
रायपुर (chaturpost.com)। छत्तीसगढ़ में शहर सरकार के लिए चुनावी बिसात बिछनी शुरू हो गई है। राज्य में आगामी दिसंबर 2026 में प्रस्तावित नगरीय निकायों के आम और उप निर्वाचन (CG Urban Body Elections 2026) को लेकर प्रशासनिक तैयारियां बेहद तेज हो गई हैं। छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयोग, नवा रायपुर में राज्य निर्वाचन आयुक्त अजय सिंह की अध्यक्षता में एक हाई-लेवल समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
इस महत्वपूर्ण बैठक में नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के आला अधिकारियों के साथ चुनाव की तैयारियों की कमान संभालते हुए राज्य निर्वाचन आयुक्त ने सभी आवश्यक शासकीय प्रक्रियाओं को कड़े रुख के साथ निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने के कड़े निर्देश दिए हैं।
4 निगम और 5 नगरपालिकाओं समेत 15 निकायों का खत्म हो रहा कार्यकाल
वास्तव में, इस बार का नगरीय निकाय चुनाव बेहद दिलचस्प होने वाला है क्योंकि कई बड़े और हाई-प्रोफाइल शहरों की सत्ताओं का फैसला जनता करने वाली है। बैठक में दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, प्रदेश की कुल 15 ऐसी नगरीय निकाय हैं जिनका कार्यकाल दिसंबर 2026 में समाप्त हो रहा है।
इसके परिणामस्वरूप, इन सभी प्रमुख शहरों और नवगठित क्षेत्रों में स्थानीय नेताओं ने अपनी जमीन मजबूत करनी और टिकट के लिए दावेदारी पेश करनी अभी से शुरू कर दी है।
निकायों की पूरी सूची (यहाँ होगा चुनाव):
- नगरपालिक निगम (04):
- भिलाई
- बीरगांव
- भिलाई-चरौदा
- रिसाली
- नगरपालिका परिषद (05):
- जामुल
- सारंगढ़
- बैकुण्ठपुर
- शिवपुर-चरचा
- खैरागढ़
- नगर पंचायत (06):
- प्रेमनगर
- मारो
- कोंटा
- नरहरपुर
- भैरमगढ़
- भोपालपट्टनम
- नवगठित नगर पंचायत (02):
- तमनार
- बड़ी करेली
महापौर और अध्यक्ष पदों का आरक्षण पूर्ण, वार्डों पर मंथन जारी
इसके अतिरिक्त, बैठक के दौरान नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग की सचिव श्रीमती आर. संगीता ने राज्य निर्वाचन आयोग को निकायों के परिसीमन (Delimitation) और आरक्षण (Reservation) की वर्तमान प्रगति से अवगत कराया।
विभागीय रिपोर्ट के मुताबिक, चुनावी तैयारियों का पहला बड़ा चरण पूरा कर लिया गया है। प्रदेश के इन 15 नगरीय निकायों में महापौर (Mayor) एवं अध्यक्ष पदों का आरक्षण पूर्ण किया जा चुका है। वर्तमान में वार्ड पार्षदों के आरक्षण की प्रक्रिया तेजी से जारी है। इसके साथ ही, नवगठित नगर पंचायत तमनार में वार्ड आरक्षण तथा बड़ी करेली में वार्ड परिसीमन एवं आरक्षण की वैधानिक कार्रवाई प्रगति पर है। विभाग ने दो वार्ड पार्षद पदों पर होने वाली आकस्मिक रिक्तियों (उपचुनाव) का डेटा भी आयोग के समक्ष प्रस्तुत किया है।
निष्पक्ष और समयबद्ध चुनाव के लिए राज्य निर्वाचन आयोग सख्त
निश्चित रूप से, दिसंबर में होने वाले इन चुनावों को पूरी तरह पारदर्शी, त्रुटिहीन और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराना राज्य निर्वाचन आयोग के लिए एक बड़ी चुनौती है। बैठक में राज्य निर्वाचन आयोग की सचिव श्रीमती शिखा राजपूत, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के संचालक सहित कई वरिष्ठ विभागीय अधिकारी मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
यही कारण है कि, राज्य निर्वाचन आयुक्त अजय सिंह ने अधिकारियों को दोटूक शब्दों में कहा है कि समयबद्धता और निष्पक्षता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। सभी तकनीकी और प्रशासनिक तैयारियों को रीयल-टाइम मॉनिटर किया जा रहा है ताकि जब आचार संहिता लागू हो, तब तक पूरा अमला इलेक्शन मोड में आ चुका हो।
चतुरपोस्ट विश्लेषण: क्यों खास है यह चुनाव? (Expert Analysis)
अंततः, दिसंबर 2026 में होने वाले ये नगरीय निकाय चुनाव (CG Urban Body Elections 2026) राज्य की सियासत का रुख तय करेंगे। खासकर भिलाई, रिसाली और भिलाई-चरौदा जैसे बड़े औद्योगिक और शहरी निगमों में होने वाला चुनाव सत्ताधारी दल और विपक्ष दोनों के लिए अपनी जमीनी पकड़ साबित करने का लिटमस टेस्ट होगा। इसके अलावा तमनार और बड़ी करेली जैसी नई नगर पंचायतों के गठन के बाद वहां के मतदाता पहली बार अपनी स्थानीय सरकार चुनेंगे, जिससे विकास कार्यों को नया डिजिटल और प्रशासनिक ढांचा मिलेगा।







