
Earned Salary रायपुर। छत्तीसगढ़ के शासकीय सेवाकों की ओर से एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन ने राज्य सरकार से अनुरोध किया है कि वह कर्मचारियों के वित्तीय सशक्तिकरण की दिशा में कदम उठाते हुए अर्जित वेतन तक पहुंच जैसी एक वित्तीय समावेशन योजना को शीघ्र लागू करने पर विचार करे।
वेतन के लिए नहीं करना पड़ेगा इंतजार
इस योजना के अंतर्गत कर्मचारियों को महीने के अंत तक वेतन की प्रतीक्षा किए बिना, अपने अर्जित वेतन का आंशिक या पूर्ण हिस्सा किसी भी समय निकालने की सुविधा उपलब्ध कराई जा सकेगी। वर्तमान मासिक वेतन भुगतान प्रणाली कई बार कर्मचारियों के लिए आपातकालीन या अनपेक्षित खर्चों की स्थिति में चुनौतियां उत्पन्न कर सकती है। अर्जित वेतन तक पहुंच मॉडल, जिसे कई निजी कंपनियां पहले ही अपना चुकी हैं, कर्मचारियों को वित्तीय लचीलापन प्रदान करता है और उन्हें अपने वित्तीय दायित्वों का प्रबंधन अधिक प्रभावी ढंग से करने में सहायता करता है।
Earned Salary 24&7 अर्जित वेतन तक पहुंच प्रदान
डिजिटल बैंकिंग और भुगतान प्रणालियों में हुई प्रगति को ध्यान में रखते हुए, यह योजना सरकारी कर्मचारियों को एक सुरक्षित और उपयोगकर्ता-अनुकूल प्लेटफॉर्म के माध्यम से 24&7 अर्जित वेतन तक पहुंच प्रदान कर सकती है।
इस प्रस्ताव को लेकर संबंधित वित्तीय संस्थानों और विभागों के साथ प्रारंभिक संवाद की आवश्यकता को भी रेखांकित किया गया है, ताकि इस प्रणाली की व्यवहार्यता और कार्यान्वयन प्रक्रिया को सुनिश्चित किया जा सके।
मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव को पत्र
छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के प्रांतीय संयोजक कमल वर्मा ने मुख्यमंत्री से अन्य राज्यों की भांति इस योजना को छत्तीसगढ़ में भी शीघ्र लागू करने की मांग करते हुए पत्र प्रेषित किए हैं। उनका मानना है कि शासन का इस दिशा में लिया गया निर्णय कर्मचारी-हितैषी प्रशासन की दिशा में एक सकारात्मक और दूरदर्शी कदम सिद्ध होगा। राज्य सरकार से अपेक्षा की जा रही है कि वह इस योजना को गंभीरता से लेते हुए शीघ्र इस दिशा में आवश्यक कार्यवाही प्रारंभ करेगी।
Earned Salary गोवा और राजस्थान में लागू है व्यवस्था
राज्य सरकारों जैसे गोवा और राजस्थान ने इस प्रकार की योजनाओं को पहले ही सफलतापूर्वक लागू किया है, जिससे कर्मचारियों के मनोबल, उत्पादकता और संतुष्टि में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।




