शासकीय आदेश व अधिसूचना

छत्‍तीसगढ़ में उद्योगपतियों की बल्ले-बल्ले, सरकार ने बदली नीति, अब इन बड़े प्रोजेक्ट्स पर मिलेगा 100% तक शुल्क में डिस्काउंट

नवा रायपुर। छत्तीसगढ़ में निवेश को बढ़ावा देने और औद्योगिक विकास (Industrial Development) को गति देने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व वाली राज्य सरकार ने एक ऐतिहासिक फैसला लिया है। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग ने हाल ही में छत्तीसगढ़ भू-राजस्व संहिता, 1959 की धारा 59 (2) के अंतर्गत एक अत्यंत महत्वपूर्ण अधिसूचना जारी की है। इस नोटिफिकेशन के जरिए राज्य सरकार ने औद्योगिक और व्यावसायिक भूमि के व्यपवर्तन शुल्क (Diversion Fee) में भारी कटौती और छूट की घोषणा की है।

औद्योगिक विकास की नई दिशा

यह निर्णय राज्य की नई औद्योगिक विकास नीति और लॉजिस्टिक नीति (Logistics Policy) का हिस्सा है। सरकार का मुख्य उद्देश्य राज्य में सूक्ष्म, लघु और वृहद उद्यमों (MSMEs and Large Enterprises) को आकर्षित करना है। इस नीति के लागू होने के बाद, जो उद्यमी या निवेशक औद्योगिक कार्यों के लिए भूमि उपयोग परिवर्तन (Land Use Change) करवाना चाहते हैं, उन्हें वित्तीय बोझ से बड़ी राहत मिलेगी।

किन-किन सेक्टरों को मिलेगा लाभ? (Bullet Points)

राज्य सरकार द्वारा दी गई इस छूट के दायरे में कई प्रमुख व्यावसायिक गतिविधियां शामिल हैं। आप नीचे दी गई सूची में देख सकते हैं कि किसे कितना लाभ मिलेगा:

  • सूक्ष्म एवं लघु उद्यम: औद्योगिक प्रयोजन के लिए भूमि उपयोग परिवर्तन हेतु अधिकतम 15 एकड़ भूमि तक पुनर्निर्धारण शुल्क में 50 प्रतिशत की छूट मिलेगी।
  • निजी औद्योगिक क्षेत्र/पार्क: न्यूनतम 15 एकड़ भूमि व्यपवर्तित करने पर पुनर्निर्धारण शुल्क में 100 प्रतिशत तक की छूट मिलेगी।
  • प्लग एंड प्ले अधोसंचरना: निजी प्लग एवं प्ले अधोसंचरना या फ्लेटेड फैक्टरी की स्थापना हेतु 100 प्रतिशत की छूट मिलेगी।
  • मिनी-मॉल्स: नगरीय क्षेत्रों या विकासखण्ड मुख्यालय से 10 किमी परिधि में मल्टीप्लेक्स युक्त मिनीमॉल्स पर 100 प्रतिशत की छूट मिलेगी।
  • लॉजिस्टिक हब्स: लॉजिस्टिक पार्क, ड्राई पोर्ट्स, एयर कार्गो, गति-शक्ति कार्गो टर्मिनल्स आदि की स्थापना हेतु 100 प्रतिशत की छूट मिलेगी।
  • वृहद उद्यम: औद्योगिक/वाणिज्यिक प्रयोजन हेतु अधिकतम 50 एकड़ तक की भूमि के लिए 50 प्रतिशत की छूट मिलेगी।

निवेशकों के लिए क्यों है यह बड़ा मौका? (Expert Analysis)

विशेषज्ञों का मानना है कि यह बदलाव राज्य की ‘Ease of Doing Business’ रैंकिंग को सुधारने में मददगार साबित होगा। पहले व्यपवर्तन शुल्क काफी अधिक होता था, जिससे कई निवेशक अपनी योजनाएं आगे बढ़ाने में हिचकिचाते थे। In other words, यह नीति अब एक टर्निंग पॉइंट साबित हो सकती है।

सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह छूट छत्तीसगढ़ की वर्तमान औद्योगिक विकास नीति और लॉजिस्टिक नीति के तहत निर्धारित शर्तों को पूरा करने वाले पात्र उद्यमों को ही मिलेगी। Consequently, इच्छुक उद्यमियों को सलाह दी जाती है कि वे अपने प्रोजेक्ट की रिपोर्ट और भूमि संबंधी दस्तावेज समय रहते संबंधित जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र (DIC) में जमा करें।

भविष्य की संभावनाएं

छत्तीसगढ़ सरकार का यह कदम केवल निवेश तक ही सीमित नहीं है। As a matter of fact, इससे राज्य में रोजगार के नए अवसर (Employment Opportunities) भी पैदा होंगे। लॉजिस्टिक हब्स और एयर कार्गो टर्मिनल्स की स्थापना से राज्य का एक्सपोर्ट-इंपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत होगा। Furthermore, यह नीति स्थानीय स्तर पर व्यापार को आधुनिक बनाने में एक उत्प्रेरक (Catalyst) का कार्य करेगी।

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राज्य के राजस्व विभाग द्वारा जारी यह अधिसूचना 1 जुलाई 2026 से प्रभावी मानी जाएगी और इसने 14 सितंबर 2022 की पुरानी अधिसूचना का स्थान ले लिया है। However, निवेशकों को यह सुनिश्चित करना होगा कि वे अपनी जमीन के दस्तावेजों को सही तरीके से अपडेट रखें ताकि उन्हें इस सरकारी छूट का लाभ लेने में किसी प्रकार की तकनीकी बाधा का सामना न करना पड़े।

Diversion Fee Exemption

S. J. Kumar

पत्रकारिता के क्षेत्र में 22 वर्षों से अधिक का गहन अनुभव । सुदीर्घ करियर में राष्ट्रीय समाचार पत्रों में महत्वपूर्ण पदों पर सेवाएं दी हैं। जटिल मुद्दों के सरल विश्लेषण और खोजी रिपोर्टिंग के साथ राजनीति, प्रशासन और समसामयिक विषयों पर गहरी पकड़ है। पत्रकारिता में उत्कृष्ट योगदान के लिए राज्य स्तरीय पुरस्कारों से भी सम्मानित किया जा चुका है। वर्तमान में Chaturpost.com में सेवाएं दे रहे हैं।
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