
Budget 2026 न्यूज डेस्क। केंद्रीय बजट 2026 में आयकर में बदलाव की कोई घोषणा नहीं की गई। आयकर का स्लैब नहीं बदलेगा, लेकिन केंद्रीय वित्त मंत्री ने आयकर रिटर्न जमा करने की समम सीमा बढ़ाने की घोषणा की है।
रविवार को संसद में बजट पेश करते हुए केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आयकर जमा करने की समय सीमा बढ़ाने की घोषणा की है। वित्त मंत्री के अनुसार गैर-ऑडिट ट्रस्ट्स के लिए टैक्स फाइलिंग की समयसीमा 31 अगस्त तक बढ़ा दी गई है। इसके साथ ही आईटीआर-1 और आईटीआर -2 फॉर्म्स की जमा करने की समय सीमा 31 जुलाई तय की गई है। रिटर्न संशोधन की समयसीमा को भी 31 मार्च तक बढ़ाया गया है, इसके लिए मामूली शुल्क लगेगा।
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि कर्ज-जीडीपी अनुपात घटकर 55.6 प्रतिशत रहने का अनुमान है, जो चालू वित्त वर्ष 56.1 प्रतिशत था। आयकर अधिनियम के तहत खातों की अनुपस्थिति को अपराध की श्रेणी से बाहर किया जाएगा और अभियोजन ढांचे को सरल किया जाएगा। न्यूनतम कर भुगतान 20 प्रतिशत से घटाकर 10 प्रतिशत किया जाएगा। इसके साथ ही मूल्यांकन व पेनल्टी कार्यवाही को एकीकृत किया जाएगा। छात्रों और युवा पेशेवरों के लिए नई विदेशी संपत्ति घोषणा योजना लागू होगी।
निजी इस्तेमाल के लिए इम्पोर्ट किए जाने वाले सामानों के लिए कस्टम ड्यूटी स्ट्रक्चर को तर्कसंगत बनाने के लिए, केंद्रीय वित्त मंत्री ने जीवन को आसान बनाने के लिए टैरिफ दर में कमी, बेसिक कस्टम ड्यूटी और इम्पोर्ट ड्यूटी में छूट का प्रस्ताव दिया है।

अप्रत्यक्ष कर उपायों में, केंद्रीय वित्त मंत्री ने एनर्जी ट्रांज़िशन और सुरक्षा के लिए बेसिक कस्टम्स ड्यूटी और सेंट्रल एक्साइज ड्यूटी में सुधार का प्रस्ताव दिया।





