
Rohit Yadav रायपुर। ऊर्जा सचिव डॉ. रोहित यादव ने गुरुवार को नवा रायपुर में आयोजित प्रेसवार्ता में ऊर्जा विभाग की उपलब्धियों की जानकारी दी।
छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर जनरेशन कंपनी
वर्तमान में छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर जनरेशन कंपनी, एनटीपीसी तथा निजी उत्पादकों को मिला कर 30 हजार 671.7 मेगावाट स्थापित क्षमता है जिसमें 28 हजार 824 मेगावाट ताप विद्युत गृह है। 220 मेगावाट के जल विद्युत गृह है। सोलर, बायो मास आदि 2 हजार 47 मेगावाट क्षमता के बिजलीघर है।
ताप बिजली घरों की कुल क्षमता में छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर जनरेशन कंपनीज के बिजलीघरों की क्षमता 2 हजार 840 मेगावाट है, एनटीपीसी व निजी स्वामित्व के बिजलीघरों की क्षमता 20 हजार 299 मेगावाट है। कैप्टिव पॉवर प्लांट की क्षमता 5 हजार 266 मेगावाट है।
भारत सरकार का फोकस अब ताप बिजली घरों पर निर्भरता कम करने पर है। अंतरराष्ट्रीय मापदण्डों के अनुसार कार्बन उत्सर्जन को कम करने की चुनौती भी है।

नेट जीरो कार्बन का लक्ष्य हासिल करने के लिए भारत सरकार द्वारा वर्ष 2030 तक 500 गीगावॉट अक्षय ऊर्जा उत्पादन क्षमता विकसित करने की योजना बनाई गई है। जिसके अनुसार भारत को वर्ष 2030 तक अपनी 50 प्रतिशत ऊर्जा आवश्यकता की पूर्ति नवीकरणीय ऊर्जा से करना है।
ताप विद्युत पर निर्भरता समाप्त करने के लिए जल विद्युत परियोजनाओं को गति देना आवश्यक है जो तेजी से बढ़ती मांग और ऊर्जा की मांग एवं आपूर्ति को देखते हुए ग्रिड संतुलन बनाये रखने में मदद करे।
बड़े बांधों के निर्माण की जटिलता का समाधान करते हुए जल विद्युत निर्माण में तेजी लाने के उद्देश्य से पम्प स्टोरेज आधारित जल विद्युत परियोजना (परिपक्व तकनीक) को स्थापित करने हेतु राज्य शासन द्वारा प्रदेश में पम्प स्टोरेज आधारित जल विद्युत परियोजनाओं की स्थापना नीति, 2023 प्रभावशील की गई।
इस नीति के लागू होने के उपरांत राज्य की नोडल एजेंसी छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर जनरेशन कंपनी द्वारा 8 हजार 300 मेगावाट क्षमता के 06 स्थलों का चिन्हांकन कर 05 स्थलों का साध्यता प्रतिवेदन फिजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार की जा चुकी है। डी पी आर बनाने का कार्य प्रगति पर है। साथ ही निजी क्षेत्र में भी लगभग 5 हजार मेगावाट क्षमता के स्व-चिन्हांकित परियोजना स्थलों पर कार्य किया जा रहा है।
राज्य में लगभग 2 हजार मेगावाट क्षमता की नवीकरणीय विद्युत परियोजनाओं के विकास हेतु एनटीपीसी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड एवं राज्य की उत्पादन कंपनी के मध्य संयुक्त उपक्रम कंपनी का गठन किया गया है। इस संयुक्त उपक्रम के माध्यम से अटल बिहारी ताप विद्युत गृह में स्थित जलाशय में 06 मेगावाट के फ्लोटिंग सोलर परियोजना (बैटरी स्टोरेज के साथ), कोरबा पूर्व में स्थित बंद राखड़ बांध पर 32 मेगावाट के सौर परियोजना (बैटरी स्टोरेज के साथ) एवं कोरबा पूर्व में उपलब्ध रिक्त भूमि में 500 मेगावाट-ऑवर बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (4 अवर X 125 मेगावाट) लगाने की परियोजना प्रस्तावित है।
विभिन्न प्रयासों से छत्तीसगढ़ को आने वाले वर्षों में देश की ऊर्जा राजधानी बनाने की बड़ी कार्ययोजना बनाई गई है। जिसके अनुसार छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर जनरेशन कंपनी, राष्ट्रीय सार्वजनिक उपक्रमों तथा अन्य स्वतंत्र ऊर्जा उत्पादकों के सहयोग से प्रदेश में 32 हजार 100 मेगावाट क्षमता के बिजलीघर लगाने हेतु एम.ओ.यू किये गये है तथा इन परियोजनाओं के क्रियान्वयन का कार्य विभिन्न स्तरों पर प्रचलन में है।
प्रदेश में कुल 32 हजार 100 मेगावाट क्षमता के जो बिजलीघर स्थापित किये जाने है, उनमें ताप विद्युत 12 हजार 100 मेगावाट, न्यूक्लियर संयंत्र – 4 हजार 200 मेगावाट, सौर ऊर्जा फ्लोटिंग के साथ 2 हजार 500 मेगावाट, पंप स्टोरेज परियोजना – 13 हजार 300 मेगावाट) के पारंपरिक (ताप विद्युत) एवं गैर पारंपरिक (न्यूक्लियर, सौर ऊर्जा एवं पम्प स्टोरेज) परियोजनाओं को सम्मिलित करते हुए प्रदेश में लगभग 3.4 लाख करोड़ रूपये का निवेश हेतु समझौता ज्ञापन (एम.ओ.यू.) निष्पादित किये गए हैं। जिसमें भारत सरकार के उपक्रम मेसर्स एनटीपीसी, सतलज जल विद्युत निगम, टिहरी जल विद्युत निगम, छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत उत्पादन कंपनी के अलावा अदाणी, जिंदल, रिन्यू विद्युत तेज प्राइवेट लिमिटेड आदि संस्थाएं सम्मिलित हैं।
छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर जनरेशन कंपनी द्वारा 660-660 मेगावाट की दो सुपर क्रिटिकल ताप विद्युत उत्पादन इकाईयां कोरबा पश्चिम में स्थापित करने की दिशा में कार्य प्रगति में है। वहीं 800 मेगावाट की एक सुपर क्रिटिकल थर्मल पॉवर स्टेशन इकाई मड़वा में स्थापित करने की पहल की जा रही है। ये दोनों परियोजनाएं भविष्य में राज्य में ताप विद्युत उत्पादन में बड़ी भूमिका अदा करेगी।
इस तरह वर्तमान स्थापित क्षमता को आगामी वर्षों में दोगुना से अधिक करने की दिशा में ठोस कदम उठाये गये है जिसमें ताप विद्युत के अतिरिक्त न्यूक्लियर एनर्जी, पंप स्टोरेज जल विद्युत, सोलर एनर्जी का मिश्रण होगा जो प्रणाली के सुचारू संचालन में मददगार होगा।
छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी



छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर कंपनीज की 3 वर्षों की कार्ययोजना –
बस्तर क्षेत्र में ऑफ ग्रिड से विद्युतीकृत 524 ग्रामों का ग्रिड आधारित विद्युतीकरण
150 नये 33/11 के.वी. उपकेन्द्र एवं विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत 11/0.4 के.वी. के 12,000 डिस्ट्रीब्यूशन ट्रांसफार्मर स्थापित किया जाना प्रस्तावित
राजधानी रायपुर के मध्य में सघन बसाहट वाले क्षेत्र नयापारा में 20 एमवीए। क्षमता का राज्य का प्रथम जी.आई.एस. 33/11 के.वी. उपकेन्द्र लागत राशि रू. 18 करोड प्रस्तावित
मुख्यमंत्री विद्युतीकरण योजना के अंतर्गत राजधानी रायपुर एवं न्यायधानी बिलासपुर को ओवरहेड लाईनों को अण्डरग्राउण्ड करना
राजधानी रायपुर की ओव्हरहेड बिजली तारों (5394 कि.मी.) को अंडर ग्राउण्ड केबल में परिवर्तित करने हेतु व्यय रू. 7600 करोड़ अनुमानित
न्यायधानी बिलासपुर की ओव्हरहेड बिजली तारों (2150 कि.मी.) को अंडर ग्राउण्ड केबल में परिवर्तित करने हेतु व्यय रू. 3100 करोड़ अनुमानित
पीक ऑवर्स डिमांड की पूर्ति हेतु वर्ष 2027-28 तक 2000 MWh क्षमता के बैटरी स्टोरेज सिस्टम स्थापित कर लिये जाएगे वर्तमान में 1260 MWh क्षमता के बैटरी स्टोरेज सिस्टम हेतु निविदा आमंत्रित की गई हैं

प्रदेश का प्रथम जी.आई.एस. (गैस इन्सुलेटेड) 400/132 के.वी. उपकेन्द्र को पूर्ण कर ऊर्जीकृत किया जावेगा (कुनकुरी में)
41 नग नये अति उच्चदाब उपकेन्द्र (132 के.वी. एवं अधिक) ऊर्जीकृत किये जाएंगे
टी.बी.सी.बी. मोड में छत्तीसगढ़ की प्रथम पारेषण परियोजना 400/220 के.वी. पिथौरा उपकेन्द्र व संबंद्ध पारेषण लाईनों को ऊर्जीकृत किया जावेगा
लगभग 500 डाटा एन्ट्री ऑपरेटर के पदों पर भर्ती प्रक्रिया पूर्ण कर रोजगार उपलब्ध कराया जावेगा
उत्पादन कंपनी द्वारा कोरबा पूर्व में उपलब्ध रिक्त भूमि में प्रथम चरण में 500 MWh (4×125 मेगावाट) बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) की स्थापना
उत्पादन कंपनी द्वारा अटल बिहारी ताप विद्युत गृह मड़वा में स्थित जलाशय में 06 मेगावाट (24 MWh) के फ्लोटिंग सोलर परियोजना (बैटरी स्टोरेज के साथ) की स्थापना
उत्पादन कंपनी द्वारा बंद राखड बांध पर 32 मेगावाट (130 MWh) के सौर परियोजना (बैटरी स्टोरेज के साथ) कोरबा क्षेत्र में स्थापना
नवा रायपुर अटल नगर में विद्युत् कंपनियों के संयुक्त मुख्यालय भवन का निर्माण पूर्ण कर कार्यालय स्थानान्तरण

प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महा-अभियान (पीएम जनमन) अत्यंत पिछड़ी जनजातियों अबुझमाड़िया, बैगा, भारिया, पहाड़ी कोरवा, कमार, सहरिया, बिरहोर के 7,160 घरों में 37 करोड़ रु. की लागत से ग्रिड की बिजली पहुंचाने में देश में अव्वल ।
धरती आबा जनजाति ग्राम उत्कर्ष अभियान 28 जिलों की 6,863 बसाहटों के 65,711 घरों में बिजली कनेक्शन देने की योजना, परियोजना लागत 324 करोड़ रु.। कार्यपूर्ण 11,720 आवास ।
डॉ. खूबचंद बघेल किसान विद्युत सहायता योजना कृषि पंपों को निःशुल्क
विद्युत प्रदाय हेतु 2 तरीके (1) अनुसूचित जाति/जनजाति किसानों को पूर्णतः निःशुल्क बिजली. (2) अन्य सामान्य वर्ग के किसानों को खपत आधारित व फ्लैट रेट पर रियायती दर पर बिजली प्रदाय । लाभान्वित किसान 8.30 लाख । सब्सिडी बजट 5,400 करोड़ रू.।
बीपीएल कनेक्शनों को निःशुल्क बिजली 30 यूनिट प्रतिमाह मुफ्त बिजली / लाभान्वित उपभोक्ता 14.99 लाख / सब्सिडी राशि 496 करोड़ रु. ।
नियद नेल्लानार योजना नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा कैंपों के निकट विद्युतीकरण। विद्युतीकृत गांव 151। विद्युतीकृत आवास 15,819 |
मुख्यमंत्री ऊर्जा राहत जन-अभियान (एम-ऊर्जा) घरेलू उपभोक्ताओं को प्रतिमाह 400 यूनिट तक की विद्युत खपत पर प्रथम 200 यूनिट में बिल की राशि में 50 प्रतिशत की छूट








