
रायपुर (चतुरपोस्ट ब्यूरो)। छत्तीसगढ़ के सरकारी विभागों और कार्यालयों के लिए बिजली बिल भुगतान को लेकर एक बहुत बड़ी खबर सामने आई है। अब सरकारी दफ्तरों में भी आम जनता की तरह ‘पहले रिचार्ज, फिर बिजली’ यानी प्रीपेड सिस्टम पूरी तरह लागू हो गया है। 1 जुलाई 2026 से राज्य के सभी शासकीय बिजली कनेक्शनों को अनिवार्य रूप से प्रीपेड (Prepaid) कर दिया गया है।
इस बड़े बदलाव के साथ ही छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रिब्यूशन कंपनी लिमिटेड (CSPDCL) ने सरकारी विभागों पर बकाया करोड़ों रुपये के पुराने बिलों की वसूली के लिए कमर कस ली है। CSPDCL रायपुर मुख्यालय के कार्यपालक निदेशक (राजस्व) द्वारा जारी एक कड़े आधिकारिक आदेश (Letter No. 02-15/Rev-V/566) के तहत, प्रदेश के विभिन्न जिलों और सर्कलों में फैले सरकारी विभागों के बंद पड़े या निष्क्रिय कनेक्शनों के बकाये (Inactive Arrears) को शत-प्रतिशत वसूलने का लक्ष्य तय किया गया है।
वर्ष 2026-27 के लिए ‘जीरो एरियर’ का बड़ा टारगेट (Target & Timeline)
CSPDCL द्वारा जारी परिपत्र के अनुसार, चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए सरकारी कनेक्शनों के बकाये का लक्ष्य “शून्य” (Zero Arrears) रखा गया है। मार्च 2026 की ‘R-15’ रिपोर्ट के आधार पर, प्रदेश भर में कुल 10,138 सरकारी बिजली उपभोक्ता ऐसे हैं, जिन पर ₹51,31,33,903.1 (लगभग 51.31 करोड़ रुपये) का निष्क्रिय बकाया खड़ा है, जिसे हर हाल में रिकवर किया जाना है।
इसके परिणामस्वरूप (Consequently), बिजली कंपनी ने मैदानी स्तर के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे प्रत्येक निष्क्रिय सरकारी उपभोक्ता के मामलों की व्यक्तिगत रूप से जांच करें। यदि जांच में कोई गलत या फर्जी बकाया (False Arrears) पाया जाता है, तो उसे सुधारने या वापस लेने (Withdraw) की कार्यवाही की जाएगी।
CSPDCL एरियर रिकवरी और प्रीपेड मीटर के 3 सबसे बड़े नियम (Key Instructions)
बिजली विभाग द्वारा जारी किए गए नए दिशा-निर्देशों के मुताबिक, बकाये की वसूली और प्रीपेड व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए इन नियमों का पालन किया जा रहा है:
⚡ CSPDCL प्रीपेड और रिकवरी गाइडलाइंस:
- 1 1 जुलाई से शत-प्रतिशत प्रीपेड व्यवस्था: छत्तीसगढ़ के सभी शासकीय कनेक्शनों को अनिवार्य रूप से प्रीपेड श्रेणी में तब्दील कर दिया गया है। बिना एडवांस रिचार्ज के सरकारी दफ्तरों में अब बिजली की आपूर्ति संभव नहीं होगी।
- 2 गलत बिलों की वापसी और सुधार: सूडा (SUDA) द्वारा दी गई नगर निगमों की सूची के विश्लेषण में पाया गया कि छत्तीसगढ़ भर में कुल 1,174 उपभोक्ताओं के बिल वापस लिए गए हैं, जिनकी कुल राशि ₹81.34 करोड़ है। अधिकारियों को फील्ड स्तर पर भौतिक सत्यापन कर गलत बकाये को दुरुस्त करने को कहा गया है।
- 3 पुराना बकाया चालू कनेक्शनों में होगा ट्रांसफर: सप्लाई कोड की धारा Clause 10.22(b) के तहत, बिजली कंपनी को यह अधिकार है कि वह किसी उपभोक्ता के स्थायी रूप से कटे हुए कनेक्शन के पुराने बकाये को उसी उपभोक्ता के कार्यक्षेत्र में चल रहे दूसरे सक्रिय (Existing) बिजली कनेक्शन में ट्रांसफर कर वसूल कर सकती है।
जिलों की स्थिति: बिलासपुर और जांजगीर सर्कल में सबसे ज्यादा बकाया (Circle-wise Data Analysis)
इसके अतिरिक्त (In addition to this), CSPDCL के सर्कलवार आंकड़ों पर नजर डालें तो छत्तीसगढ़ के कई हिस्सों में करोड़ों रुपये का पुराना बिजली बिल बकाया है:
| क्रमांक | सर्कल का नाम (Circle) | उपभोक्ताओं की संख्या (Consumers) | बकाया राशि (Arrears in Rs) |
| 1 | बिलासपुर सिटी सर्कल | 157 | ₹7,98,21,113 |
| 2 | जांजगीर सर्कल | 714 | ₹6,80,76,565 |
| 3 | दुर्ग सर्कल | 1,133 | ₹4,78,84,718 |
| 4 | अम्बिकापुर सर्कल | 1,368 | ₹4,68,63,305 |
| 5 | महासमुंद सर्कल | 917 | ₹3,51,93,216 |
| 6 | बलौदाबाजार सर्कल | 575 | ₹3,24,26,772 |
| 7 | कोरबा सर्कल | 254 | ₹2,99,92,113 |
| 8 | रायगढ़ सर्कल | 390 | ₹2,93,83,719 |
| 9 | जगदलपुर सर्कल | 204 | ₹1,65,87,312 |
| 10 | राजनांदगांव सर्कल | 541 | ₹1,44,89,653 |
| 11 | बिलासपुर सर्कल | 540 | ₹1,25,11,172 |
| 12 | कुनकुरी सर्कल | 207 | ₹1,24,79,822 |
| 13 | कांकेर सर्कल | 499 | ₹1,13,99,151 |
| 14 | बैकुंठपुर सर्कल | 350 | ₹98,27,122 |
| 15 | रायपुर सर्कल | 1,576 | ₹49,00,715 |
(नोट: रायपुर सिटी सर्कल-I, II, कवर्धा और दुर्ग सिटी सर्कल में भी लाखों रुपये का बकाया है, जिसे वसूलने की प्रक्रिया तेजी से चल रही है1
चतुरपोस्ट एनालिसिस: प्रीपेड मीटर से सुधरेगी वित्तीय सेहत?
एक न्यूज़ एडिटर के तौर पर यदि हम बिजली कंपनी के इस बड़े कदम का विश्लेषण करें, तो सरकारी दफ्तरों में प्रीपेड मीटर लगाने का फैसला ऐतिहासिक है। अब तक सरकारी विभागों द्वारा समय पर बिजली बिल न पटाने की वजह से CSPDCL को गंभीर वित्तीय संकट का सामना करना पड़ता था। प्रीपेड मीटर लग जाने के बाद अब सरकारी विभागों को भी अपने बजट से पहले एडवांस बिजली रिचार्ज कराना होगा, जिससे समय पर राजस्व की प्राप्ति होगी। वहीं, दूसरी ओर पुराने निष्क्रिय कनेक्शनों के बकाये को चालू कनेक्शनों में ट्रांसफर करने की सख्त नीति से करोड़ों की फंसी हुई रकम वापस आने की पूरी उम्मीद है!







