Chhattisgarh

Chhattisgarh Census 2027: शहर सरकार सुपर फिसड्डी, रायगढ़ सबसे नीचे, रायपुर-भिलाई भी बेहाल; इस छोटे जिले ने रच दिया इतिहास

रायपुर। छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय जनगणना 2027 (National Census 2027) को लेकर प्रशासनिक तैयारियां युद्ध स्तर पर चल रही हैं। लेकिन राज्य के बड़े-बड़े शहरों का विकास का दावा करने वाली ‘शहर सरकार’ इस राष्ट्रीय महत्व के काम में सुपर फिसड्डी साबित हुई हैं।

एक तरफ जहां राज्य के सुदूर और आदिवासी बहुल जिलों ने इस अभियान में बाजी मार ली है, वहीं सूबे के सबसे हाईटेक नगर निगम (Municipal Corporation) क्षेत्रों में काम की रफ्तार कछुए से भी धीमी है। आंकड़े गवाही दे रहे हैं कि वीआईपी शहरों के अफसर और प्रशासनिक अमला इस गंभीर काम को लेकर कितने लापरवाह हैं।

रायगढ़ नगर निगम सबसे नीचे, रायपुर-भिलाई का भी बुरा हाल

आधिकारिक प्रगति रिपोर्ट (Official Progress Report) के चौंकाने वाले आंकड़ों के मुताबिक, रायगढ़ नगर निगम इस सूची में सबसे निचले पायदान पर है। रायगढ़ में महज 4.65% काम ही पूरा हो सका है। इसे प्रशासनिक मुस्तैदी की कमी कहें या अफसरों की उदासीनता, लेकिन यह आंकड़ा हैरान करने वाला है।

कमोबेश यही स्थिति राज्य के अन्य बड़े औद्योगिक और आवासीय गढ़ों की भी है:

  • भिलाई नगर: स्टील सिटी और एजुकेशन हब कहे जाने वाले भिलाई नगर निगम में केवल 7.84% कार्य ही संपन्न हुआ है।
  • रिसाली: भिलाई से सटे रिसाली नगर निगम क्षेत्र का प्रदर्शन भी निराशाजनक रहा है, यहाँ सिर्फ 8.33% काम पूरा हुआ है।
  • राजधानी रायपुर: छत्तीसगढ़ की धड़कन और सबसे बड़े नगर निगम रायपुर की बात करें तो यहाँ कुल 1,964 ब्लॉकों में से केवल 203 ही पूरे हो पाए हैं। यह उनके कुल लक्ष्य का मात्र 10.34% है।

यह स्थिति तब है जब इन बड़े शहरों में संसाधनों, इंटरनेट कनेक्टिविटी और स्टाफ की कोई कमी नहीं है। इसके बावजूद बड़े शहरों का यह लचर प्रदर्शन कई गंभीर सवाल खड़े करता है।

डिजिटल टेक्नोलॉजी से छत्तीसगढ़ में 60.73% कार्य पूरा

अगर पूरे राज्य की बात करें तो छत्तीसगढ़ में आगामी राष्ट्रीय जनगणना 2027 (Chhattisgarh Census 2027) के लिए मकान सूचीकरण ब्लॉकों (House Listing Blocks – HLB) के गठन और सत्यापन (Verification) का कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है।

हाल ही में जारी आधिकारिक रिपोर्ट के अनुसार, राज्य ने अब तक कुल 60.73% कार्य सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। इस महाअभियान में डिजिटल टेक्नोलॉजी (Digital Technology) और रीयल-टाइम डेटा सिंकिंग का बेहतरीन तालमेल देखने को मिला है। राज्य के कुल 48,742 ब्लॉकों में से अब तक 29,602 ब्लॉकों का कार्य पूरी तरह से संपन्न हो चुका है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की दोटूक: अफसर मैदानी मॉनिटरिंग बढ़ाएं

राज्य की इस ओवरऑल प्रगति पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय (CM Vishnu Deo Sai) ने संतोष व्यक्त किया है। उन्होंने बेहतरीन काम करने वाले जिलों को बधाई देने के साथ ही सुस्त नगर निगमों को कड़ी चेतावनी भी दी है।

मुख्यमंत्री ने साफ कर दिया है कि इस काम में किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी क्योंकि इसी डेटा के आधार पर भविष्य की नीतियां तय होनी हैं।

GPM जिले ने मारी बाजी: हासिल किया 100% का जादुई आंकड़ा

जहां बड़े-बड़े शहर फेल हो गए, वहीं छत्तीसगढ़ के आदिवासी बहुल और छोटे जिले गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (GPM District) ने इतिहास रच दिया है। जीपीएम जिला इस पूरी सूची में टॉप पर है। इस जिले ने अपने सभी 528 मकान सूचीकरण ब्लॉकों (HLBs) का कार्य 100% पूरा कर लिया है।

जीपीएम के अलावा कुछ अन्य जिलों ने भी बेहतरीन प्रदर्शन किया है और वे शत-प्रतिशत के बेहद करीब हैं:

इन आंकड़ों से साफ है कि दूरस्थ और ग्रामीण क्षेत्रों के प्रशासनिक अमले ने इस काम को अधिक गंभीरता से लिया है।

कलेक्टर डॉ. संतोष कुमार देवांगन की माइक्रो-प्लानिंग आई काम

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (GPM) जिले के इस शानदार प्रदर्शन और ‘शून्य पेंडेंसी’ (Zero Pendency Model) की हर तरफ तारीफ हो रही है। इस सफलता पर जीपीएम के कलेक्टर डॉ. संतोष कुमार देवांगन (Collector Dr. Santosh Kumar Dewangan) ने अपनी पूरी टीम की पीठ थपथपाई है।

कलेक्टर डॉ. संतोष कुमार देवांगन ने बताया:

“यह सफलता हमारे स्थानीय प्रगणकों (Enumerators), पर्यवेक्षकों (Supervisors) और जिला प्रशासन की बेहतरीन टीम भावना (Team Spirit) का परिणाम है। भौगोलिक रूप से दुर्गम और आदिवासी बहुल क्षेत्र होने के बावजूद हमने माइक्रो-प्लानिंग (Micro-Planning) के तहत काम किया। हर चार्ज नंबर की रोजाना डिजिटल मॉनिटरिंग की गई, जिससे 17 मई की मध्यरात्रि को डेटा पोर्टल पर सिंक होते ही हमने 100% पूर्णता का लक्ष्य हासिल कर लिया। अब हम अगले चरण के प्रशिक्षण (Training) और मैदानी सत्यापन के लिए पूरी तरह तैयार हैं।”

राहत की बात: ‘HLBs Not Started’ का आंकड़ा लगभग शून्य

इस पूरी रिपोर्ट में राज्य के लिए एक राहत की बात यह भी है कि छत्तीसगढ़ के अधिकांश जिलों में ‘HLBs Not Started’ (यानी जहां कार्य शुरू ही नहीं हुआ) का आंकड़ा बिल्कुल शून्य है। इसका मतलब यह है कि मैदानी स्तर पर प्रशासनिक अमला पूरी तरह एक्टिव मोड में आ चुका है। केवल कबीरधाम जिले के महज 1 ब्लॉक को छोड़कर, प्रदेश के हर एक ब्लॉक में काम की शुरुआत हो चुकी है।

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वरिष्ठ अधिकारियों (Senior Officials) का कहना है कि जो कार्य अभी ‘प्रगति पर’ (In Progress) श्रेणी में हैं, उन्हें भी जल्द से जल्द पूरा करने के लिए कड़े कदम उठाए जा रहे हैं। नगर निगम आयुक्तों (Municipal Commissioners) और जिला कलेक्टर्स को निर्देश दिए गए हैं कि वे सुस्त इलाकों में विशेष नोडल अधिकारी (Special Nodal Officers) तैनात करें ताकि समय-सीमा के भीतर छत्तीसगढ़ इस राष्ट्रीय अभियान में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो सके।

S. J. Kumar

पत्रकारिता के क्षेत्र में 22 वर्षों से अधिक का गहन अनुभव । सुदीर्घ करियर में राष्ट्रीय समाचार पत्रों में महत्वपूर्ण पदों पर सेवाएं दी हैं। जटिल मुद्दों के सरल विश्लेषण और खोजी रिपोर्टिंग के साथ राजनीति, प्रशासन और समसामयिक विषयों पर गहरी पकड़ है। पत्रकारिता में उत्कृष्ट योगदान के लिए राज्य स्तरीय पुरस्कारों से भी सम्मानित किया जा चुका है। वर्तमान में Chaturpost.com में सेवाएं दे रहे हैं।
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