
रायपुर। छत्तीसगढ़ के शासकीय अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के दावों के बीच एक बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आई है । प्रदेश के सरकारी चिकित्सालयों में डॉक्टरों, विशेषज्ञ सर्जनों, स्टाफ नर्सों और ग्रामीण चिकित्सा सहायकों की भारी कमी बनी हुई है । छत्तीसगढ़ विधानसभा के मौजूदा मानसून सत्र (Monsoon Session) में स्वास्थ्य विभाग के रिक्त पदों को लेकर पूछे गए एक सवाल के लिखित जवाब में सरकार ने खुद आधिकारिक आंकड़े प्रस्तुत किए हैं । विभाग द्वारा जारी रिपोर्ट के मुताबिक, पूरे राज्य में स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत कुल 9,392 पद रिक्त पड़े हैं, जिसके कारण ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों की स्वास्थ्य व्यवस्था (Healthcare System) पर गहरा असर पड़ रहा है ।
विधानसभा में गूंजा स्वास्थ्य स्टाफ की कमी का मुद्दा: उमेश पटेल का सवाल
विधानसभा के इस सत्र में विधायक श्री उमेश पटेल ने अतारांकित प्रश्न संख्या 9 (क्रमांक 348) के माध्यम से प्रदेश के चिकित्सालयों में डॉक्टरों, विशेषज्ञ डॉक्टरों, प्रशिक्षित नर्सों और अन्य स्टाफ की स्थिति पर विस्तृत जानकारी मांगी थी । उन्होंने सरकार से सीधा सवाल किया था कि प्रदेश में डॉक्टरों और स्टाफ की कमी के कारण स्वास्थ्य व्यवस्था पर क्या प्रभाव पड़ रहा है, और इन रिक्त पदों (Vacant Posts) को भरने के लिए सरकार द्वारा क्या ठोस उपाय (Remedial Measures) किए जा रहे हैं।
इस महत्वपूर्ण सवाल का जवाब देते हुए छत्तीसगढ़ के लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने सदन पटल पर विभाग की जिलेवार वास्तविक स्थिति का ब्योरा रखा। स्वास्थ्य मंत्री ने स्वीकार किया कि प्रदेश में बड़े पैमाने पर डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ की कमी है, लेकिन साथ ही उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि सरकार इन पदों को भरने के लिए लगातार पारदर्शी प्रक्रिया (Recruitment Process) अपना रही है।
पदों का गणित: विशेषज्ञ डॉक्टरों के 80 फीसदी से ज्यादा पद खाली
स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्रस्तुत किए गए आंकड़ों का विश्लेषण करें तो राज्य में सबसे गंभीर स्थिति चिकित्सा विशेषज्ञों (Medical Specialists) की है । प्रदेश भर में विशेषज्ञ डॉक्टरों के स्वीकृत कुल 2,025 पदों में से केवल 408 पदों पर ही डॉक्टर कार्यरत हैं, जबकि 1,626 पद खाली हैं । यानी लगभग 80 प्रतिशत से अधिक विशेषज्ञों के पद रिक्त हैं । इसके अलावा अस्पतालों की रीढ़ मानी जाने वाली स्टाफ परिचारिका (Staff Nurse) के स्वीकृत 6,827 पदों में से 2,745 पद रिक्त हैं।
मुख्य सांख्यिकी हाइलाइट (Statewide Summary Box):
- चिकित्सा विशेषज्ञ (Specialists): कुल 2025 स्वीकृत | 408 कार्यरत | 1626 रिक्त
- चिकित्सा अधिकारी (Medical Officers): कुल 2699 स्वीकृत | 2391 कार्यरत | 308 रिक्त
- स्टाफ नर्स (Staff Nurses): कुल 6827 स्वीकृत | 4082 कार्यरत | 2745 रिक्त
- ग्रामीण चिकित्सा सहायक (RMA): कुल 817 स्वीकृत | 624 कार्यरत | 193 रिक्त
- कुल प्रशिक्षित स्टाफ सहित पद: कुल 22605 स्वीकृत | 13213 कार्यरत | 9392 रिक्त
रिक्त पदों को भरने के लिए सरकार का क्या है एक्शन प्लान?
स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने विधानसभा में बताया कि इन रिक्तियों के बावजूद आम जनता को बेहतर चिकित्सा लाभ देने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था (Alternative Arrangement) सुनिश्चित की जा रही है। सरकार ने अपनी कार्ययोजना (Action Plan) साझा करते हुए निम्नलिखित बिंदुओं की जानकारी दीः
बस्तर और सरगुजा संभाग पर विशेष फोकसः आदिवासी बहुल और सुदूर संभागों के लिए चिकित्सा विशेषज्ञ के 100 तथा चिकित्सा अधिकारी के 100 यानी कुल 200 रिक्त पदों को सीधे लोक सेवा आयोग (CG PSC) के माध्यम से त्वरित रूप से भरे जाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी भर्तीः अस्पतालों के सुचारू संचालन के लिए तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के कुल 525 रिक्त पदों पर सीधी भर्ती की विभागीय कार्यवाही वर्तमान में प्रक्रियाधीन (Under Process) है।
संविदा एवं बांड आधारित नियुक्तियांः डॉक्टरों की तात्कालिक कमी को दूर करने के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (National Health Mission – NHM) के तहत संविदा नियुक्तियां की गई हैं। साथ ही मेडिकल कॉलेजों से पास आउट होने वाले डॉक्टरों को बांड के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में अनिवार्य रूप से पदस्थ किया जा रहा है।
टेलीमेडिसिन का सहाराः सुदूर वनांचल क्षेत्रों में जहां विशेषज्ञ डॉक्टर भौतिक रूप से उपलब्ध नहीं हैं, वहां आधुनिक टेलीमेडिसिन (Telemedicine Support) नेटवर्क के माध्यम से जिला अस्पतालों और रायपुर के विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा ऑनलाइन परामर्श और चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।
भर्ती की समय-सीमा पर सरकार का बयानः ‘यह निरंतर प्रक्रिया है’
विपक्षी सदस्यों द्वारा रिक्त पदों को पूर्ण रूप से भरे जाने की निश्चित समय-सीमा (Timeline) के सवाल पर स्वास्थ्य मंत्री ने स्पष्ट किया कि चिकित्सा सेवाओं में मानव संसाधन का सेवानिवृत्त होना, इस्तीफा देना और नए पदों का सृजन होना एक सतत चक्र है। इसलिए रिक्त पदों को भरने की कार्यवाही एक निरंतर चलने वाली प्रक्रिया (Continuous Process) है, जिसके लिए कोई एक निश्चित समय-सीमा तय करना व्यावहारिक रूप से संभव नहीं है। बहरहाल, सरकार का पूरा प्रयास है कि जल्द से जल्द प्रमुख पदों को भरकर स्वास्थ्य सेवाओं को दुरुस्त किया जाए ताकि CG Health Department Recruitment के माध्यम से युवाओं को रोजगार और जनता को उपचार दोनों मिल सके।








