
नवा रायपुर। छत्तीसगढ़ के श्रम विभाग (Labour Department) ने आम जनता, व्यापारियों और गरीब श्रमिकों को बड़ी राहत देते हुए एक बेहद महत्वपूर्ण अधिसूचना (Notification) जारी की है。 राज्य सरकार ने ‘छत्तीसगढ़ लोक सेवा गारंटी अधिनियम, 2011’ के तहत श्रम विभाग की सभी महत्वपूर्ण नागरिक-केंद्रित सेवाओं को शामिल करते हुए उनके निपटारे के लिए कड़े दिन (Time-limit) निर्धारित कर दिए हैं。
श्रम विभाग के उप-सचिव विपुल कुमार गुप्ता द्वारा जारी इस राजपत्र (Gazette) के बाद अब यदि कोई अधिकारी तय समय-सीमा के भीतर आपकी फाइल पास नहीं करता है, तो उसके खिलाफ सीधे विभाग के सचिव स्तर पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी。 इस फैसले से सरकारी दफ्तरों में बाबूराज और लेटलतीफी पूरी तरह खत्म होगी।
⚡ बड़ी बात: मात्र 24 घंटे में मिलेगा दुकान का लाइसेंस
इस नए नियम के तहत (Under this new rule), सबसे बड़ा फायदा प्रदेश के व्यापारियों को मिलने जा रहा है। ‘छत्तीसगढ़ दुकान एवं स्थापना अधिनियम, 2017’ के अंतर्गत नया दुकान पंजीयन (Registration) कराना हो या पुराने पंजीयन में कोई संशोधन (Amendment) करना हो, यह काम अब मात्र 24 घंटे के भीतर पूरा करना अनिवार्य होगा。 इसके लिए आपको किसी दफ्तर के चक्कर काटने की बिल्कुल जरूरत नहीं पड़ेगी।
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📊 योजनाओं की समय-सीमा (BOCW Board की सभी मुख्य योजनाएं)
श्रम विभाग के अंतर्गत आने वाले छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल (BOCW Board) की सभी लोकप्रिय कल्याणकारी योजनाओं के आवेदनों का निपटारा अब नीचे दी गई समय-सीमा में कड़ाई से करना होगा:
🏭 ठेकेदारों और कारखानों के लिए भी कड़े नियम
औद्योगिक घरानों और ठेकेदारों के लिए भी नियमों को बेहद कड़ा और पारदर्शी बनाया गया है (Made transparent):
- संविदा श्रमिक अधिनियम 1970: इसके तहत प्रमुख नियोजक पंजीयन, ठेकेदार का अनुज्ञप्ति (Licence) आवेदन और उसमें किसी भी प्रकार का संशोधन अब 15 कार्य दिवस में करना होगा。
- कारखाना नवीनीकरण (Factory Licence Renewal): कारखानों के लाइसेंस का रिन्यूअल अब 24 घंटे के भीतर ऑटोमैटिक मोड पर किया जाएगा。
- फैक्ट्री नक्शा अनुमोदन (Factory Plan Approval): किसी भी भवन को कारखाने के रूप में उपयोग करने या नक्शा पास करने के लिए (चाहे 20 से कम श्रमिक हों या अधिक) अधिकतम 60 दिन की समय-सीमा दी गई है。
🏥 एक्सीडेंट की जांच और ESI मेडिकल क्लेम पर बड़ा फैसला
औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा संचालनालय (Directorate of Industrial Health and Safety) के अंतर्गत कारखानों में होने वाली किसी भी बड़ी दुर्घटना पर अब तुरंत एक्शन होगा:
- प्राणांतक दुर्घटना (Fatal Accident): मौत की सूचना मिलने पर घटनास्थल की जांच और उसकी रिपोर्ट सौंपने के लिए सिर्फ 7 कार्य दिवस का वक्त मिलेगा。
- गंभीर दुर्घटना (Serious Accident): किसी गंभीर हादसे की जांच और प्रतिवेदन देने के लिए अधिकतम 15 दिन निर्धारित किए गए हैं。
- ESI दवाओं का वितरण: कर्मचारी राज्य बीमा सेवाओं के तहत औषधालय स्तर पर बीमित व्यक्तियों को दवाओं का प्रदाय 3 कार्य दिवस के भीतर करना होगा。 वहीं मेडिकल रीइंबर्समेंट (Medical Reimbursement Claims) के प्रकरणों का निराकरण 15 से 30 दिनों के भीतर करना होगा。
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एडिटर नोट (E-E-A-T इनसाइट): यदि आपको इन सेवाओं का लाभ तय समय पर नहीं मिलता है, तो आप विभाग द्वारा नोटिफाइड अपीलीय प्राधिकारी (Appellate Authority) जैसे उप श्रमायुक्त, अपर श्रमायुक्त या सीधे श्रम विभाग के सचिव के पास अपनी शिकायत (First & Second Appeal) दर्ज करा सकते हैं。 इस पूरी विस्तृत गाइडलाइन और नियमों की प्रामाणिकता की जांच आप आधिकारिक सरकारी दस्तावेज “lok sewa guarantee new.pdf” को देखकर भी कर सकते हैं。







