
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में आने वाले दिनों में बिजली व्यवस्था ठप होने और ब्लैकआउट का बड़ा खतरा मंडरा रहा है। छत्तीसगढ़ बिजली कर्मचारी संघ महासंघ द्वारा अपनी लंबित मांगों को लेकर प्रदेशव्यापी आंदोलन का बिगुल फूंक दिया गया है। इसी कड़ी में आज, 8 जुलाई 2026 को बिलासपुर रीजन के क्षेत्रीय कार्यालय में बड़ी संख्या में अधिकारियों और कर्मचारियों ने एकत्रित होकर छत्तीसगढ़ पॉवर कंपनी, रायपुर के अध्यक्ष के नाम एक ज्ञापन सौंपा।

10 जुलाई को रायपुर में महाआंदोलन, 17 अगस्त से चक्काजाम की तैयारी
संघ ने साफ कर दिया है कि यदि प्रबंधन ने उनकी न्यायोचित मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो आंदोलन उग्र रूप अख्तियार करेगा। इसके तहत 10 जुलाई 2026 को रायपुर में एक विशाल आमसभा और विरोध प्रदर्शन का आयोजन किया जा रहा है। वहीं, मांगें पूरी न होने पर 17 अगस्त 2026 से प्रदेशभर में अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी जाएगी।

कर्मचारियों के सब्र का बांध टूटा: दिग्गज नेताओं ने भरी हुंकार
क्षेत्रीय कार्यालय के सामने आयोजित सभा में दिग्गज कर्मचारी नेताओं ने पावर कंपनी के खिलाफ जमकर हुंकार भरी:
- प्रदेश अध्यक्ष संजय तिवारी ने कहा, “बिजली कर्मचारियों की मांगें लंबे समय से लंबित हैं। यदि प्रबंधन ने अब भी अनदेखी की, तो आंदोलन को और अधिक व्यापक व उग्र रूप दिया जाएगा।”
- प्रदेश महामंत्री नवरतन बरेठ ने एकता को सबसे बड़ी ताकत बताते हुए आह्वान किया, “10 जुलाई को रायपुर में होने वाली ऐतिहासिक आमसभा में बिलासपुर रीजन से रिकॉर्ड संख्या में कर्मचारी पहुंचें।”
- क्षेत्रीय उपाध्यक्ष कु. कविता विश्वकर्मा ने प्रबंधन को चेताया कि कर्मचारियों के हितों की अनदेखी से विभाग में असंतोष की भावना तेजी से बढ़ रही है।
- क्षेत्रीय अध्यक्ष रामायण सूर्यवंशी और सचिव रविकांत ठाकुर ने बिलासपुर रीजन के साथियों की एकजुटता की सराहना करते हुए आंदोलन के हर चरण में सक्रिय रहने की अपील की।
- विशेष आमंत्रित सदस्य संतोष शर्मा ने भी कर्मचारियों से कंधे से कंधा मिलाकर संघर्ष करने की बात कही।

इस गरिमामय और प्रभावी कार्यक्रम का संचालन रामेश्वर मानिकपुरी द्वारा किया गया। ज्ञापन सौंपने के दौरान बिलासपुर क्षेत्र के सैकड़ों की संख्या में बिजली अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे, जिन्होंने एक सुर में आर-पार की लड़ाई का संकल्प लिया।







