
CSEB रायपुर। प्रधानपमंत्री सूर्यघर योजना के तहत रूफटॉप लगाने पंजीयन नहीं कराने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों की बिजली बिल में रियायत बंद करने पावर कंपनी प्रबंधन के फैसले का चौतरफा विरोध हो रहा है। कर्मचारियों के बाद अब अभियंताओं ने भी मोर्चा खोल दिया है। अभियंता संघ ने सभी क्षेत्रीय अफसरों को पावर कंपनी के चेयरमैन के नाम ज्ञापन सौंपकर रियायत बंद करने के आदेश को वापस लेने की मांग की है।
पंजीयन नहीं कराने वालों की रियायत बंद
पावर वितरण कंपनी प्रबंधन ने पीएम सूर्य घर योजना के तहत अपने-अपने आवासों में रूफटॉप लगाना अनिवार्य कर दिया है। सूर्यघर पोर्टल में पंजीयन नहीं कराने वाले अधिकारियों, अभियंताओं और कर्मचारियों की बिजली बिल में मिलने वाली रियायत को इस माह से बंद कर दिया है।
कर्मचारी संगठन पहले से कर रहे हैं विरोध
प्रबंधन के इस फैसले से बवाल मचा हुआ है। रियायत बंद करने के फैसले पर कर्मचारी-अधिकारी संगठन सवाल भी उठा रहे हैं। फैसले का कड़ा विरोध हो रहा है। कर्मचारियों के बाद अब अभियंताओं ने भी मोर्चा खोल दिया है।
संघ की सभी इकाईयों की हुई बैठक
छत्तीसगढ़ विद्युत मंडल अभियंता संघ की शुक्रवार को सभी क्षेत्रीय इकाई के साथ केन्द्रीय इकाई की बैठक हुई। जिसके बाद क्षेत्रीय इकाई से लेकर मुख्यालय स्तर के अधिकारियों को चेयरमैन के नाम ज्ञापन सौंपकर रियायत बंद करने संबंधी आदेश वापस लेने की मांग की।
दबाव डालने का विरोध
अभियंता संघ ने कहा कि बिजली बिल में कर्मचारियों अधिकारियों को रियायत देने की व्यवस्था अविभाजित मध्यप्रदेश के समय से है। उक्त सेवा शर्तों में बदलाव किए जाने से कर्मचारी-अधिकारी ठगा सा महसूस कर रहे हैं। संघ का मानना है कि इस योजना को लागू कराने के लिए समस्त अधिकारी-कर्मचारी कटिबद्ध हैं परंतु इस प्रकार रियायत बंद कर दबाव डालना कंपनी के लिए हितकर नहीं है।
चेयरमैन से मिलने की तैयारी
संघ ने बिल में मिलने वाली रियायत बंद करने के आदेश को तत्काल निरस्त करने की मांग कंपनी प्रबंधन से की है। अभियंता संघ के पदाधिकारी अगले सप्ताह कंपनी के चेयरमैन और प्रबंधन से चर्चा करेंगे। सभी क्षेत्रीय इकाई के कार्यपालक निदेशकों और नि मुख्य अभियंताओं के अलावा मुख्यालय में तीनों कंपनियों के कार्यपालक निदेशक संचारण-संधारण एवं एचआर को चेयरमैन के नाम ज्ञापन सौंपा गया।




