
रायपुर (Chaturpost News): छत्तीसगढ़ की राजनीति (Politics) में एक बड़ी हलचल शुरू हो गई है। प्रदेश भाजपा संगठन की बहुप्रतीक्षित प्रदेश कार्यसमिति (Pradesh Karyasamiti) की बैठक करीब डेढ़ साल के लंबे इंतजार (Long Wait) के बाद अब जाकर तय हुई है। आगामी 9 मई को होने वाली इस बैठक को लेकर राजधानी रायपुर में सियासी सरगर्मियां तेज हैं। इस बैठक में न केवल आगामी चुनावी रणनीति (Strategy) पर चर्चा होगी, बल्कि केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं पर भी मुहर लगेगी।
बैठक का एजेंडा और बड़ी तैयारी (Meeting Agenda)
कार्यसमिति की मुख्य बैठक से ठीक एक दिन पहले, यानी 8 मई को प्रदेश पदाधिकारियों की एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई गई है। इस बैठक में कार्यसमिति के लिए मुख्य एजेंडा (Agenda) तय किया जाएगा।
वर्तमान में प्रदेशाध्यक्ष किरण देव दिल्ली दौरे पर हैं। उनके रायपुर लौटने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि राष्ट्रीय संगठन (National Organization) की ओर से दिल्ली से कौन सा बड़ा नेता इस बैठक में मार्गदर्शन देने पहुँचेगा।
विपक्ष के खिलाफ ‘निंदा प्रस्ताव’ की तैयारी (Condemnation Motion)
इस कार्यसमिति बैठक का सबसे अहम हिस्सा राजनीतिक प्रस्ताव (Political Proposal) रहने वाला है। भाजपा इस बार राष्ट्रीय और प्रदेश स्तर पर दो अलग-अलग प्रस्ताव लाने की तैयारी में है:
डेढ़ साल का लंबा इंतजार: क्यों है यह बैठक खास?
नियमों के मुताबिक, भाजपा की प्रदेश कार्यसमिति की बैठक हर तीन महीने (Quarterly) में होनी चाहिए। हालांकि, छत्तीसगढ़ में पिछला सदस्यता अभियान सितंबर 2024 में शुरू हुआ था, उससे पहले ही आखिरी बैठक हुई थी।
- रिकॉर्ड समय: करीब डेढ़ साल (18 महीने) से प्रदेश कार्यसमिति की बैठक नहीं हो पाई है।
- अध्यक्ष का कार्यकाल: किरण देव को भाजपा का पूर्णकालिक अध्यक्ष बने एक साल से अधिक समय हो चुका है, लेकिन उनके कार्यकाल में यह पहली कार्यसमिति होगी।
- राजनीतिक गलियारों में चर्चा: जानकारों का कहना है कि भाजपा के इतिहास में पहली बार कार्यसमिति के लिए इतना लंबा इंतजार करना पड़ा है।
राष्ट्रीय संगठन का निर्देश (Instructions from High Command)
भाजपा के राष्ट्रीय संगठन के निर्देश पर ही यह निंदा प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। पार्टी का लक्ष्य (Goal) महिला आरक्षण और नारी शक्ति वंदन अधिनियम के मुद्दे पर कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों को जनविरोधी साबित करना है। इसके लिए भाजपा शासित राज्यों में विधानसभा के साथ-साथ निचले स्तर के निकायों में भी विरोध के स्वर मुखर किए जाएंगे।
chaturpost (Conclusion)
9 मई को होने वाली भाजपा की यह प्रदेश कार्यसमिति बैठक छत्तीसगढ़ की आगामी राजनीति के लिए एक टर्निंग पॉइंट (Turning Point) साबित हो सकती है। डेढ़ साल बाद हो रही इस बैठक से कार्यकर्ताओं में नया जोश भरने और विपक्ष को रणनीतिक रूप से मात देने की पूरी तैयारी है।
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