
Chaturpost Business Desk: नेशनल पेंशन सिस्टम (National Pension System – NPS) में शामिल लोगों के लिए एक बहुत बड़ी खुशखबरी है। पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (PFRDA) ने रिटायरमेंट के बाद मिलने वाले पैसों को लेकर एक ऐतिहासिक सर्कुलर जारी किया है। 15 मई 2026 को जारी इस सर्कुलर के तहत अब बुजुर्गों को उनके बुढ़ापे की पूंजी पर ज्यादा रिटर्न और हर महीने एक तय रेगुलर इनकम (Regular Income) देने के लिए नए विकल्प पेश किए गए हैं।
PFRDA की जनरल मैनेजर डॉ. अल्पना वत्स द्वारा जारी आदेश के अनुसार, अब NPS के तहत Retirement Income Schemes (RIS) और Drawdown Options (पैसे निकालने के नए तरीके) को मंजूरी दे दी गई है। इस नए नियम का सीधा फायदा सरकारी और गैर-सरकारी (Government and Non-Government Subscribers) दोनों तरह के कर्मचारियों को मिलेगा।
आइए इस खबर में बेहद आसान भाषा में समझते हैं कि PFRDA का यह नया नियम क्या है, यह कैसे काम करेगा और इससे आपके बैंक खाते में हर महीने आने वाले पैसों पर क्या असर पड़ेगा।
क्या है PFRDA का नया RIS और ड्रॉडाउन विकल्प?
आसान शब्दों में कहें तो जब कोई कर्मचारी रिटायर होता है, तो उसे अपनी कुल जमा पूंजी (Pension Corpus) का एक हिस्सा एकमुश्त (Lumpsum) मिलता है और बाकी हिस्से से पेंशन खरीदनी होती है। अब तक एकमुश्त पैसा निकालने के बाद सब्सक्राइबर्स के पास उसे मैनेज करने के सीमित विकल्प थे।
लेकिन अब, PFRDA ने Decumulation Phase (रिटायरमेंट के बाद पैसा मिलने की अवधि) को सुरक्षित और फायदेमंद बनाने के लिए RIS (Retirement Income Schemes) को लॉन्च किया है। इसके तहत आपका पैसा रिटायरमेंट के बाद भी मार्केट में लगा रहेगा जिससे वह बढ़ता रहेगा, और आपको आपके चुने हुए विकल्प के अनुसार हर महीने, तिमाही या सालाना आधार पर पैसा मिलता रहेगा।
महत्वपूर्ण बात: इस व्यवस्था से आपके अनिवार्य एन्युइटी (Annuitisation) नियम पर कोई असर नहीं पड़ेगा। यानी 20% या 40% की जो न्यूनतम कानूनी गारंटीड लाइफ-लॉन्ग पेंशन (Life-long Pension) मिलती है, वह पूरी तरह सुरक्षित रहेगी।
RIS Steady: उम्र के साथ बदल जाएगा निवेश का तरीका (Glide Path)
PFRDA ने इस योजना के तहत RIS Steady नाम का एक नया लाइफ साइकिल फंड वेरिएंट पेश किया है। इसमें एक Glide Path (बदलती रूपरेखा) तय की गई है। जैसे-जैसे आपकी उम्र बढ़ेगी, शेयर बाजार (Equity) में आपका जोखिम कम होता जाएगा और सरकारी सेक्योरिटीज में निवेश बढ़ता जाएगा ताकि आपका पैसा सुरक्षित रहे।
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आइए नीचे दी गई तालिका से समझते हैं कि किस उम्र में आपका पैसा कहां निवेश रहेगा:
तालिका: RIS Steady के तहत उम्र के अनुसार एसेट डिस्ट्रीब्यूशन (Asset Class Distribution)
| उम्र (Age Bracket) | एसेट क्लास E (Equity – शेयर) | एसेट क्लास C (Corporate Bonds) | एसेट क्लास G (Govt Securities) |
| 60 वर्ष तक | 35% | 10% | 55% |
| 61 वर्ष | 33% | 11% | 56% |
| 65 वर्ष | 25% | 15% | 60% |
| 70 वर्ष | 15% | 20% | 65% |
| 75 वर्ष | 10% | 20% | 70% |
| 76 से 79 वर्ष | 10% | 19% से 16% | 71% से 74% |
| 80 वर्ष और ऊपर | 10% | 15% | 75% |
जैसा कि आप देख सकते हैं, 60 साल की उम्र में इक्विटी (E) में 35% निवेश होगा, जो धीरे-धीरे घटकर 75 साल की उम्र तक 10% पर आ जाएगा और इसके बाद 85 वर्ष की आयु तक यह 10% पर ही स्थिर रहेगा। इससे बुजुर्गों का पैसा बाजार के बड़े जोखिमों से बचा रहेगा।
पैसे निकालने के 2 नए जादुई विकल्प (Drawdown Options)
रिटायरमेंट के बाद अपनी जमा पूंजी को निकालने के लिए PFRDA ने सब्सक्राइबर्स को दो मुख्य ट्रांज़िशन वर्ड्स विकल्पों की सुविधा दी है:
1. सिस्टमैटिक पेआउट रेट (Systematic Payout Rate – SPR)
यह एक डिफॉल्ट (Default Option) विकल्प होगा। इसमें आपकी वर्तमान उम्र और आपकी चुनी हुई अंतिम उम्र (अधिकतम 85 वर्ष) के आधार पर एक पेआउट रेट तय किया जाएगा। हर साल आपके जन्मदिन पर इस रेट को रीसेट (Reset) किया जाएगा।
- SPR निकालने का फॉर्मूला:
$$SPR_{CA} = \left( \frac{1}{\text{Drawdown End Age} – \text{Current Age}} \right) \times 100\%$$
- अगर आप 60 साल की उम्र में बाहर निकलते हैं और 85 साल तक का विकल्प चुनते हैं, तो शुरुआत में यह 4.00% होगा, जो 70 साल की उम्र में 6.67% और 80 साल की उम्र में 20.00% हो जाएगा।
2. सिस्टमैटिक यूनिट रिडेम्पशन (Systematic Unit Redemption – SUR – Equal Units)
इस तरीके में आपके कुल एनपीएस यूनिट्स को चुनी गई अवधि के महीनों या सालों में बराबर हिस्सों में बांट दिया जाता है और हर महीने उतनी यूनिट्स बेचकर आपको पैसा दे दिया जाता है।
- उदाहरण से समझें: अगर आपके पास रिटायरमेंट के समय 80 लाख रुपये का कॉर्पस है और कुल 8,00,000 यूनिट्स हैं। आपने 25 साल (60 से 85 वर्ष तक) के लिए हर महीने (Monthly Payout) पैसा लेने का विकल्प चुना:
- हर महीने रिडीम होने वाली यूनिट्स =
$$\frac{8,00,000}{25 \times 12} = 2,666.67 \text{ Units}$$
- यानी हर महीने आपके खाते से ठीक 2,666.67 यूनिट्स बेची जाएंगी और उस दिन की NAV के हिसाब से पैसा आपके सीधे बैंक अकाउंट में आ जाएगा।
PFRDA के नए सर्कुलर की 5 बड़ी बातें: बुलेट पॉइंट्स में जानें
- उम्र की सीमा: इस योजना का लाभ सरकारी और गैर-सरकारी दोनों ग्राहक उठा सकते हैं। इसके तहत अधिकतम 85 वर्ष की आयु तक पीरियोडिक पेआउट लिया जा सकता है।
- पेआउट की फ्रीक्वेंसी: सब्सक्राइबर्स अपनी सुविधा के अनुसार मासिक (Monthly), तिमाही (Quarterly) या सालाना (Annually) आधार पर पैसे ट्रांसफर करने का विकल्प चुन सकते हैं।
- पेंशन फंड बदलने की आजादी: ड्रॉडाउन विकल्प चुनने के बाद भी आप अपने पुराने पेंशन फंड मैनेजर के साथ बने रह सकते हैं। इसके अलावा, आपको हर दो वित्तीय वर्षों (Financial Years) में एक बार अपना पेंशन फंड बदलने की भी छूट मिलेगी।
- नॉमिनी को सुरक्षा (Death Benefit): यदि ड्रॉडाउन अवधि के दौरान सब्सक्राइबर की मृत्यु हो जाती है, तो खाते में बची हुई पूरी शेष राशि (Residual Corpus) उसके नॉमिनी (Nominee) को PFRDA के नियमों के अनुसार दे दी जाएगी।
- बचे हुए पैसे का विकल्प: अवधि खत्म होने पर यदि कोई अवशिष्ट कॉर्पस (Residual Corpus) बचता है, तो सब्सक्राइबर उसे एकमुश्त निकाल सकता है या फिर उससे अतिरिक्त एन्युइटी (Annuity) खरीद सकता है।
पारदर्शिता के लिए PFRDA के कड़े निर्देश (Subscriber Disclosures)
चूंकि यह पूरा निवेश मार्केट लिंक्ड (Market-linked decumulation) होगा, इसलिए PFRDA ने सभी पेंशन फंड्स और सेंट्रल रिकॉर्ड कीपिंग एजेंसियों (CRAs) को सख्त निर्देश दिए हैं:
- वे ग्राहकों को साफ बताएं कि इस स्कीम में किसी भी तरह के फिक्स्ड पेआउट की कोई गारंटी या आश्वासन (No Guarantee Clause) नहीं है, यह बाजार जोखिमों के अधीन है।
- वेबसाइट पर एक कैलकुलेटर या सिम्युलेटर दिया जाए ताकि ग्राहक अपने संभावित रिटर्न का अनुमान लगा सकें।
- ग्राहकों को एक अलग Retirement Income Statement दिया जाए, जिसमें हर जन्मदिन पर रीसेट होने वाले पेआउट और एसेट रीबैलेंसिंग (Asset Rebalancing Summary) की पूरी जानकारी पारदर्शी तरीके से दर्ज हो।
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निष्कर्ष: PFRDA का यह कदम निश्चित रूप से भारत में रिटायरमेंट प्लानिंग की पूरी तस्वीर बदल देगा। यह नया नियम प्रणालियों और परिचालन ढांचे (Operational Framework) के तैयार होते ही लागू कर दिया जाएगा। अब एनपीएस सब्सक्राइबर्स को रिटायरमेंट के बाद एकमुश्त पैसे को संभालने की चिंता नहीं करनी होगी, बल्कि उनका पैसा सुरक्षित रहते हुए उन्हें हर महीने शानदार कमाई करा कर देगा।







