
Power Transmission रायपुर: छत्तीसगढ़ स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी ने प्रदेश की पारेषण अधोसंरचना (Transmission Infrastructure) को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ी सफलता हासिल की है। कंपनी के प्रबंध निदेशक श्री राजेश कुमार शुक्ला ने 220/132 केवी लिटिया सेमरिया उपकेंद्र में 160-160 एमवीए क्षमता के दो अत्याधुनिक पावर ट्रांसफार्मरों का सफलतापूर्वक ऊर्जीकरण (Energization) किया।
ऊर्जीकरण का समय और क्षमता विस्तार
इस परियोजना के तहत दो ट्रांसफार्मरों को चरणबद्ध तरीके से चालू किया गया:
- प्रथम ट्रांसफार्मर: सायं 5:22 बजे।
- द्वितीय ट्रांसफार्मर: सायं 5:27 बजे।
इन दोनों ट्रांसफार्मरों के चालू होने से उपकेंद्र की कुल ट्रांसफॉर्मेशन कैपेसिटी (Transformation Capacity) में 320 एमवीए की अतिरिक्त वृद्धि हुई है, जिससे भविष्य की विद्युत मांग को पूरा करना आसान हो गया है।
राजनांदगांव और दुर्ग क्षेत्र को मिलेगा सीधा लाभ
यह परियोजना राजनांदगांव और दुर्ग जिले के लिए गेम-चेंजर साबित होगी। इससे न केवल विद्युत भार (Electrical Load) का बेहतर प्रबंधन हो सकेगा, बल्कि उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण एवं विश्वसनीय बिजली मिलेगी।
प्रबंध निदेशक श्री राजेश कुमार शुक्ला के अनुसार, इस उपकेंद्र से कई महत्वपूर्ण औद्योगिक परियोजनाओं को विद्युत आपूर्ति का मार्ग प्रशस्त होगा:
- इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर (EMC-2.0/सेमीकंडक्टर पार्क): राजनांदगांव जिले के पटेवा में प्रस्तावित।
- औद्योगिक क्षेत्र: राजनांदगांव जिले के बिजेभाट में प्रस्तावित।
औद्योगिक विकास और भविष्य की तैयारी
कंपनी का उद्देश्य राज्य में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देना और घरेलू व कृषि उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली उपलब्ध कराना है। श्री शुक्ला ने परियोजना से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों की सराहना करते हुए कहा कि पारेषण नेटवर्क का आधुनिकीकरण (Modernization) राज्य की निरंतर प्रगति के लिए आवश्यक है।
यह उपलब्धि छत्तीसगढ़ के पावर ट्रांसमिशन सेक्टर को नई ऊंचाई पर ले जाने की दिशा में एक मील का पत्थर है।







