
न्यूज डेस्क (chaturpost.com)। भारत के ऊर्जा क्षेत्र (Energy Sector India) में इस समय एक अभूतपूर्व क्रांति देखी जा रही है। वैश्विक स्तर पर अपनी धाक जमाते हुए भारत ने रिन्यूएबल एनर्जी (Renewable Energy) के क्षेत्र में इतिहास रच दिया है। अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (IEA) की ताजा रिपोर्ट से लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की समीक्षा बैठकों तक, हर तरफ भारत के पावर सेक्टर का डंका बज रहा है।
देश में बिजली की बढ़ती मांग को पूरा करने और प्रदूषण मुक्त ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए सरकार और निजी कंपनियां मिलकर पानी की तरह पैसा बहा रही हैं। आइए इस विस्तृत रिपोर्ट में जानते हैं कि देश के ऊर्जा क्षेत्र को बदलने के लिए क्या बड़े कदम उठाए गए हैं।
IEA की रिपोर्ट: 2026 में $170 बिलियन का रिकॉर्ड निवेश (Huge Investment)
अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (International Energy Agency – IEA) की ‘वर्ल्ड एनर्जी इन्वेस्टमेंट 2026’ रिपोर्ट के अनुसार, भारत साल 2026 में अपने ऊर्जा क्षेत्र (Energy Sector India) में रिकॉर्ड $170 बिलियन (लगभग ₹14 लाख करोड़ रुपये) का निवेश करने जा रहे है।
बड़ी उपलब्धि: भारत ने साल 2025 में ही अपने उस राष्ट्रीय लक्ष्य (Nationally Determined Contribution – NDC) को हासिल कर लिया था, जिसके तहत 50% बिजली क्षमता गैर-जीवाश्म (Non-fossil) स्रोतों से आनी थी। भारत ने यह लक्ष्य समय से 5 साल पहले ही पूरा कर लिया है।
रिपोर्ट में साफ कहा गया है कि भारत में सोलर एनर्जी (Solar Energy), बैटरी स्टोरेज और ग्रिड इंफ्रास्ट्रक्चर में तेज बढ़त (Rapid Growth) देखी जा रही है, हालांकि कोयला आधारित परियोजनाओं में भी निवेश जारी है।
PM Modi का मास्टरस्ट्रोक: रूफटॉप और कैनाल-टॉप सोलर को मिलेगी रफ्तार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 51वीं प्रगति (PRAGATI) बैठक की अध्यक्षता करते हुए देश के बुनियादी ढांचे की समीक्षा की। इस बैठक में रेलवे, पावर और रोड सेक्टर की 7 बड़ी परियोजनाओं की समीक्षा की गई, जिनकी कुल लागत लगभग ₹30,000 करोड़ रुपये है।
प्रधानमंत्री के प्रमुख निर्देश (Key Directives):
- शहरी क्षेत्रों और सरकारी संस्थानों में Rooftop Solar को तेजी से इंस्टॉल किया जाए।
- नहरों के ऊपर सोलर पैनल लगाने यानी Canal-Top Solar प्रोजेक्ट्स की संभावनाओं को तुरंत तलाशा जाए।
- बिजली के खर्च को कम करके आम जनता को राहत दी जाए और देश की Energy Security को मजबूत किया जाए।
जम्मू-कश्मीर में NHPC ने शुरू किया ‘दुलहस्ती स्टेज-II’ का काम (Hydroelectric Project)
जलविद्युत के क्षेत्र में भारत को आत्मनिर्भर बनाने के लिए NHPC Limited ने जम्मू-कश्मीर में 260 मेगावाट (MW) के दुलहस्ती स्टेज-II प्रोजेक्ट (Dulhasti Stage-II Project) का निर्माण कार्य आधिकारिक रूप से शुरू कर दिया है।
27 मई 2026 को एनएचपीसी के डायरेक्टर (प्रोजेक्ट्स) श्री संजय कुमार सिंह ने ‘हेड रेस टनल’ (HRT) के लिए पहला ब्लास्ट करके इस काम का उद्घाटन किया। यह प्रोजेक्ट BOOT (Build-Own-Operate-Transfer) मॉडल पर आधारित है, जिसका कंसेशन पीरियड (Concession Period) 40 वर्षों का होगा। इसमें पहले से मौजूद बुनियादी ढांचे का उपयोग किया जाएगा, जिससे लागत में कमी आएगी।
EAC का बड़ा फैसला: ग्रीनको और पनारी प्रोजेक्ट्स अब ‘ओपन-लूप’ श्रेणी में
नदी घाटी और जलविद्युत परियोजनाओं के लिए गठित विशेषज्ञ मूल्यांकन समिति (Expert Appraisal Committee – EAC) ने एक बड़ा नीतिगत बदलाव किया है। समिति ने 2000 MW के नयागांव पीएसपी (Nayagaon PSP) और 1800 MW के पनारी पीएसपी (Panari PSP) प्रोजेक्ट्स को ‘क्लोज्ड-ループ’ से ‘ओपन-लूप’ प्रोजेक्ट्स में रीक्लासिफाइड (Reclassified) कर दिया है।
- वजह: ये दोनों पंप स्टोरेज प्रोजेक्ट्स प्राकृतिक नालों और जल स्रोतों से जुड़े हैं।
- असर: अब इन्हें कड़े पर्यावरणीय मानदंडों (Stricter Environmental Norms) से गुजरना होगा, जिसमें जनसुनवाई (Public Hearings) और विस्तृत पारिस्थितिक अध्ययन शामिल हैं।
कॉर्पोरेट जगत में हलचल: इन कंपनियों ने मारी बाजी (Corporate Updates)
भारत के इस बदलते एनर्जी मार्केट (Energy Market) का फायदा उठाने के लिए कॉर्पोरेट कंपनियों के बीच होड़ मची हुई है। आइए नजर डालते हैं कुछ प्रमुख कंपनियों के प्रदर्शन पर:
1. Enviro Infra के ऑर्डर बुक में 242% का उछाल
इन्वायरो इन्फ्रा इंजीनियर्स लिमिटेड ने वित्तीय वर्ष 2026 (FY26) में शानदार वित्तीय प्रदर्शन (Financial Performance) किया है। कंपनी का ऑपरेशंस रेवेन्यू 7.5% बढ़कर ₹11,456 मिलियन हो गया है, जबकि इसका ऑर्डर बुक 242% की छलांग लगाकर ₹68,136 मिलियन पर पहुंच गया है। कंपनी ने सुयोग ऊर्जा लिमिटेड का अधिग्रहण किया है और NTPC से 930 MWh के बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) का कॉन्ट्रैक्ट हासिल किया है।
2. Swelect Energy करेगी USolar Assetco का अधिग्रहण
स्वेलेक्ट एनर्जी सिस्टम्स लिमिटेड ने ग्रुप कैप्टिव मॉडल (Group Captive Model) के तहत 26.6 MWp DC क्षमता का सोलर पावर प्लांट लगाने के लिए ‘USolar Assetco Four Private Limited’ की 100% हिस्सेदारी खरीदने की मंजूरी दे दी है। यह सौदा ₹3.30 करोड़ रुपये में तय हुआ है।
3. NLC India और NCRTC का नया ज्वाइंट वेंचर
एनएलसी इंडिया लिमिटेड और नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (NCRTC) ने हाथ मिलाया है। दोनों मिलकर ‘NIRL NCRTC Renewables Limited’ नाम से एक ज्वाइंट वेंचर (Joint Venture) बना रहे हैं। यह जेवी रैपिड रेल (RRTS) के इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए ग्रिड-कनेक्टेड सोलर प्रोजेक्ट्स विकसित करेगा। इसमें NLC की 74% और NCRTC की 26% हिस्सेदारी होगी।
4. Schneider Electric Infra के ऑर्डर इनफ्लो में 27% की वृद्धि
श्नाइडर इलेक्ट्रिक इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (SEIL) ने FY26 में अपने ऑर्डर इनफ्लो में 27.4% की बढ़त दर्ज की है, जो ₹3,430 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। हालांकि, कच्चे माल की कीमतों में उतार-चढ़ाव (Commodity Price Volatility) के कारण कंपनी का शुद्ध लाभ (PAT) 20.7% गिरकर ₹213 करोड़ रुपये रहा।
चतुरपोस्ट विश्लेषण (Chaturpost Verdict): भारत का भविष्य है उज्ज्वल
बिजली क्षेत्र के विशेषज्ञों का मानना है कि Energy Sector India में चल रही यह हलचल केवल कागजी नहीं है, बल्कि जमीन पर इसका असर दिखने लगा है। भारत सरकार की नीतियां और निजी क्षेत्र की आक्रामकता यह साफ दर्शाती है कि आने वाले समय में भारत न सिर्फ अपनी बिजली जरूरतों को आसानी से पूरा करेगा, बल्कि दुनिया के लिए ग्रीन एनर्जी (Green Energy) का सबसे बड़ा हब बनकर उभरेगा। आम उपभोक्ताओं के लिए इसका सीधा मतलब है- आने वाले समय में निर्बाध बिजली सप्लाई और रूफटॉप सोलर के जरिए बिजली के भारी-भरकम बिलों से हमेशा के लिए आजादी!







