
रायपुर (chaturpost.com)। भारतीय मजदूर संघ (BMS) से संबद्ध छत्तीसगढ़ विद्युत सेवानिवृत्त कर्मचारी संघ महासंघ (Chhattisgarh State Power Retired Employees Federation) ने आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है।
कल यानी 10 जुलाई को दोपहर 2:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक राजधानी रायपुर के डंगनिया स्थित विद्युत कंपनी मुख्यालय (Electricity Company Headquarters) के सामने एक विशाल धरना प्रदर्शन (Mass Protest) आयोजित किया जा रहा है। इस आंदोलन के बाद प्रबंधन को एक ज्ञापन सौंपा जाएगा।
क्यों भड़का बिजली कंपनी के पेंशनर्स का गुस्सा? (The Root Cause)
बिजली कंपनी के लिए अपनी पूरी जिंदगी खपाने वाले पेंशनर्स आज अपने ही हकों के लिए सड़क पर उतरने को मजबूर हैं। महासंघ का आरोप है कि कंपनी प्रबंधन उनकी जायज मांगों पर चर्चा करने से कतरा रहा है (Avoiding Discussions)।
संगठन के गठन को अभी महज एक साल ही हुआ है, लेकिन इस अल्प अवधि में ही सेवानिवृत्त कर्मचारियों की समस्याओं का अंबार लग गया है। अधिकारियों के अड़ियल रवैये और संवेदनहीनता के कारण अब यह आंदोलन (Retirees Agitation) का रूप ले रहा है।
प्रमुख मांगें जिन पर आर-पार की जंग (Key Demands & Grievances)
महासंघ ने अपनी मांगों को लेकर एक विस्तृत चार्टर तैयार किया है। इन मांगों में चिकित्सा, पेंशन और सम्मान से जुड़े कई गंभीर मुद्दे शामिल हैं:
- दवाइयों की उपलब्धता (Availability of Medicines): सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए कैशलेस या रियायती दवाओं की आपूर्ति को नियमित और सुनिश्चित किया जाए, ताकि बुजुर्गों को इलाज के लिए भटकना न पड़े।
- पेंशन रेस्टोरेशन अवधि (Pension Restoration Period): कम्यूटेड पेंशन की बहाली या रेस्टोरेशन की तय समयावधि (Restoration Period) को कम किया जाए, जिससे वृद्ध पेंशनभोगियों को आर्थिक राहत मिल सके।
- ऑटो मोड में अतिरिक्त पेंशन (Auto-Mode Pension Increment): जैसे ही कोई सेवानिवृत्त कर्मचारी 75, 80, 85 या 90 वर्ष की आयु पूरी करता है, उसकी पेंशन में मिलने वाली अतिरिक्त वृद्धि को बिना किसी कागजी औपचारिकता के ऑटो मोड (Automatic Process) में सक्रिय किया जाए।
- प्रोफॉर्मा पदोन्नति (Proforma Promotion): उच्च न्यायालय (High Court) के ऐतिहासिक निर्णय के अनुरूप सभी तकनीकी (Technical) और कार्यालयीन (Administrative) स्टाफ को प्रोफॉर्मा पदोन्नति का लाभ तत्काल दिया जाए।
- बिजली छूट और अवैध वसूली का विरोध (Electricity Concession Dispute): नियम विरुद्ध तरीके से सेवानिवृत्त कर्मचारियों के खिलाफ बिजली छूट के नाम पर कथित बकाया राशि निकालकर उसे सीधे चालू बिल में जोड़ा जा रहा है और बिल न पटने पर लाइन काटने की धमकी (Threats of Disconnection) दी जा रही है, जो पूरी तरह अवैध है।
- सम्मानजनक व्यवहार की मांग (Demand for Dignity): सबसे दुखद बात यह है कि कंपनी के वर्तमान अधिकारी पत्राचार (Official Correspondence) में सेवानिवृत्त वरिष्ठों के लिए अपमानजनक शब्दों का प्रयोग (Derogatory Language) कर रहे हैं। इस पर तुरंत रोक लगनी चाहिए।
संविदा और पुरानी पेंशन बहाली आंदोलन को भी मिला खुला समर्थन
छत्तीसगढ़ विद्युत सेवानिवृत्त कर्मचारी संघ महासंघ केवल अपनी मांगों तक सीमित नहीं है। उन्होंने कंपनी के वर्तमान और युवा कर्मचारियों के दर्द को भी अपनी आवाज दी है।
महासंघ के अध्यक्ष अश्वनी तिवारी, महामंत्री पी आर साहू, और अखिल भारतीय महामंत्री अरुण देवांगन द्वारा जारी संयुक्त आधिकारिक विज्ञप्ति (Official Press Release) में एक बड़ा ऐलान किया गया है। महासंघ ने स्पष्ट किया है कि वे छत्तीसगढ़ बिजली कर्मचारी महासंघ द्वारा संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण (Contractual Regularization) और पुरानी पेंशन योजना बहाली (Old Pension Scheme – OPS) के लिए घोषित किए गए आगामी आंदोलन का मुखर और पूर्ण समर्थन (Vocal Support) करते हैं।







