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Live Update छत्तीसगढ़ में बिजली की नई दरों की घोषणा: 30 से 50 पैसे प्रति यूनिट महंगी हुई घरेलू बिजली

Live Update रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग ने 2026-27 के लिए बिजली के नए दरों की घोषणा कर दी है। राजधानी रायपुर के शांति नगर स्थित आयोग के कार्यालय में इस वक़्त प्रेस कॉन्फ्रेंस चल रही है।

आयोग के दोनों सदस्य विवेक गानोदवाले और अजय कुमार सिंह ने मीडिया को नए टैरिफ की जानकारी दे रहे हैं। आयोग ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए बिजली दरों और राजस्व से संबंधित महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं:
राजस्व आवश्यकता और घाटा: आयोग ने 28,348 करोड़ रुपये की वार्षिक राजस्व आवश्यकता को मंजूरी दी है। वितरण कंपनी द्वारा 6,304 करोड़ रुपये के प्रस्तावित राजस्व घाटे की तुलना में, आयोग ने जांच के बाद केवल 1,662 करोड़ रुपये का राजस्व घाटा ही मान्य किया है।
औसत लागत और बिलिंग दर: वितरण कंपनी ने 8.40 रुपये प्रति यूनिट की औसत लागत (Average cost of supply) का प्रस्ताव दिया था, जिसे आयोग ने स्वीकृति प्रदान की है। वर्ष 2026-27 के लिए औसत विद्युत बिलिंग दर 6.71 रुपये प्रति यूनिट अनुमानित की गई है।

टैरिफ में वृद्धि: वितरण कंपनी द्वारा प्रस्तावित 24 प्रतिशत की भारी वृद्धि के स्थान पर, आयोग ने उपभोक्ताओं के लिए टैरिफ में केवल 6.23 प्रतिशत की वृद्धि को मंजूरी दी है।
प्रभावी तिथि: ये नई विद्युत दरें 1 जुलाई, 2026 से पूरे राज्य में प्रभावी होंगी।

घरेलू उपभोक्ता

घरेलू बिजली दरों में 30 पैसे से 50 पैसे प्रति यूनिट की वृद्धि की गई है.
स्थानीय निकायों के कार्यालयों और छत्तीसगढ़ आवास बोर्ड की कॉलोनियों की स्ट्रीट लाइट व जल आपूर्ति को LV-1 (घरेलू श्रेणी) में स्थानांतरित किया गया है.
ग्रामीण क्षेत्रों, बस्तर/दक्षिण और सरगुजा/उत्तर विकास प्राधिकरणों के विद्यार्थियों के छात्रावासों को भी LV-1 श्रेणी में स्थानांतरित किया गया है.
किसानों के खेतों में पंप के साथ 100 वाट तक के लाइट और पंखे के उपयोग की स्वीकृति जारी रखी गई है.

गैर-घरेलू और कृषि उपभोक्ता

गैर-घरेलू विद्युत दरों में 20 पैसे से 40 पैसे प्रति यूनिट की वृद्धि हुई है.
बस्तर और सरगुजा क्षेत्र में स्थित मोबाइल टावरों को ऊर्जा शुल्क में 25 प्रतिशत की छूट दी गई है.
कृषि पंपों की दरों में 40 पैसे प्रति यूनिट की वृद्धि की गई है.
गैर-सब्सिडी वाले कृषि पंप कनेक्शनों के लिए ऊर्जा प्रभार में छूट को 30 प्रतिशत से बढ़ाकर 40 प्रतिशत कर दिया गया है.

निम्नदाब (LT) और अन्य महत्वपूर्ण प्रावधान


अस्थाई कनेक्शनों का सामान्य टैरिफ 1.25 गुना से बढ़ाकर 1.5 गुना कर दिया गया है.
निर्धारित भार से अधिक वाले उपभोक्ताओं के लिए TOD टैरिफ लागू किया गया है.
इलेक्ट्रिक व्हीकल चार्जिंग के लिए टैरिफ को 7.13 रुपये प्रति यूनिट (LT) और 6.42 रुपये प्रति kVAh (HT) निर्धारित किया गया है.
महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा संचालित उद्योगों को ऊर्जा प्रभार में 10 प्रतिशत की छूट जारी रहेगी.
अग्रिम भुगतान पर मिलने वाली छूट को 1.25 प्रतिशत से घटाकर 0.75 प्रतिशत कर दिया गया है.
विलंबित भुगतान अधिभार (Delay payment surcharge) को 1.5% प्रति माह से बदलकर 0.04% प्रति दिन कर दिया गया है.

Chhattisgarh Electricity Tariff रायपुर। छत्तीसगढ़ के बिजली उपभोक्ताओं के लिए आज का दिन बेहद महत्वपूर्ण है। छत्‍तीसगढ़ राज्‍य विद्युत नियामक आयोग (CSERC) आज शाम 5:30 बजे एक महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित करने जा रहा है, जिसमें बिजली की नई दरों (Electricity Tariff) को लेकर बड़ी घोषणा होने की संभावना है । लंबे समय से चल रही अटकलों के बाद अब यह स्पष्ट हो जाएगा कि आम जनता और उद्योगों को बिजली के लिए कितनी कीमत चुकानी होगी।

घाटे की भरपाई के लिए टैरिफ में बदलाव (Tariff Revision) छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (CSPDCL) ने नियामक आयोग के समक्ष अपनी टैरिफ याचिका (Petition No. 103/2025) दायर की थी । कंपनी ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए लगभग ₹6308.24 करोड़ का कुल राजस्व अंतर (Revenue Gap) दर्शाया है । इस भारी-भरकम घाटे की भरपाई के लिए कंपनी ने टैरिफ में समान वृद्धि (Uniform Hike) का प्रस्ताव रखा है ।

उपभोक्ताओं के लिए प्रमुख बदलाव (Key Highlights)

CSPDCL ने केवल टैरिफ में वृद्धि ही नहीं, बल्कि कई अन्य प्रस्ताव भी रखे हैं जो सीधे उपभोक्ताओं को प्रभावित करेंगे:

  • लोड फैक्टर रिबेट (Load Factor Rebate): स्टील उद्योग श्रेणी (HV-4) के लिए रिबेट को 25% से घटाकर 10% करने का अनुरोध किया गया है ।
  • Time of Day (ToD) टैरिफ: सौर घंटों (09:00 से 17:00) के दौरान टैरिफ को 80% से घटाकर 70% करने का प्रस्ताव है, जबकि पीक आवर्स (17:00 से 23:00) के दौरान इसे 120% से बढ़ाकर 125% करने की मांग की गई है ।
  • अग्रिम भुगतान में छूट (Rebate on Advance Payment): अग्रिम भुगतान पर मिलने वाली छूट को 1.25% से घटाकर 0.5% करने का सुझाव दिया गया है ।
  • वोल्टेज आधारित दरें: बिजली अपीलीय प्राधिकरण के निर्देशानुसार, अब बिजली की दरें ‘वोल्टेज वार आपूर्ति लागत’ (Voltage-wise cost of supply) के आधार पर तय की जाएंगी ।

आगे क्या होगा?

आज शाम की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद यह साफ हो जाएगा कि क्या सरकार आम उपभोक्ताओं को राहत देगी या उद्योगों की तरह घरेलू श्रेणी पर भी बोझ बढ़ेगा। राज्य के लाखों उपभोक्ता अब आयोग के अंतिम फैसले का इंतजार कर रहे हैं।

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S. J. Kumar

पत्रकारिता के क्षेत्र में 22 वर्षों से अधिक का गहन अनुभव । सुदीर्घ करियर में राष्ट्रीय समाचार पत्रों में महत्वपूर्ण पदों पर सेवाएं दी हैं। जटिल मुद्दों के सरल विश्लेषण और खोजी रिपोर्टिंग के साथ राजनीति, प्रशासन और समसामयिक विषयों पर गहरी पकड़ है। पत्रकारिता में उत्कृष्ट योगदान के लिए राज्य स्तरीय पुरस्कारों से भी सम्मानित किया जा चुका है। वर्तमान में Chaturpost.com में सेवाएं दे रहे हैं।
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