
रायपुर। छत्तीसगढ़ की सरकारी बिजली कंपनियों ने अपने कामकाज को और अधिक पारदर्शी और आधुनिक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। राज्य की बिजली कंपनियों—जनरेशन, ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन—ने अब पूरी तरह से e-Office प्रणाली को अनिवार्य कर दिया है।
मुख्य अभियंता (मानव संसाधन) की तरफ से जारी निर्देशों के अनुसार, अब कार्यालयीन फाइलों, नोटशीट और पत्राचार के लिए किसी भी प्रकार के भौतिक या ऑफलाइन माध्यम का उपयोग नहीं किया जाएगा। यह पहल न केवल कार्यकुशलता (Efficiency) बढ़ाएगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण (Environmental protection) के उद्देश्य को भी पूरा करेगी।
क्यों लिया गया यह सख्त निर्णय? (The Need for Change)
शासन और कंपनी प्रबंधन के संज्ञान में यह आया था कि कुछ कार्यालयों द्वारा अभी भी पुराने ढर्रे पर भौतिक फाइलों (Physical files) का उपयोग किया जा रहा है। यह कार्यप्रणाली सरकार की ई-गवर्नेंस (e-Governance) नीति और डिजिटल युग की आवश्यकताओं के पूरी तरह प्रतिकूल है।
अतः, प्रशासनिक कार्य में गति लाने और जवाबदेही तय करने के उद्देश्य से 1 अगस्त 2026 से कड़े नियमों को लागू किया गया है।
पालन करने योग्य मुख्य निर्देश (Key Directives)
प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि अब किसी भी स्तर पर कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने के लिए निम्नलिखित बातों का विशेष ध्यान रखना होगा:
- पूर्ण डिजिटलीकरण: 1 अगस्त 2026 से सभी कार्यालयों में नोटशीट, पत्राचार, आदेश और परिपत्र केवल ई-ऑफिस के माध्यम से ही प्रस्तुत किए जाएंगे।
- ऑफलाइन फाइलों पर रोक: यदि कोई भौतिक फाइल प्राप्त होती है, तो उसे बिना किसी कार्रवाई के आवक स्तर से ही वापस कर दिया जाएगा।
- यूनिकोड का उपयोग: ई-ऑफिस में हिंदी भाषा में काम करते समय केवल ‘यूनिकोड’ (Unicode) फॉन्ट का ही उपयोग अनिवार्य है।
- तकनीकी स्पष्टता: ई-ऑफिस में फाइलों को आगे बढ़ाने के लिए ‘FILE’ और पत्राचार के लिए ‘RECEIPT’ मॉड्यूल का ही प्रयोग करें।
तकनीकी सावधानियां (Technical Guidelines)
अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे ई-ऑफिस के तकनीकी पहलुओं को समझें। चूंकि ई-ऑफिस के ‘LETTER’ सेक्शन में ‘Forward’ का विकल्प नहीं होता, इसलिए पत्राचार को केवल ‘RECEIPT’ सेक्शन के माध्यम से ही भेजा जाना सुनिश्चित किया जाए।
यदि किसी कर्मचारी की ई-ऑफिस आईडी नहीं बनी है, तो उन्हें ऊर्जा नेट पर उपलब्ध e-Office Self Service Portal (e-Office-SSP) के माध्यम से हेल्पडेस्क से तुरंत संपर्क करने को कहा गया है।
महत्वपूर्ण नोट: अत्यंत गोपनीय या अति संवेदनशील मामलों में, यदि सक्षम प्राधिकारी की लिखित अनुमति हो, तभी फिजिकल फाइल की छूट मिलेगी; अन्यथा, यह नियम सभी के लिए समान रूप से लागू होगा।
भविष्य की ओर कदम (Looking Ahead)
यह डिजिटल क्रांति छत्तीसगढ़ पावर सेक्टर में पारदर्शिता (Transparency) और गति लाने की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर साबित होगी। कर्मचारियों को सलाह दी गई है कि वे ऊर्जा नेट पोर्टल पर उपलब्ध यूजर मैनुअल और गाइडलाइन्स का अध्ययन कर इस नई प्रणाली को जल्द से जल्द आत्मसात करें।








