
ACB रायपुर। छत्तीसगढ़ में रिश्वतखोरों के खिलाफ कार्यवाही करने वाली राज्य सरकार की एजेंसी एंटी करप्शन ब्यूरो ने मंगलवार को बड़े अधिकारी को रिश्वत लेते धरदबोचा है। रिश्चत लेते पकड़ा गया अफसर उप महाप्रबंधक है। एसीबी ने उसे साढ़े चार लाख रुपए की रिश्वत लेते हुए पकड़ा है।
एनटीपीसी का है अफसर
रिश्वत लेते पकड़े गए डिप्टी जनरल मैनेजर का नाम विजय दुबे हैं। विजय दुबे नेशनल थर्मल पॉवर कार्पोरेशन (NTPC) में उप महाप्रबंधक है। दुबे अभी रायगढ़ में पदस्थ हैं। दुबे के खिलाफ सौदागर गुप्ता ने एसीबी के बिलासपुर कार्यालय में शिकायत किया था।
मुआवजा का है पूरा मामला
एनटीपीसी के डिप्टी जनरल मैनेजर दुबे के खिलाफ सौदागर गुप्ता ने एसीबी में शिकायत की थी। सौदागर गुप्ता रायगढ़ के तमनार थाना क्षेत्र के ग्राम तिलाईपाली के रहने वाले हैं। तिलाईपाली में उनका मकान है, जिसका उन्होंने अपने दो पुत्रों के साथ मौखिक बंटवारा कर लिया था। दोनों पुत्र और पिता मकान के अलग-अलग हिस्से में रहते हैं।
ACB मकान से लगी जमीन का अधिग्रहण
एसीबी से की गई शिकायत में सौदागर गुप्ता ने बताया कि उनके मकान से लगी हुई जमीन को एनटीपीसी ने अधिग्रहित कर लिया है। जमीन और मकान के लिए एनटीपीसी की तरफ से मुआवजा मिल चुका है। पुनर्वास राशि के रुप में 30 लाख रुपए मिलना था।
मांगी पांच लाख रुपए की रिश्चत
पुनर्वास के लिए मिलने वाले 30 लाख रुपए में से 14 लाख रुपए का भुगतान उनके पुत्रों को हो चुका है। 16 लाख का भुगतान होना शेष था। इसी राशि के लिए सौदागर गुप्ता ने विजय दुबे से संपर्क किया तो इस राशि के एवज में पांच लाख रुपए रिश्वत की मांग की।
ACB 50 हजार एडवांस, साढ़े चार लाख लेते पकड़े गए
सौदागर गुप्ता के अनुसार विजय गुप्ता ने पांच लाख रुपए में से विजय दुबे ने 50 हजार रुपए एडवांस ले लिया था, साढ़े चार लाख बाकी था। एसीबी ने सत्यापन में शिकायत को सही पाया। इसके बाद आज प्रार्थी को रिश्वत की रकम के साथ आज विजय दुबे के पास भेजा गया, दुबे ने जैसे ही रकम लिया एसीबी की टीम ने उसे रंगे हाथ पकड़ लिया।




