
नवा रायपुर। छत्तीसगढ़ में मानसून (Monsoon season) की धुआंधार एंट्री के साथ ही जलभराव और बाढ़ जैसी स्थितियां निर्मित होने लगी हैं। बारिश के इस मौसम में जल-जनित (Water-borne diseases) और वेक्टर-जनित (Vector-borne diseases) खतरनाक बीमारियों का ग्राफ तेजी से ऊपर भागता है। इसे देखते हुए छत्तीसगढ़ शासन के राज्य शहरी विकास अभिकरण (SUDA) ने प्रदेश के सभी नगर पालिक निगमों, नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों के लिए एक बेहद सख्त और कड़ा आदेश जारी कर दिया है।
भारत सरकार के आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय तथा स्वास्थ्य मंत्रालय के कड़े रुख के बाद छत्तीसगढ़ के सभी 180 से अधिक नगरीय निकायों में ‘सफाई अपनाओ बीमारी भगाओ‘ अभियान 2026 (Safai Apnao Campaign) को तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है। यह विशेष महाअभियान 31 जुलाई 2026 तक पूरी कड़ाई के साथ जमीन पर संचालित किया जाएगा।
स्टॉप डायरिया कैंपेन के साथ बड़ा अभिसरण (Convergence)
एक वरिष्ठ प्रशासनिक संपादक के रूप में इस खबर का विश्लेषण करने पर पता चलता है कि केंद्र और राज्य सरकार इस बार स्वास्थ्य सुरक्षा को लेकर बेहद गंभीर हैं। राज्य में इस अभियान को स्वास्थ्य विभाग के ‘स्टॉप डायरिया अभियान‘ (STOP Diarrhoea Campaign) के साथ जोड़ा गया है, जो 16 जून से शुरू होकर 31 जुलाई 2026 तक संचालित हो रहा है । इसका मुख्य स्लोगन “स्वच्छ जल, समुचित उपचार – डायरिया से बचें हर बार” (STOP Diarrhoea – Save Lives) रखा गया है ताकि बच्चों में डायरिया से होने वाली मृत्यु दर को शून्य पर लाया जा सके ।
नगरीय निकायों को जारी कड़े निर्देशों के अनुसार, वर्षा ऋतु के दौरान ठोस अपशिष्ट प्रबंधन (Solid Waste Management) और त्वरित स्वच्छता प्रतिक्रिया प्रणाली (Sanitation Response) पर विशेष ध्यान केंद्रित करने को कहा गया है ताकि किसी भी तरह की महामारी से बचा जा सके ।
अभियान के 6 प्रमुख रणनीतिक स्तंभ (Key Pillars of Campaign)
SUDA के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सह मिशन डायरेक्टर (SBM-U 2.0) द्वारा जारी आदेश के तहत शहरी निकायों को निम्नलिखित छह बिंदुओं पर युद्धस्तर पर काम करने के निर्देश दिए गए हैं:
- 1. सघन सफाई एवं स्वच्छता अभियान (Intensive Cleanliness Drive): निकाय क्षेत्रों के अंतर्गत आने वाले सभी जलभराव वाले और संवेदनशील हॉटस्पॉट्स (High-risk areas) की पहचान कर वहां विशेष सफाई अभियान चलाया जा रहा है ।
- 2. झुग्गी बस्तियों पर विशेष फोकस (Urban Slums Priority): शहरों की झुग्गी बस्तियों में संक्रमण फैलने का खतरा सबसे ज्यादा होता है । इसलिए वहाँ 100% दैनिक कचरा संग्रहण (Door-to-Door Waste Collection) अनिवार्य कर दिया गया है ।
- 3. सार्वजनिक शौचालयों का संधारण (Public Toilets Maintenance): सभी सामुदायिक और सार्वजनिक शौचालयों (PT & CT) की नियमित साफ-सफाई और उनकी शत-प्रतिशत कार्यशीलता (Functionality) सुनिश्चित की जाएगी ।
- 4. वर्षा ऋतु के पश्चात् के उपाय (Post-Monsoon Measures): बाढ़ या भारी जलभराव के बाद जमे हुए मलबे और कीचड़ को तत्काल हटाने के साथ ही फॉगिंग (Fogging) और एंटी-लार्वा स्प्रे का छिड़काव किया जाएगा ।
- 5. सामुदायिक सहभागिता (Community Engagement): वार्ड समितियों, रहवासी संघों (RWA), नागरिक संगठनों और स्व-सहायता समूहों (SHGs) को जोड़कर घर-घर जागरूकता (IEC activities) फैलाई जाएगी ।
- 6. सफाई मित्रों का कल्याण (Sanitation Workers Welfare): अग्रिम पंक्ति में काम करने वाले सफाई मित्रों को व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण (PPE Kits) दिए जाएंगे और उनके लिए विशेष स्वास्थ्य जांच शिविरों का आयोजन होगा ।
चरणबद्ध कार्यक्रम की पूरी रूपरेखा (Phase-wise Implementation Schedule)
छत्तीसगढ़ के शहरों में इस महाअभियान को सुचारू रूप से लागू करने के लिए इसे तीन विशेष चरणों (Three Phases) में विभाजित किया गया है:
चरण 1: शुभारंभ एवं तैयारी (06 जुलाई से 10 जुलाई 2026)
- 06 जुलाई: राज्य, जिला और शहरी निकाय (ULB) स्तर पर अभियान की औपचारिक शुरुआत ।
- 06-07 जुलाई (स्वच्छ शहर – स्वस्थ परिवार): प्रमुख बाजारों, बस स्टैंडों और रेलवे स्टेशनों पर सघन सफाई ।
- 08-09 जुलाई (GVP मुक्त क्षेत्र): कचरा संवेदनशील बिंदुओं (Garbage Vulnerable Points – GVPs) का पूरी तरह उन्मूलन ।
- 10 जुलाई (स्वच्छ नाली एवं जलस्रोत): नालियों की गाद निकालना और जलभराव वाले क्षेत्रों की सफाई ।
चरण 2: जन-जागरूकता एवं क्रियान्वयन (11 जुलाई से 25 जुलाई 2026)
- 11-15 जुलाई (स्वच्छ शौचालय अभियान): सार्वजनिक एवं सामुदायिक शौचालयों की मरम्मत और विशेष सफाई ।
- 16-20 जुलाई (जन-जागरूकता अभियान): नुक्कड़ नाटक, रैलियां और वार्ड स्तर पर नागरिकों की बैठकें ।
- 21-25 जुलाई (जल स्वच्छता): पानी की टंकियों की सफाई (Water tank cleaning) और सुरक्षित पेयजल भंडारण का संदेश ।
चरण 3: समुदाय सहभागिता एवं सुदृढ़ीकरण (16 जुलाई से 31 जुलाई 2026)
- 16-20 जुलाई: RWAs और मोहल्ला समितियों के साथ समन्वय बैठकें ।
- 20-24 जुलाई: जलस्रोतों का शुद्धिकरण और क्लोरिनेशन की जांच ।
- 25-30 जुलाई: स्कूलों और वार्डों में स्वच्छता थीम पर पोस्टर और निबंध प्रतियोगिताएं ।
- 31 जुलाई (महा स्वच्छता अभियान): जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों की उपस्थिति में विशाल श्रमदान 。
स्वच्छतम पोर्टल पर दर्ज होगी हर गतिविधि की रिपोर्ट (Online Monitoring)
इस अभियान की सबसे बड़ी विशेषता इसकी पारदर्शी निगरानी प्रणाली (Strict Monitoring System) है । सभी नगरीय निकायों को निर्देश दिया गया है कि वे अभियान के तहत की जाने वाली हर गतिविधि की प्रविष्टि केंद्र सरकार के डिजिटल प्लेटफॉर्म स्वच्छतम पोर्टल (Swachhatam Portal) पर अनिवार्य रूप से करें । 31 जुलाई 2026 तक सभी मापनीय संकेतकों (Measurable Indicators) की प्रगति रिपोर्ट पोर्टल पर लॉक करनी होगी, जिसकी समीक्षा सीधे राज्य और जिला स्तर पर की जाएगी ।
एक्सपर्ट ओपिनियन और निष्कर्ष
Chaturpost View: मानसून के मौसम में संक्रामक बीमारियों का ग्राफ तेजी से बढ़ता है। ऐसे में स्वच्छ भारत मिशन-शहरी 2.0 (SBM-U 2.0) के तहत छत्तीसगढ़ सरकार का यह कदम केवल एक प्रशासनिक औपचारिकता नहीं बल्कि सार्वजनिक स्वास्थ्य (Public Health) की रक्षा के लिए एक ढाल है । आम नागरिकों, पार्षदों और सामाजिक संस्थाओं को इस ‘सफाई अपनाओ बीमारी भगाओ’ अभियान (Safai Apnao Campaign) में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेना चाहिए, क्योंकि जन-भागीदारी (Public Participation) के बिना कोई भी स्वच्छता अभियान पूरी तरह सफल नहीं हो सकता । अपने घर के आसपास पानी न जमा होने दें, पीने के पानी को हमेशा ढककर रखें और स्वच्छता को अपनी दैनिक आदत बनाएं।








