
नवा रायपुर। छत्तीसगढ़ के आम नागरिकों, किसानों और छात्र-छात्राओं के लिए एक बहुत ही राहत भरी और बड़ी खबर सामने आई है। राज्य की विष्णुदेव साय सरकार ने आम जनता को सरकारी दफ्तरों और बाबुओं के चक्कर काटने से बचाने के लिए बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया है। सरकार ने छत्तीसगढ़ लोक सेवा गारंटी अधिनियम, 2011 (Lok Sewa Guarantee Act) के तहत राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की सबसे महत्वपूर्ण जनहित सेवाओं के लिए समय-सीमा (Time Limit) फिक्स कर दी है।
मंत्रालय (महानदी भवन) से उप-सचिव अरुण कुमार मरकाम के हस्ताक्षर से जारी इस नई अधिसूचना (क्रमांक GENCOR-35/3174/2026-REVENUE) के बाद अब प्राकृतिक आपदा का मुआवजा, सड़क दुर्घटना क्लेम, ईडब्ल्यूएस (EWS) और केंद्रीय जाति प्रमाण पत्र जैसी आवश्यक सेवाएं तय दिनों के भीतर ही जनता को देनी होंगी। इस फैसले का सीधा असर छत्तीसगढ़ के उन हजारों परिवारों पर पड़ेगा जो आपदा या दुर्घटना के बाद दफ्तरों के चक्कर काट-काटकर परेशान हो जाते थे।
अब मुआवजे के लिए नहीं काटने होंगे चक्कर, 15 दिनों में खाते में आएगी राशि (Disaster Relief Compensation)
अक्सर देखा जाता है कि बाढ़, सूखा, आकाशीय बिजली या किसी अन्य प्राकृतिक आपदा (Natural Disaster) से फसल, मकान या जनहानि होने पर पीड़ित परिवारों को आर्थिक सहायता राशि (Relief Compensation) के लिए महीनों इंतजार करना पड़ता था। लेकिन अब सरकार ने इस पूरी प्रक्रिया को बेहद कड़ा और समयबद्ध बना दिया है।
नए नियमों के तहत मिलने वाली राहत राशि की समय-सीमा इस प्रकार तय की गई है:
- 2 लाख रुपये तक का मुआवजा: यदि प्राकृतिक आपदा से हुई क्षति के विरुद्ध 2 लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता का मामला है, तो तहसीलदार को 15 कार्य दिवस के भीतर इसका निपटारा करना होगा।
- 4 लाख रुपये तक का मुआवजा: 2 लाख से ऊपर और 4 लाख रुपये तक के राहत मामलों को अनुविभागीय अधिकारी (SDM) को 15 कार्य दिवस में क्लियर करना होगा।
- 15 लाख रुपये तक का मुआवजा: बड़े मामलों में जहां आर्थिक सहायता 15 लाख रुपये तक की है, वहां जिला कलेक्टर के लिए 15 कार्य दिवस की समय-सीमा तय की गई है।
- 15 लाख रुपये से अधिक का मुआवजा: यदि मुआवजा राशि 15 लाख रुपये से ऊपर की है, तो संभागायुक्त (Divisional Commissioner) के स्तर पर भी इसके लिए केवल 15 कार्य दिवस का ही वक्त मिलेगा।
| क्र. | कार्यालय/विभाग | सेवा का प्रकार | समय सीमा | सक्षम अधिकारी | प्रथम अपील अधिकारी | द्वितीय अपील अधिकारी |
|---|---|---|---|---|---|---|
| 1 | कार्यालय तहसीलदार | आर्थिक सहायता राशि स्वीकृति | 15 दिवस | तहसीलदार | अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) | कलेक्टर |
| 2 | कार्यालय नायब तहसीलदार | प्रमाण पत्र जारी करना | 15 दिवस | नायब तहसीलदार | तहसीलदार | अनुविभागीय अधिकारी |
| 3 | कार्यालय अनुविभागीय अधिकारी | भूमि संबंधी आवेदन | 15 दिवस | अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) | कलेक्टर | संभागायुक्त |
| 4 | कार्यालय तहसीलदार | नामांतरण (म्यूटेशन) कार्यवाही | 15 दिवस | तहसीलदार | अनुविभागीय अधिकारी | कलेक्टर |
| 5 | कार्यालय तहसीलदार | सीमांकन कार्यवाही | 07 दिवस | तहसीलदार | अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) | कलेक्टर |
| 6 | कार्यालय अनुविभागीय अधिकारी | नक्शा/प्रमाण पत्र जारी करना | 07 दिवस | अनुविभागीय अधिकारी | कलेक्टर | संभागायुक्त |
सड़क दुर्घटना में मौत या गंभीर घायल होने पर भी 15 दिन की डेडलाइन (Road Accident Claim)
सड़क हादसों का शिकार होने वाले परिवारों के लिए भी सरकार ने संवेदनशीलता दिखाई है। अधिसूचना के मुताबिक, यदि छत्तीसगढ़ में किसी सड़क दुर्घटना में किसी नागरिक की मृत्यु हो जाती है या कोई गंभीर रूप से घायल होता है, तो मिलने वाली सरकारी आर्थिक सहायता (Financial Assistance) के प्रकरण का निपटारा अनुविभागीय अधिकारी (SDM) को 15 कार्य दिवस के भीतर ही करना होगा। इससे पीड़ित परिवारों को संकट के समय तुरंत आर्थिक संबल मिल सकेगा।
छात्रों और युवाओं की बड़ी टेंशन खत्म: सर्टिफिकेट्स के लिए दिन निर्धारित
राजस्व विभाग की इस अधिसूचना में केवल मुआवजा ही नहीं, बल्कि युवाओं के भविष्य से जुड़े जरूरी प्रमाण पत्रों (Certificates) को भी शामिल किया गया है, जिसके लिए छात्र अक्सर परेशान रहते हैं:
काम में देरी हुई तो सीधे कलेक्टर और कमिश्नर के पास होगी अपील (Appellate Process)
सरकार ने इस कानून में आम जनता को यह ताकत दी है कि यदि तय समय-सीमा के भीतर अधिकारी काम नहीं करते हैं, तो नागरिक उनके खिलाफ सीधे सीनियर अफसरों से शिकायत और अपील कर सकते हैं।
उदाहरण के लिए, तहसीलदार द्वारा समय पर काम न करने पर प्रथम अपील अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) के पास और द्वितीय अपील सीधे जिला कलेक्टर या संभागायुक्त के पास की जा सकती है। यदि लापरवाही साबित होती है, तो संबंधित लोक सेवक पर विभाग की ओर से दंडात्मक कार्रवाई और जुर्माने का प्रावधान भी है।
इसके साथ ही, राज्य सरकार ने एक अन्य अधिसूचना (File No. GENS-2101/3918/2025-EXCISE) के जरिए वाणिज्यिक कर (आबकारी) विभाग के अंतर्गत मिलने वाले एफ.एल. 16 (क) और सी.एस. 6 (ख) परिवहन अनुज्ञा पत्रों (Transport Permits) के निपटारे के लिए भी 05 कार्य दिवस की समय-सीमा तय कर दी है, जिससे व्यापारिक कार्यों में भी तेजी आएगी।
| क्र. | कार्यालय का नाम | प्रतिनियुक्ति हेतु अवधि | पद | समय सीमा | सक्षम अधिकारी | अपील अधिकारी | अतिरिक्त अधिकारी |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| 1 | कलेक्टर (आबकारी) | एफएल 16 (छः) लाइसेंस आवेदन पत्र | सहायक जिला आबकारी अधिकारी | 05 दिवस | संबंधित जिले के सहायक आबकारी अधिकारी | संभागीय संयुक्त आबकारी आयुक्त | कलेक्टर |
| 2 | कलेक्टर (आबकारी) | एफएल 16 (छः) लाइसेंस आवेदन पत्र | सहायक जिला आबकारी अधिकारी | 05 दिवस | संबंधित जिले के सहायक आबकारी अधिकारी | संभागीय संयुक्त आबकारी आयुक्त | कलेक्टर |
चतुर पोस्ट (Chaturpost.com) की नजर में क्यों खास है यह फैसला?
राजस्व विभाग का यह नया नियम सीधे तौर पर छत्तीसगढ़ के ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों की जनता को प्रभावित करता है। इससे दफ्तरों में लालफीताशाही (Red Tapism) खत्म होगी और भ्रष्टाचार पर सीधी चोट लगेगी। सबसे बड़ी बात यह है कि संकट के समय आपदा पीड़ितों को अब दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।

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