
Political रायपुर। भारत चुनाव आयोग ने देश की 334 राजनीतिक पार्टियों की मान्यता समाप्त कर दी है। इनमें छत्तीसगढ़ की भी नौ राजनीतिक पार्टियां शामिल हैं। चुनाव आयोग के इस फैसले से इन पार्टियों को तगड़ा झटका लगा है।
जानिए- छत्तीसगढ़ की किन राजनीतिक पार्टियों की मान्यता हुई खत्म
छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा
छत्तीसगढ़ एकता पार्टी
छत्तीसगढ़ समाजवादी पार्टी
छत्तीसगढ़ संयुक्त जाति पार्टी
छत्तीसगढ़ विकास पार्टी
पृथक बस्तर राज पार्टी
राष्ट्रीय आदिवासी बहुजन पार्टी
राष्ट्रीय मानव एकता कांग्रेस पार्टी
राष्ट्रीय समाजवादी स्वाभिमान मंच
Political छत्तीसगढ़ में पंजीकृत राजनीतिक पार्टियों की कुल संख्या
छत्तीसगढ़ में पंजीकृत राजनीतिक पार्टियों की कुल संख्या 55 है। इनमें राष्ट्रीय, क्षेत्रीय और प्रदेशिक पार्टियां शामिल हैं। नौ पार्टियों की मान्यता समाप्त किए जाने के बाद छत्तीसगढ़ में मान्यता प्राप्त राजनीतिक पार्टियों की संख्या 46 रह गई है।
जानिए क्यों की गई राजनीतिक दलों की मान्यता रद्द
चुनाव आयोग ने छत्तीसगढ़ की नौ समेत देशभर की कुल 334 पार्टियों की मान्यता समाप्त की गई है। आयोग ने जनप्रतिनिधि अधिनियम के तहत यह कार्यवाही की है। यह अधिनियम 1951 में बना था। इसी अधिनियम के तहत राजनीतिक पार्टियों का पंजीयन भी होता है। नियमानुसार पंजीयन कराने वाली राजनीतिक पार्टियों के लिए चुनाव लड़ना जरुरी होता है। बताया जा रहा है कि छत्तीसगढ़ की जिन नौ पार्टियों की मान्यता रद्द की गई है उन्होंने पिछले चुनाव में प्रत्याशी खड़ा नहीं किया था।
कभी सबसे ताकतवर श्रमिक संगठन था छमुमो
छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा (छमुमो) कभी छत्तीसगढ़ का सबसे ताकतवर श्रमिक संगठन था। शंकर गुहा नियोगी ने 1977 में श्रमिक संगठन के रुप में इसकी स्थापना की थी। 1982 में छमुमो का राजनीतिक पार्टी के रुप में पुनर्गठन किया गया।
Political नियोग की हत्या और छमुमो की जीत
1991 में शंकर गुहा नियोगी की हत्या कर दी गई। नियोगी की हत्या के बाद जमकर बवाल हुआ। कुछ उद्योगपतियों पर उनकी हत्या का आरोप लगा। नियोगी की हत्या के बाद 1993 में हुए विधानसभा चुनाव में छमुमो ने डौंडी लोहरा विधानसभा सीट से जीत दर्ज की। छत्तीसगढ़ पृथक राज्य बनने के बाद छमुमो की धमक बढ़ी, लेकिन पार्टी के प्रत्याशी चुनाव जीत नहीं पाए। 2003 के विधानसभा चुनाव में छमुमो ने आठ प्रत्याशी उतारे थे।








