
नवा रायपुर (चतुरपोस्ट ब्यूरो)। छत्तीसगढ़ में इस वर्ष 15 अगस्त, 2026 को “स्वतंत्रता दिवस” समारोह (Independence Day 2026) अत्यंत गरिमापूर्वक और भव्य तरीके से मनाया जाएगा। इसे लेकर राज्य सरकार ने अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं। छत्तीसगढ़ शासन के सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) द्वारा प्रदेश में जिला, जनपद और ग्राम पंचायत स्तर पर राष्ट्रीय पर्व के गरिमापूर्ण आयोजन को लेकर एक विस्तृत व सख्त दिशा-निर्देशिका (सर्कुलर) जारी की गई है।
विभाग की उप सचिव अंशिका ऋषि पाण्डेय के डिजिटल हस्ताक्षर से 17 जुलाई 2026 को जारी आदेश (F.No. GENCOR-35/5507/2026-GAD-5) के तहत सभी विभागों, संभागायुक्तों, कलेक्टरों और जिला पंचायत के सीईओ को इन गाइडलाइंस का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है।
राजधानी रायपुर में सुबह 9:00 बजे फहराया जाएगा तिरंगा (Event Timing & Parade Details)
मुख्य समारोह राजधानी रायपुर के ऐतिहासिक स्थानीय पुलिस परेड ग्राउंड में आयोजित किया जाएगा। यह कार्यक्रम प्रातः 9:00 बजे निर्धारित समय-सारणी के अनुसार शुरू होगा। समारोह में माननीय मुख्यमंत्री जी मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करेंगे और उनके द्वारा ही मुख्य ध्वजारोहण कर परेड की सलामी ली जाएगी।
इसके परिणामस्वरूप (Consequently), मुख्य कार्यक्रम में सुरक्षा बलों की विभिन्न टुकड़ियां हिस्सा लेंगी। परेड में मुख्य रूप से बीएसएफ (BSF), सीआरपीएफ (CRPF), सीआईएसएफ (CISF), आईटीबीपी (ITBP), एसएसबी (SSB), छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल (पुरुष एवं महिला), छत्तीसगढ़ पुलिस बल, नगर सेना और एनसीसी (NCC) की टुकड़ियां तथा बैंड प्लाटून शामिल होंगी। इसके बाद मुख्यमंत्री जी द्वारा “जनता के नाम संदेश” का वाचन किया जाएगा और समारोह स्थल पर रंग-बिरंगे गुब्बारे उड़ाए जाएंगे।
स्वतंत्रता दिवस समारोह 2026: जिला, ब्लॉक और पंचायतों के लिए बड़े नियम (Key Instructions)
छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा जारी सर्कुलर के अनुसार, इस बार स्वतंत्रता दिवस के कार्यक्रमों का आयोजन इस प्रकार किया जाएगा:
🇮🇳 छत्तीसगढ़ स्वतंत्रता दिवस 2026: प्रमुख दिशा-निर्देश
- 1 जिला मुख्यालयों में परेड और सांस्कृतिक कार्यक्रम: जिलों में शासन द्वारा तय माननीय मंत्री या महानुभाव ध्वजारोहण करेंगे और मुख्यमंत्री के संदेश का वाचन करेंगे। जिला मुख्यालयों के अलावा अन्य किसी भी स्थान पर परेड आयोजित नहीं होगी। जिला स्तर पर स्कूली बच्चों द्वारा देशभक्ति और सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए जाएंगे।
- 2 ब्लॉक और पंचायत स्तर पर राष्ट्रगीत का गायन: जनपद पंचायतों में अध्यक्ष द्वारा तथा पंचायतों में सरपंच या गांवों के मुखिया द्वारा ध्वजारोहण किया जाएगा। खास बात यह है कि सामूहिक रूप से राष्ट्रगान (जन-गण-मन) के ठीक पहले राष्ट्रीय गीत (वन्दे मातरम) का गायन अनिवार्य रूप से किया जाएगा।
- 3 शासकीय दफ्तरों में 9:00 बजे से पहले ध्वजारोहण: रायपुर और जिला मुख्यालयों के सरकारी दफ्तरों में मुख्य समारोह सुबह 9:00 बजे से शुरू होने के कारण कार्यालयीन ध्वजारोहण सुबह 9:00 बजे के पहले संपन्न कर लिया जाएगा ताकि अधिकारी और कर्मचारी मुख्य समारोह में हिस्सा ले सकें।
- 4 सरकारी इमारतों पर होगी शानदार रोशनी: 15 अगस्त, 2026 की रात्रि में छत्तीसगढ़ के सभी सरकारी और सार्वजनिक भवनों, राष्ट्रीय महत्व के स्मारकों पर रोशनी की जाएगी। इसका खर्च संबंधित विभाग अपने विभागीय बजट से वहन करेंगे।
शहीदों के परिवारों और स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को किया जाएगा सम्मानित (Social Responsibility)
इसके अतिरिक्त (In addition to this), राज्य शासन ने जिला स्तर पर देशभक्ति के सम्मान को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। सरकार ने सभी जिला कलेक्टरों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने जिलों में स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और नक्सली हिंसा में शहीद हुए जवानों के परिवारजनों को सम्मानपूर्वक जिला स्तरीय मुख्य समारोह में आमंत्रित करें और उनका उचित सत्कार सुनिश्चित करें।
साथ ही, इस अवसर पर समाचार पत्रों में जारी किए जाने वाले विज्ञापनों को छत्तीसगढ़ के वीर शहीदों और स्वतंत्रता संग्राम के महानायकों की तस्वीरों और उनके संदेशों पर केंद्रित रखने के निर्देश दिए गए हैं, जिनका प्रकाशन 15 अगस्त, 2026 को किया जाएगा।
स्कूल-कॉलेजों में निकाली जाएगी “प्रभात-फेरी” (Educational Institutions Guide)
गाइडलाइन में शिक्षण संस्थानों के लिए भी विशेष निर्देश जारी किए गए हैं। राज्य के सभी स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में ध्वजारोहण के साथ-साथ सांस्कृतिक, साहित्यिक, मनोरंजन और खेल-कूद के कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। साथ ही, पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए वृक्षारोपण के विशेष कार्यक्रम भी चलाए जाएंगे। स्कूलों द्वारा सुबह के समय “प्रभात-फेरी” निकाली जाएगी और इसके बाद उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले बच्चों को पुरस्कार व मेडल वितरित किए जाएंगे।
लाउडस्पीकर के उपयोग को लेकर कलेक्टरों को विशेष निर्देश
त्योहार और राष्ट्रीय उत्सव के दौरान ध्वनि प्रदूषण को नियंत्रित रखने और मर्यादा बनाए रखने के लिए जिला कलेक्टरों को लाउडस्पीकर (ध्वनि-विस्तारक यंत्र) के उपयोग की अनुमति देने का जिम्मा सौंपा गया है। कलेक्टरों को यह ध्यान रखने को कहा गया है कि बजाए जाने वाले देशभक्ति गीत सुरुचिपूर्ण और गरिमामय होने चाहिए ताकि राष्ट्रीय पर्व की मर्यादा बनी रहे।
चतुरपोस्ट ओपिनियन: राष्ट्रीय पर्व की गरिमा और सुरक्षा
एक जिम्मेदार न्यूज़ एडिटर के नजरिए से देखें तो स्वतंत्रता दिवस पर राष्ट्रीय गीत और राष्ट्रगान के क्रमबद्ध गायन का निर्णय सामूहिक रूप से नागरिकों में देशभक्ति के भाव को और मजबूत करेगा। वहीं, स्थानीय शासकीय कार्यालयों में सुबह 9:00 बजे से पहले ध्वजारोहण समाप्त करने के आदेश से मुख्य समारोहों में जनभागीदारी और प्रशासनिक अधिकारियों की उपस्थिति बेहतर ढंग से सुनिश्चित की जा सकेगी। छत्तीसगढ़ के वीर शहीदों के सम्मान का निर्णय भी शासन की संवेदनशीलता को दर्शाता है
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