे । खानों (Mines) के मामले में इस समिति की बैठक महीने में कम से कम एक बार होना अनिवार्य है ।
निष्कर्ष: क्या होगा इस बदलाव का असर?
भारत सरकार का यह कदम ईज ऑफ डूइंग बिजनेस (Ease of Doing Business) के साथ-साथ श्रमिक कल्याण (Worker Welfare) के बीच संतुलन बनाने की कोशिश है। डिजिटल पंजीकरण और अनिवार्य नियुक्ति पत्र से ठेका प्रथा (Contract System) में होने वाले शोषण पर लगाम लगेगी।
चतुरपोस्ट (chaturpost.com) अपने पाठकों को सलाह देता है कि यदि आप किसी संस्थान में कार्यरत हैं, तो अपने नियोक्ता से नए नियमों के तहत अपना अपडेटेड नियुक्ति पत्र (Appointment Letter) जरूर मांगें।







