
Dr. Rohit Yadav रायपुर। छत्तीसगढ़ की बिजली कंपनियों के अध्यक्ष और ऊर्जा सचिव डॉ. रोहित यादव () ने प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना और इस योजना के तहत मिले राज्य के लक्ष्य के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने इस योजना में केंद्र व राज्य सरकार की तरफ दी जा रही सुविधाओं की भी जानकारी दी।
हितग्राहियों को बांटी गई सब्सिडी
चेयरमैन डॉ. रोहित यादव ने यह बातें सोमवार को राजधानी के पं. दीनदयाल ऑडिटोरियम में आयोजित कार्यक्रम के दौरान कही। इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के हितग्राहियों को सब्सिडी के साथ ही कुसुम योजना के हितग्राहियों को लेटर दिया गया।
चेयरमैन ने बताया महत्वकांक्षी योजना
कार्यक्रम में आए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय समेत अन्य अतिथियों का स्वागत करते हुए चेयरमैन डॉ. रोहित यादव ने कहा कि हम सभी अवगत हैं कि सौर ऊर्जा को सुलभ बनाने के लिए एक सस्ती हरित ऊर्जा के तौर पर जन-जन तक पहुंचाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तरफ से 2024 में महत्वकांक्षी योजना की शुरुआत की गई। इस योजना को हम सभी प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के नाम से जानते हैं।
Dr. Rohit Yadav इस वजह से शुरू की गई योजना
डॉ. रोहित यादव ने कहा कि इस योजना के तहत यह मंशा यह रखी गई कि जो आमजन बिजली उपभोक्ता हैं जिन्हें कभी- कभी लगाता है कि बिजली की दर जेब पर भारी पड़ रहा है। बिजली महंगी लगती है। इस योजना की मंशा यह है कि सस्ती बिजली पाने के लिए उपभोकता को किसी भी शासकीय योजना पर आश्रित नहीं रहना चाहिए। हम कोई ऐसी योजना बनाए जो अपने घर की छतों पर सोलर प्लांट लगा सकें।
उपभोक्ता से ऊर्जा दाता बनाने की योजना
चेयरमैन डॉ. रोहित यादव ने कहा कि यह योजना बिजली उपभोक्ता को बिजली दाता बनाने वाला है। अपने घरों की छतों पर लगे सोलर प्लांट को नेट मीटर के जरिये ग्रीड से जुड़ा जाता है। इससे अतिरिक्त बिजली ग्रीड में चली जाएगी। यदि अतिरिक्त बिजली बेचते हैं तो उपभोक्ता को अतिरिक्त आय प्राप्त होगा। इससे न केवल बिजली का बिल शून्य होगा बल्कि अतिरिक्त आय भी प्राप्त होगी।
छत्तीसगढ़ में छह लाख सोलर प्लांट का लक्ष्य
डॉ. रोहित यादव ने बताया कि केंद्र सरकार की तरफ से इस योजना के तहत 2027 तक देशभर में एक करोड़ उपभोक्ताओं के घरों की छत पर सोलर प्लांट लगाने का लक्ष्य रखा गया है। केंद्र सरकार की तरफ से इस योजना के तहत अधिकतम 78 लाख रुपए तक की सब्सिडी दी जा रही है। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में 2027 तक छह लाख सोलर प्लांट लगाने का लक्ष्य दिया गया है।
Dr. Rohit Yadav छत्तीसगढ़ में अपेक्षित प्रगति नहीं मिल पाई
डॉ. रोहित यादव ने बताया कि योजना अच्छी थी, केंद्र सरकार की तरफ से सब्सिडी भी दी जा रही है, लेकिन किसी कारणवश छत्तीसगढ़ में वैसी प्रगति नहीं थी जैसी अपेक्षा की जा रही थी। इसके पीछे कुछ- कुछ कारण थे। इनमें केंद्रीय सब्सिडी के बावजूद लोगों को यह महंगा लग रहा था।
डब्ल इंजन के साथ डब्ल सब्सिडी की कांसेप्ट
उन्होंने बताया कि योजना में अपेक्षित प्रगति नहीं मिलने को लेकर जब मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय जी से निवेदन किया गया तो उन्होंने इस योजना के लिए राज्य सरकार का खजाना खोल दिया। इसके साथ डब्ल इंजीन के साथ डब्ल सब्सिडी का कांसेप्ट लगाया गया। राज्य सरकार की तरफ से 30 हजार तक सब्सिडी देने का फैसला किया गया।
राज्य सरकार 1800 करोड़ रुपए करेगी खर्च
डॉ. रोहित यादव ने बताया कि इस योजना के तहत राज्य में छह लाख घरों में सोलर प्लांट लगाने का लक्ष्य है। इसके लिए राज्य सरकार करीब 1800 करोड़ रुपए खर्च करेगी। राज्य सरकार की तरफ से दो महीने पहले सब्सिडी की घोषणा की गई है। इसके बाद से रफ्तार बढ़ गई है।
छह हजार घरों में लग चुका है प्लांट
चेयरमैन डॉ. रोहित यादव ने बताया कि इस योजना के तहत अब तक 55 हजार लोगों ने पंजीयन कराया है। इनमें 6 हजार लोगों के यहां प्लांट लग चुका है। 16 हजार घरों पर लग रहा हे।
छत्तीसगढ़ में छह लाख सोलर प्लांट का लक्ष्य
मुख्यमंत्री विष्णुदेव ने सूर्यरथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। डॉ. रोहित यादव ने बताया कि योजना में लोगों की दिलचस्पी बढ़ी है। इसकी जानकारी देने के लिए टोल फ्री नंबर समेत कई सुविधाएं उपलब्ध है।
अब यह सूर्य रथ शुरू किया जा रहा है। यह रथ लोगों के बीच जाकर योजना की जानकारी देगा। मौके पर पंजीयन भी किया जाएगा। उन्होने बताया कि नेशनल सोलर एनर्जी फेडरेशन ऑफ इंडिया के सहयोग से यह काम कर रहे हैं।




