
रायपुर (chaturpost.com)। छत्तीसगढ़ के पुलिस महकमे में एक नए युग की शुरुआत हो चुकी है। राज्य सरकार ने वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी अरुण देव गौतम को छत्तीसगढ़ का 12वां फुलटाइम पुलिस महानिदेशक (DGP – Director General of Police) नियुक्त कर दिया है। 1992 बैच के आईपीएस अरुण देव गौतम लंबे समय से प्रभारी डीजीपी (In-charge DGP) के तौर पर काम कर रहे थे, जिन्हें अब स्थाई कमान सौंपी गई है।
इस बड़े प्रशासनिक फेरबदल (Administrative Reshuffle) के बाद पाठकों और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के बीच यह जानने की उत्सुकता बढ़ गई है कि छत्तीसगढ़ के इतिहास में अब तक कौन-कौन से अधिकारी इस सर्वोच्च पद पर रह चुके हैं। आइए नजर डालते हैं साल 2000 में राज्य गठन (State Formation) से लेकर अब तक के DGP of Chhattisgarh की पूरी ऐतिहासिक सूची पर।
छत्तीसगढ़ पुलिस का सफर और पहले डीजीपी (First DGP of Chhattisgarh)
1 नवंबर 2000 को जब मध्य प्रदेश से अलग होकर छत्तीसगढ़ एक नया राज्य बना, तब पुलिस बल के सुगठन और कानून-व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए एक बेहद अनुभवी अधिकारी की जरूरत थी।
सरकार ने उस वक्त कड़क आईपीएस अधिकारी Shri Mohan Shukla IPS को छत्तीसगढ़ का पहला पुलिस महानिदेशक (First DGP) नियुक्त किया था। उनका कार्यकाल (Tenure) भले ही छोटा था, लेकिन उन्होंने छत्तीसगढ़ पुलिस की एक मजबूत नींव रखी थी।
नक्सलवाद और कानून व्यवस्था की बड़ी चुनौतियां (Challenges and Key Tenures)
छत्तीसगढ़ के 26 साल के इतिहास में कई ऐसे डीजीपी रहे जिन्होंने बस्तर और अन्य संवेदनशील इलाकों में नक्सलवाद के खिलाफ तगड़ा अभियान (Anti-Naxal Operations) चलाया।
इनमें ओ. पी. राठौर, विश्वरंजन और अमरनाथ उपाध्याय जैसे नाम शामिल हैं, जिनके कार्यकाल के दौरान छत्तीसगढ़ पुलिस ने आधुनिक रणनीति (Modern Policing Tactics) और स्थानीय सुरक्षा बलों का गठन कर कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाया।
DGP of Chhattisgarh: अब तक के डीजीपी और उनका कार्यकाल (Complete List)
नीचे छत्तीसगढ़ पुलिस के इतिहास में अब तक सेवा दे चुके सभी महानिदेशकों की क्रमानुसार (Chronological Order) विस्तृत और प्रामाणिक सूची दी गई है।
| क्र. | डीजीपी का नाम (Name of DGP) | कार्यकाल (Tenure) |
|---|---|---|
| 1 | Shri Mohan Shukla IPS | 11-01-2000 To 05-26-2001 |
| 2 | Dr. R. L. S. Yadav IPS | 05-26-2001 To 01-31-2003 |
| 3 | V K Das IPS | 02-01-2002 To 09-30-2002 |
| 4 | Ashok Darbari IPS | 10-01-2002 To 07-15-2004 |
| 5 | O P Rathore IPS | 07-15-2004 To 05-21-2007 |
| 6 | Vishwaranjan IPS | 05-20-2009 To 07-18- 2011 |
| 7 | Anil M Navani IPS | 07-18-2011 To 11-30-2012 |
| 8 | Ramniwas IPS | 11-30-2012 To 01-31-2014 |
| 9 | Amarnath updhyay IPS | 01-31-2014 To 12-20-2018 |
| 10 | DM Awasthi IPS | 12-20-2018 To 11-12-2021 |
| 11 | Ashok Juneja IPS | 11-12-2021 To 02-04-2025 |
| 12 | Arun Deo Gautam | 02-04-2025 To Present (पूर्णकालिक नियुक्ति: मई 2026) |
वरिष्ठता और निष्पक्ष पुलिसिंग का नया दौर
छत्तीसगढ़ के नए स्थाई पुलिस महानिदेशक बने Arun Deo Gautam से राज्य को बहुत उम्मीदें हैं। प्रभारी डीजीपी (In-charge DGP) के तौर पर बीते महीनों में उन्होंने राज्य की आंतरिक सुरक्षा (Internal Security) और पुलिस वेलफेयर से जुड़े कई बड़े फैसले लिए हैं। अब जब वे पूर्णकालिक तौर पर इस पद पर नियुक्त हो चुके हैं, तो राज्य में कानून व्यवस्था के मोर्चे पर बड़े सुधार की उम्मीद की जा रही है।
DGP of Chhattisgarh: छत्तीसगढ़ के डीजीपी सूची से जुड़े महत्वपूर्ण सवाल-जवाब (FAQs)
उत्तर: छत्तीसगढ़ राज्य के गठन के बाद राज्य के पहले पुलिस महानिदेशक (DGP) श्री मोहन शुक्ला (Shri Mohan Shukla IPS) थे। उनका कार्यकाल 1 नवंबर 2000 से 26 मई 2001 तक था।
उत्तर: वर्तमान में 1992 बैच के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी श्री अरुण देव गौतम (Arun Deo Gautam) छत्तीसगढ़ के फुलटाइम डीजीपी हैं। उन्होंने 4 फरवरी 2025 को प्रभारी डीजीपी के रूप में कार्यभार संभाला था, जिसके बाद मई 2026 में उनकी पूर्णकालिक नियुक्ति का आदेश जारी किया गया।
उत्तर: राज्य गठन (साल 2000) से लेकर अब तक छत्तीसगढ़ पुलिस महकमे में कुल 12 अधिकारी डीजीपी (Director General of Police) के सर्वोच्च पद पर अपनी सेवाएं दे चुके हैं, जिनमें श्री अरुण देव गौतम 12वें नंबर पर हैं।
उत्तर: छत्तीसगढ़ के दूसरे पुलिस महानिदेशक डॉ. आर. एल. एस. यादव (Dr. R. L. S. Yadav IPS) थे। उनका कार्यकाल 26 मई 2001 से 31 जनवरी 2002 तक था।
उत्तर: दिसंबर 2018 से नवंबर 2021 तक छत्तीसगढ़ के डीजीपी की कमान श्री डी. एम. अवस्थी (DM Awasthi IPS) के हाथों में थी। उनका कार्यकाल 20-12-2018 से 11-11-2021 तक रहा।
उत्तर: आईपीएस अशोक जुनेजा ने 11 नवंबर 2021 को छत्तीसगढ़ के डीजीपी का पदभार ग्रहण किया था और वे 4 फरवरी 2025 तक इस पद पर रहे, जिसके बाद अरुण देव गौतम को यह जिम्मेदारी सौंपी गई।







