
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में मंत्रालय में चल रही राज्य कैबिनेट की बैठक खत्म हो गई है। 13 जुलाई से शुरू हो रहे विधानसभा के मानसून सत्र के पहले हो रही इस बैठक को महत्वपूर्ण माना जा रहा था। राज्य कैबिनेट ने आज कुछ बड़े फैसले लिए हैं।
कैबिनेट में लिए गए निर्णयों की जानकारी देते हुए डिप्टी सीएम अरुण साव ने बताया कि मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में मंत्रिपरिषद ने
रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज महानदी भवन (मंत्रालय) में कैबिनेट की एक बेहद महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में राज्य के विकास, औद्योगिक निवेश, युवाओं के रोजगार और प्रशासनिक सरलीकरण को लेकर 11 बड़े और ऐतिहासिक फैसले लिए गए हैं। इस कैबिनेट में छत्तीसगढ़ ने ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ को लेकर देश का पहला ऐसा कानून लाने का फैसला किया है, जो देश के किसी अन्य राज्य में नहीं है।
आइए जानते हैं साय कैबिनेट के वे 11 फैसले, जो छत्तीसगढ़ की दशा और दिशा बदलेंगे:
1. बिजली भुगतान के लिए RBI की ‘डायरेक्ट डेबिट मैंडेट’ व्यवस्था को मंजूरी
केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के विद्युत उपक्रमों (CPSUs जैसे- NTPC) से खरीदी जा रही बिजली के भुगतान की सुरक्षा के लिए अब त्रिपक्षीय अनुबंध के स्थान पर आरबीआई के दिशा-निर्देशों के अनुरूप डायरेक्ट डेबिट मैंडेट (DDM) व्यवस्था लागू होगी। इससे राज्य पर कोई अतिरिक्त वित्तीय भार नहीं आएगा और बिजली आपूर्ति बिना रुके लगातार जारी रहेगी।
2. ‘बस्तर फाइटर्स’ भर्ती नियमों में संशोधन
कैबिनेट ने छत्तीसगढ़ पुलिस विशेष कार्यपालिक बल (बस्तर फाइटर्स), फाइटर आरक्षक सेवा (भर्ती तथा सेवा की शर्तें) नियम, 2026 में महत्वपूर्ण संशोधन को मंजूरी दे दी है। इससे स्थानीय युवाओं की भर्ती प्रक्रिया और अधिक सुगम होगी।
3. प्राइवेट यूनिवर्सिटी एक्ट में बदलाव, छात्रों का भविष्य होगा सुरक्षित
छत्तीसगढ़ निजी विश्वविद्यालय (स्थापना एवं संचालन) (संशोधन) विधेयक, 2026 के प्रारूप को मंजूरी दी गई है। अब निजी विश्वविद्यालयों में ‘विनियास निधि’ की जगह रक्षित निधि का प्रावधान होगा। साथ ही इंफ्रास्ट्रक्चर और लाइब्रेरी को यूजीसी मानकों के अनुरूप अनिवार्य किया गया है।
4. छत्तीसगढ़ वाणिज्यिक कर अधिकरण (वैट ट्रिब्यूनल) समाप्त
जीएसटी लागू होने के बाद वैट अपीलों में भारी कमी आई है। राज्य में जीएसटी अपीलीय न्यायाधिकरण (GSTAT) बनने के बाद अब पृथक वाणिज्यिक कर अधिकरण की जरूरत नहीं रह गई थी, इसलिए इसे समाप्त करने का निर्णय लिया गया है। अब लंबित मामले राजस्व मंडल को ट्रांसफर होंगे।
5. कारोबारियों और निर्यातकों के लिए GST कानून हुआ सरल
छत्तीसगढ़ माल एवं सेवा कर (संशोधन) विधेयक, 2026 के प्रारूप को मंजूरी दी गई है। इसका मुख्य उद्देश्य निर्यातकों और इनवर्टेड ड्यूटी स्ट्रक्चर वाले उद्योगों के लिए रिफंड प्रक्रिया को तेज, पारदर्शी और आसान बनाना है।
6. औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन विधेयक मंजूर, बढ़ेगा रोजगार
राज्य में बड़े निवेशकों को आकर्षित करने के लिए छत्तीसगढ़ औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन (संशोधन) विधेयक, 2026 को मंजूरी दी गई है। इसे अन्य अग्रणी राज्यों की बेस्ट इंडस्ट्रियल पॉलिसी का अध्ययन करके तैयार किया गया है।
7. देश का पहला ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ विधेयक लाने वाला राज्य बना छत्तीसगढ़
कारोबार और उद्योग स्थापित करने की प्रक्रियाओं को डिजिटल और समयबद्ध बनाने के लिए छत्तीसगढ़ ईज ऑफ डूइंग बिजनेस (विनिमय-मुक्ति एवं सुविधा) विधेयक, 2026 को मंजूरी दी गई। ऐसा कानून लाने वाला छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य है। इसके तहत डीम्ड परमिशन, स्व-प्रमाणीकरण, और दोहरे लाइसेंसिंग की अनिवार्यता खत्म होगी।
8. नवा रायपुर में वन टाइम सेटलमेंट (OTS) योजना-2026 लागू
नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण (NRDA) द्वारा आबंटित भूखंडों एवं निर्मित परिसरों पर देय ब्याज और अधिभार (Surcharge) में राहत देने के लिए ओटीएस योजना को मंजूरी दी गई है। इससे मुकदमेबाजी कम होगी और लोग आसानी से बकाया चुकाकर काम पूरा कर सकेंगे या भूमि सरेंडर कर सकेंगे।
9. जल प्रदूषण निवारण संशोधन अधिनियम, 2024 अंगीकार
केंद्र सरकार के जल (प्रदूषण निवारण तथा नियंत्रण) संशोधन अधिनियम, 2024 को राज्य में लागू करने के लिए विधानसभा में संकल्प लाया जाएगा। इसके तहत छोटे उल्लंघनों को अपराध की श्रेणी से हटाकर केवल आर्थिक दंड का प्रावधान किया गया है, जिससे उद्योगों को राहत मिलेगी।
10. खाली मकानों को किराए पर देने के लिए नया ‘भाड़ा नियंत्रण कानून’
मकान मालिकों और किरायेदारों के विवादों के त्वरित निपटारे के लिए छत्तीसगढ़ भाड़ा नियंत्रण अधिनियम, 2011 में संशोधन विधेयक, 2026 को मंजूरी दी गई है। यह भारत सरकार के आदर्श किरायेदारी अधिनियम, 2021 के अनुरूप है। इसमें दोनों पक्षों के अधिकार स्पष्ट किए गए हैं ताकि खाली पड़े मकानों को लोग बिना डर के किराए पर दे सकें।
11. राजनांदगांव को सौगात: बनेगा 2000 सीटों वाला आधुनिक ऑडिटोरियम
राजनांदगांव में सांस्कृतिक और कलात्मक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए 2000 सीट की क्षमता वाले एक भव्य और आधुनिक ऑडिटोरियम के निर्माण हेतु शासकीय भूमि के आबंटन को हरी झंडी दे दी गई है।
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