
DPI नवा रायपुर। छत्तीसगढ़ के शिक्षा विभाग में दागी शिक्षकों और कर्मचारियों पर अब लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। DPI ने प्रदेश के सभी संभागीय संयुक्त संचालकों (JD) और जिला शिक्षा अधिकारियों (DEO) को कड़ा फरमान जारी कर पिछले 6 महीनों के दौरान हुए निलंबन, बहाली और विभागीय जांच के प्रकरणों की पूरी कुंडली मांगी है। विभाग के इस कदम से उन अधिकारियों में हड़कंप मचा है जो पिछले दरवाजे से बहाली का खेल कर रहे थे।
3 दिन के भीतर मांगी गई जानकारी
DPI द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि विगत 6 माह के दौरान जितने भी शैक्षणिक और गैर-शैक्षणिक लोक सेवकों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई है, उनकी विस्तृत जानकारी तीन दिवस के भीतर अनिवार्य रूप से संचालनालय को उपलब्ध कराई जाए। इसमें निलंबन के बाद कितनी बहालियां हुईं और वर्तमान में कितनी विभागीय जांच लंबित हैं, इसका पूरा लेखा-जोखा मांगा गया है।
जांच के लिए नई समय-सीमा तय: 3 से 6 महीने में होगा फैसला
प्रशासनिक शिथिलता को खत्म करने के लिए DPI ने विभागीय जांच (DE) की रफ्तार बढ़ाने के लिए नई गाइडलाइन भी जारी की है। अब जांच अधिकारियों को तय समय में केस क्लोज करना होगा:
- मेजर पेनल्टी (गंभीर मामले): अधिकतम 6 महीने के भीतर जांच पूरी करनी होगी।
- माइनर पेनल्टी (सामान्य मामले): केवल 3 महीने के भीतर निराकरण अनिवार्य होगा।
जांच अधिकारियों पर भी गिरेगी गाज
नई व्यवस्था की सबसे बड़ी बात यह है कि अब केवल आरोपी कर्मचारी ही नहीं, बल्कि जांच में देरी करने वाले जांच अधिकारी (IO) भी जवाबदेह होंगे। यदि समय-सीमा के भीतर जांच पूरी नहीं होती है, तो संबंधित अधिकारी को ठोस कारण बताने होंगे। लापरवाही पाए जाने पर उनके खिलाफ भी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
पदोन्नति पर रोक और विशेष सेल का गठन
पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए विभाग ने ‘इंटिमेशन सिस्टम’ लागू किया है। इसके तहत जब तक जांच लंबित रहेगी, संबंधित कर्मचारी को पदोन्नति या अन्य सेवा लाभ नहीं मिलेंगे। साथ ही, मुख्यालय स्तर पर एक विशेष सेल का गठन किया गया है जो हर 15 दिन में डैशबोर्ड के माध्यम से लंबित मामलों की समीक्षा करेगा।
माना जा रहा है कि इस सख्ती के बाद उन मामलों की पोल खुलेगी जहां गंभीर आरोपों के बावजूद शिक्षकों को चंद दिनों में बहाल कर दिया गया था। अब DPI खुद इन रिपोर्टों की समीक्षा कर सख्त एक्शन लेने की तैयारी में है।






